कोरोना वायरस से लड़ने के लिए दिल्ली सरकार ने तैयार की 'ऑपरेशन शील्ड', ऐसे करेगी काम

कोरोना संक्रमण का पहला मामला दिल्ली में 2 मार्च को सामने आया, जब मयूर विहार निवासी में इस संक्रमण की पुष्टि हुई। पहले आरएमएल अस्पताल में उन्हें एडमिट किया गया था, उसके बाद उन्हें सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया। 14 मार्च को दिल्ली में कोरोना से पहली मौत हुई, एक 68 साल की महिला ने दम तोड़ दिया, उनमें यह संक्रमण उनके बेटे से पहुंचा था। हालांकि, उनकी मौत की वजह उनकी उम्र और पहले की बीमारी बताई गई। दिल्ली में संक्रमण की पुष्टि होने के 14 दिन बाद तक भी स्थिति नॉर्मल दिख रही थी, लेकिन धीरे-धीरे इस वायरस ने खेल दिखाना शुरू गया और एक-एक करके मामले बढ़ गए। दिल्‍ली में कोरोना के मामले बढ़कर 720 हो गए हैं, जबकि 12 लोगों की मौत हो चुकी है।
कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच दिल्ली सरकार ने इससे निपटने के लिए गुरुवार को 'ऑपरेशन शील्ड' शुरू किया। दिल्‍ली में कोरोना वायरस के संक्रमण पर नियंत्रण के लिए 'ऑपरेशन शील्ड' की घोषणा मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने की। उन्‍होंने कहा कि यह कदम लोगों की सुरक्षा के लिए उठाया जा रहा है। उन्‍होंने लोगों से भी अपील की कि वे सरकार के इस अभियान में मदद दें, क्‍योंकि कोरोना के संक्रमण से बचाव के लिए यह सख्‍त कदम आवश्‍यकत हो गया है। 'ऑपरेशन शील्ड' को तत्‍काल प्रभाव से राष्‍ट्रीय राजधानी क्षेत्र के उन 21 इलाकों में शुरू किया गया है, जिनकी पहचान 'हॉट-स्पॉट' इलाके के तौर पर की गई है। ये इलाके पूरी तरह सील होंगे और यहां लोगों को घर-घर जाकर सामान मुहैया कराया जाएगा। ऑपरेशन शील्‍ड में क्या होगा

ऑपरेशन शील्‍ड के तहत सीलिंग, होम क्वारनटीन, आइसोलेशन, जरूरी सेवाएं, सैनिटाइजेशन और डोर टू डोर सर्वे पर जोर दिया जाएगा। इसे इस तरह से समझा जा सकता है:

S (सीलिंग- प्रभावित इलाके को सील करना)
H (होम क्वारंटीन- ऐसे इलाकों में रहने वालों को होम क्‍वारंटीन करना)
I (आइसोलेशन- संक्रमित मरीजों और उनके संपर्क में आए लोगों को पृथक करना)
E (आवश्‍यक सेवाएं- इन क्षेत्रों में आवश्‍यक चीजों की आपूर्ति सुनिश्चित करना)
L (स्‍थानीय सैनिटाइजेशन- प्रभावित इलाकों को प्रशासन द्वारा सैनिटाइजेशन करना)
D (डोर टू डोर सर्वे- इन इलाकों में रहने वालों के घर-घर जार हर किसी के स्‍वास्‍थ्‍य की जांच करना) मास्क नहीं पहनना पड़ेगा भारी, होगी छह महीने की जेल

मुख्‍यमंत्री केजरीवाल ने कहा था कि मास्‍क लगाने से कोरोना के संभावित खतरे को कम किया जा सकता है। दिल्ली में घरों से बाहर निकलते समय मास्क नहीं पहनने पर लोगों को छह महीने तक के लिए जेल में डाला जा सकता है। दिल्ली के मुख्य सचिव विजय देव ने कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए इस संबंध में आदेश जारी किया है। बिना मास्क पहने घर से बाहर निकलकर आदेश का उल्लंघन करने वालों पर 200 से 1000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। मुख्य सचिव ने कहा कि आदेश का उल्लंघन करने वालों को भारतीय दंड संहिता की धारा 188 (सरकारी अधिकारी द्वारा जारी आदेश की अवहेलना) के तहत कड़ी सजा दी जाएगी। देव ने अपने आदेश में कहा कि किसी भी जगह, दफ्तर और कार्यशाला में काम करने वाले किसी भी व्यक्ति को मास्क पहनना होगा।