दिल्ली / सूनी सड़क पर ट्रैफिक पुलिस ने डॉक्टर के 10 दिन में काट दिए 19 चालान

कोरोना के संक्रमण की रोकथाम के लिए पूरे देश में लॉकडाउन चल रह है। ऐसे में सड़कों से आम लोगों की गाड़ियां नदारद हैं। ऑटो, टैक्सी व अन्य कमर्शल वाहन भी नहीं चल रहे हैं। नतीजन, जिन सड़कों पर कभी दिनरात जाम लगा रहता था, आज वो सूनी पड़ी हुई हैं। इसी को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने भी ज्यादातर जगहों पर लगे ट्रैफिक सिग्नल बंद कर दिए हैं और उन्हें ब्लिंकिंग मोड पर डाल दिया है। सड़कों पर केवल वही लोग निकल रहे हैं, जो अनिवार्य सेवाओं से जुड़े हुए हैं। इनमें डॉक्टर्स, नर्सें, पैरामेडिकल स्टाफ, पुलिसकर्मी, पत्रकार, सिविल डिफेंस वॉलंटियर, एमसीडी के कर्मचारी, बैंक कर्मचारी और लोगों तक राशन, खाना और अन्य जरूरत का सामान पहुंचा रहे लोग शामिल हैं।
कैमरे की मदद से काट रहे है चालान

लेकिन इस बीच दिल्ली में ट्रैफिक पुलिस कैमरों के जरिए ही लोगों के धड़ाधड़ चालान काटने में लगी हुई है। दरअसल, संकट के इस समय में जहां अधिकतर लोगों को किसी इमरजेंसी के चलते एक जगह से दूसरी जगह जाना पड़ रहा है, वहीं अपनी ड्यूटी पर या किसी जरूरी काम से निकले लोग भी ज्यादा देर बाहर नहीं रहना चाहते और जल्द से जल्द अपने गंतव्य पर पहुंचना चाहते हैं, लेकिन इसकी उन्हें बड़ी भारी कीमत चुकानी पड़ रही है। दिल्ली की ट्रैफिक पुलिस आजकल कैमरों के जरिए ही लोगों के ओवर स्पीडिंग की वजह से धड़ाधड़ चालान काटने में लगी हुई है। ट्रैफिक पुलिस की इस सख्ती की मार झेल रहे लोग अब सोशल मीडिया पर इसके खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। इनमें सबसे आगे वो डॉक्टर्स हैं, जिनके ट्रैफिक पुलिस धड़ाधड़ चालान काट रही है।जीटीबी नगर के राजन बाबू टीबी हॉस्पिटल में कॉम करने वाले डॉक्टर हैदर अली को ट्रैफिक पुलिस ने 10 दिन के अंदर ओवर स्पीडिंग के 19 चालान काटकर भेज दिए। इन सभी चालानों की एवज में उन्हें दो-दो हजार रुपये का जुर्माना भी भरने के लिए कहा गया है। इनमें अधिकतर चालान आउटर रिंग रोड पर मुकरबा चौक के पास लगे स्पीड कैमरों के जरिए काटे गए हैं, जबकि कुछ चालान पीरागढ़ी चौक और मिलेनियम पार्क के पास रिंग रोड पर भी काटे गए हैं। डॉ अली रोहिणी में रहते हैं और वहां से रोज अपनी गाड़ी से अस्पताल जाते हैं। सोशल मीडिया के जरिए शिकायत

रोज-रोज कट रहे चालानों से तंग आकर उन्होंने अब केंद्रीय गृह मंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से लेकर तमाम नेताओं और मंत्रियों तक सोशल मीडिया के जरिए इसकी शिकायत करते हुए कहा है कि हम लोग डॉक्टर हैं और आपदा के इस समय में अपनी जान हथेली पर रखकर ड्यूटी कर रहे हैं। हमें कई बार जल्दी में एक जगह से दूसरी जगह जाना पड़ता है, लेकिन दिल्ली की ट्रैफिक पुलिस के दर्जन के हिसाब से रोज हमारे चालान काट रही है।

वहीं उनके एक अन्य साथी डॉ मकबूल खान के साथ भी ऐसा ही हो रहा है और उनके भी ट्रैफिक पुलिस अब तक कई चालान काट चुकी है। उन्होंने भी सोशल मीडिया के जरिए तमाम नेताओं मंत्रियों और अधिकारियों तक अपनी गुहार पहुंचाई है। उन्होंने कहा है कि पहले हम गाड़ी से जाते ही नहीं थे, लेकिन अभी मेट्रो बंद होने की वजह से हमें घर से गाड़ी चलाकर अस्पताल आना-जाना पड़ रहा है और हम कोई बहुत ज्यादा ओवर स्पीडिंग भी नहीं कर रहे, लेकिन इसके बावजूद हमारे चालान काटे जा रहे हैं। यहां तक कि मेरे एक साथी का तो किंग्स्वे कैंप के पास ऐसी जगह रेड लाइट जंपिंग का चालान काट दिया गया, जहां सिग्नल ही आजकल बंद कर रखा है।