पाकिस्तान के उत्तरी हिस्से में मंगलवार को आए भूकंप भारी तबाही मचाई है। पाक मौसम विभाग के मुताबिक, पंजाब प्रांत के झेलम में 5.8 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया था। इसका केंद्र जमीन से 10 किमी नीचे था। हालांकि, पाक के मंत्री फवाद चौधरी ने बताया कि भूकंप की तीव्रता 7.1 थी। इस भूकंप का सबसे ज्यादा नुकसान पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में रहने वाले लोगों को उठाना पड़ा। सिर्फ पीओके में इस भूकंप की वजह से 19 लोगों की मौत हुई है जिससे वहां मातम का माहौल पसरा हुआ है। भूकंप की वजह से सबसे ज्यादा तबाही पीओके के मीरपुर में हुई है। वहां के संभागीय आयुक्त चौधरी मोहम्मद तैयब के मुताबिक मीरपुर में भूकंप की चपेट में आने से 26 लोग मारे गए हैं। इनमें तीन बच्चे भी शामिल हैं। इलाके के जतलान नाम के गांव में दस लोगों की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि तीन सौ से अधिक लोग घायल हुए हैं जिनमें से 35 की हालत गंभीर है।
मीरपुर के उपायुक्त राजा कैसर के मुताबिक भूकंप के बाद मीरपुर में कई मकान ढह गये। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में एक मस्जिद का काफी हिस्सा ढह गया जो कि भूकंप से बुरी तरह से प्रभावित है। पीओके में अस्पतालों में आपात स्थिति घोषित की गई है। मीरपुर में सड़कें बुरी तरह से क्षतिग्रस्त नजर आ रही हैं। कई वाहन पलटे हुए हैं। कई कारें भूकंप से सड़कों पर बने गहरे गड्ढों में गिर गईं। मीरपुर में सरकारी प्रसारण भवन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। अधिकारियों ने बताया कि मीरपुर के निकट स्थित पाकिस्तान का प्रमुख जलाशय मंगला बांध सुरक्षित है। मंगला बांध बिजली घर को बंद कर दिया गया है जिससे राष्ट्रीय ग्रिड को 900 मेगावाट बिजली की आपूर्ति बंद हो गई है।
पाकिस्तान के पेशावर, रावलपिंडी, लाहौर, स्कर्दू, कोहाट, चारसद्दा, कौसर, फैसलाबाद, सियालकोट, एबटाबाद, मनशेरा, छितराल, मलकांड, मुल्तान, शांगला, ओकारा, नौशेरा, ऐटक और झांग में भूकंप के झटके महसूस किए गए।
भूकंप के तेज झटकों ने तो वैसे पाकिस्तान के ज्यादातर हिस्सों को हिला कर रख दिया लेकिन पीओके में यह लोगों पर आफत बनकर टूटा। इस भीषण प्राकृतिक आपदा की वजह से अब तक पाकिस्तान और PoK में 31 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 300 से ज्यादा लोग घायल हुए है। इस बात की पुष्टि खुद पाकिस्तान के गृह विभाग ने की है।
पाक मीडिया के मुताबिक, मीरपुर में दोपहर 3 बजे भूकंप का पहला झटका महसूस किया गया था। इसके बाद शाम 4:21 से 4:31 के बीच भूकंप के झटके आए। इसकी वजह से यहां जमीन और सड़कों में बड़ी दरारें पड़ गईं। कारें, बसें और अन्य वाहन धंस गए। जम्मू-कश्मीर और दिल्ली समेत उत्तर भारत के कुछ राज्यों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए।
भूकंप के बाद खासकर पीओके में जगह-जगह तबाही के निशां दिख रहे हैं। लोगों का घर और कई इमारतें जमींदोज हो गई हैं जिसमें बचे हुए लोग रोत-बिलखते हुए अपनी आने वाली जिंदगी को ढूंढ रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ अस्पतालों में भी घायलों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।
डॉन न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, भूकंप के झटके जोरदार तरीके से आठ से 10 सेकंड तक महसूस किए गए। भूकंप की वजह से पीओके के मीरपुर में सड़कें बुरी तरह से क्षतिग्रस्त नजर आ रही हैं। कई वाहन पलटे हुए हैं। कई कारें भूकंप से सड़कों पर बने गहरे गड्ढों में गिर गईं। मीरपुर में सरकारी प्रसारण भवन को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में हिस्सा लेने न्यूयार्क गये पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने लोगों की मौत पर दुख जताया। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल सहायता पहुंचाने का निर्देश दिया।
पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने पीओके में नागरिक प्रशासन के साथ सहयोग करते हुए भूकंप पीड़ितों के लिए ‘तुरन्त बचाव अभियान चलाने’ के निर्देश दिये हैं। सेना की मीडिया इकाई ने ट्वीट किया कि सेना के जवानों को चिकित्सा सहायता दलों के साथ भेजा गया है।
पाकिस्तान के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल मोहम्मद अफजल ने बताया कि ज्यादातर नुकसान मीरपुर और झेलम में हुआ है।