दिल्ली से सटे गुरुग्राम के भीमगढ़ खेड़ी, राजेंद्र पार्क, सूरत नगर, लक्ष्मण विहार, दौलताबाग फ्लाईओवर पर टिड्डियों का दल मंडरा रहा है। फसलों के ऊपर टिड्डी दलों को मंडराते देखकर किसान परेशान हैं और उन्हें भगाने की कोशिशों में जुटे हैं। गुडगांव के उपायुक्त अमित खत्री ने कहा कि टिड्डियों ने गुरुग्राम कई कई हिस्सों में डेरा जमा लिया है। यहां टिड्डियों ने घरों और पेड़ों तक को ढक लिया है। उन्होंने आगे कहा कि पश्चिम से पूर्व की ओर हवा का बहना लगातार जारी है। इस कारण संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही टिड्डियों का झुंड़ दिल्ली में पहुंच सकता है।
बुलाई इमरजेंसी बैठकउधर, दिल्ली में टिड्डियों के खतरे को देखते हुए दिल्ली सरकार के विकास मंत्री गोपाल राय ने इमरजेंसी बैठक बुलाई है। बैठक में विकास सचिव, डिविजनल कमिश्नर, डायरेक्टर एग्रीकल्चर, डीएम साउथ दिल्ली, डीएम वेस्ट दिल्ली मौजूद हैं। बैठक के बाद सरकार एडवाइजरी जारी करेगी। जानकारी के मुताबिक, टिड्डियों का बड़ा दल धीरे-धीरे पलवल की तरफ जा रहा है, लेकिन उसकी एक छोटी सी टुकड़ी जसोला और भाटी (दिल्ली के बॉर्डर के इलाके) की तरफ घूम गई है। वहां वन विभाग का पूरा क्षेत्र है। इसे देखते हुए उन इलाकों में ढोल, ड्रम और डीजे बजाने के निर्देश दिए गए हैं। ये वो तरीके हैं टिड्डे भागते हैं। साथ ही वहां केमिकल के छिड़काव के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा बैठक में दिल्ली के साउथ, वेस्ट और साउथ वेस्ट जिले के डीएम को हाई अलर्ट रहने को कहा गया है और उन्हें तैयारी शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार इस मामले में एडवाइजरी भी जारी करेगी। साथ ही हवाओं का रुख साउथ दिल्ली की तरफ ज्यादा है। अगर हवा का रुख बदलता है तो दिल्ली की तरफ टिड्डियों का आना हो सकता है इसलिए हर पहलू को मॉनिटर किया जा रहा। डेवलपमेंट कमिश्नर को अपॉइंट किया है जो केंद्र सरकार के अधिकारियों के साथ टच में रहेंगे। ताकि हरियाणा में कोई मूवमेंट हो तो दिल्ली भी अलर्ट हो जाये।
इसके अलावा दिल्ली से सटे नोएडा में भी टिड्डी दल का खतरा मंडरा रहा है। टिड्डी दल के घुसने की संभावना को लेकर नोएडा में 4 टीम गठित की गई हैं।शनिवार को टिड्डियों का दल शहरी इलाकों में भी पहुंच गया है। किसान पटाखे, टिन के डिब्बे बजाकर और धुएं के जरिए टिड्डियों को भगाने की कोशिशों में जुटे हैं। टिड्डी दलों के लगातार हमले से किसान परेशान हैं।
प्रशासन ने लोगों को हिदायत दी कि अगर वो चाहते है कि टिड्डियों को भगाया जाए तो बर्तनों को पीटकर शोर मचाए। इससे वे भागते हैं। बता दें कि टड्डियों का यह झुंड पाकिस्तान से होते हुए भारत में आया है। अबतक इनका प्रकोप राजस्थान, पंजाब, उत्तर प्रदेश और देश के कई अन्य हिस्सों में देखने को मिल चुका है।