गुजरात पर चक्रवाती तूफान 'वायु' का खतरा, दो दिन के लिए स्कूल बंद, अलर्ट पर सेना

गुजरात पर 'वायु' तूफान का खतरा मंडरा रहा है। 13 जून को गुजरात में आने वाले इस तूफान के मद्देनज़र सरकार ने अपनी तैयारियां तेज़ कर दी हैं। इसके चलते गुजरात समेत दमन और द्वीप में गृह मंत्रालय की ओर से तूफान का हाई अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग द्वारा मंगलवार को जारी बुलेटिन के अनुसार ‘वायु’ के 13 जून को गुजरात के तटीय इलाकों पोरबंदर और कच्छ क्षेत्र में पहुंचने की संभावना है। विभाग ने अगले 12 घंटों में चक्रवाती तूफान के और अधिक गंभीर रूप धारण करने की संभावना जताई है। अरब सागर में दबाव की स्थिति में ये तूफान विराट रूप ले सकता है जिसके चलते मौसम विभाग ने 55 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे से तेज हवाओं के साथ भारी से भारी बारिश होने की चेतावनी दी है।

110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने इसके मद्देनजर सौराष्ट्र और कच्छ के तटीय इलाकों में 13 और 14 जून को भारी बारिश होने तथा 110 किमी प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है। स्थिति की गंभीरता के मद्देनजर गुजरात सरकार ने भी ‘हाई अलर्ट’ जारी करते हुए सौराष्ट्र और कच्छ इलाकों में मंगलवार को सुबह तूफान की आशंका वाले तटीय इलाकों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के जवानों को तैनात किया है।
हालातों से निपटने का खाका तैयार

इसको लेकर राज्य व राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की टीमों ने सभी तटवर्ती जिलों में इससे निपटने के लिए खाका तैयार कर लिया है। गुजरात के मुख्य सचिव जे।एन। सिंह ने गांधीनगर में संवाददाताओं से कहा कि भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) की जानकारी से पता चलता है कि चक्रवात गुरुवार सुबह 6 से 7 बजे के बीच वेरावल के पास दस्तक देने की संभावना है। इस बीच गृह मंत्री अमित शाह ने चक्रवात से निपटने की तैयारियों की समीक्षा के लिये संबद्ध विभागों के साथ हाई लेवल मीटिंग की।

सौराष्ट्र क्षेत्र के कई तटवर्ती जिलों में बारिश के आसार

उन्होंने कहा, यह वेरावल और महुवा (सौराष्ट्र क्षेत्र में) के बीच कहीं भी होगा, लेकिन इसकी सबसे ज्यादा संभावना गिर-सोमनाथ जिले के वेरावल के पास है। अधिकारियों ने कहा कि चक्रवात वायु मंगलवार की सुबह वेरावल के दक्षिण में 690 किमी दूरी पर था। इसके दस्तक देने के दौरान रफ्तार 110 किलोमीटर से 135 किलोमीटर प्रति घंटा हो सकती है। मौसम विभाग के अधिकारियों के अनुसार, सौराष्ट्र क्षेत्र के कई तटवर्ती जिलों में भारी बारिश हो सकती है।

35000 लोगों को किया गया शिफ्ट

वहीं गुजरात के पोरबंदर जिले के 74 गांव के 35000 हजार लोगों को गांव से बाहर सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया है। वहीं जिले के की सभी स्कूल -कॉलेज में तीन दिन तक छुट्टी रहेगी। पोरबंदर मे NDRF की 3 टीम तैनात की जाएंगी। बुलेटिन के अनुसार चक्रवात के दौरान कच्छ, देवभूमि द्वारका, पोरबंदर, जूनागढ़, दीव, गीर सोमनाथ, अमरेली और भावनगर जिलों के तटीय क्षेत्र में एक से डेढ़ मीटर ऊंची समुद्री लहरें उठने की आशंका है।

एनडीआरएफ की टीमों को किया गया तैनात


मुख्य सचिव जे।एन। सिंह ने कहा कि अभी जल्दी में तटीय जिलों से तत्काल निकासी की जरूरत नहीं थी, लेकिन अगर चक्रवात किसी तरह दिशा बदलती है या अगले 24 घंटों में तेज हो जाता है तो उसी के अनुसार निर्णय लिया जाएगा। मुख्य सचिव ने कहा कि एनडीआरएफ की टीमों को तटवर्ती सौराष्ट्र क्षेत्र व गिर सोमनाथ में तैनात किया गया है और वे सेना, नौसेना व भारतीय तट रक्षक बल के साथ समन्वय कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को सार्वजनिक माध्यमों, एसएमएस और व्हाट्सएप संदेशों के माध्यम से स्थिति के बारे में जागरूक किया जा रहा है।

जे।एन।सिंह ने कहा, राज्य मशीनरी पूरी तरह से तैयार है और स्थिति से निपटने के लिए लैस है। मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने अधिकारियों के साथ मंगलवार को दो बार समीक्षा बैठक की। सवालों का जवाब देते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि ओडिशा सरकार ने केंद्र की मदद से वहां चक्रवात फानी के दौरान एक सराहनीय काम किया था और वह उनसे परामर्श करेंगे। उन्होंने कहा, मैं ओडिशा सीएस (मुख्य सचिव) से उनके अनुभव के बारे में व गुजरात में यहां जरूरत पड़ने पर क्या क्रियान्वित किया जा सकता है, इस पर बात करूंगा।बता दे, विभाग ने अगले 12 घंटों में चक्रवात के और अधिक गंभीर रूप धारण करने की आशंका व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तर की ओर बढ़ता ‘वायु’ 13 जून को सुबह गुजरात के तटीय इलाकों में पोरबंदर से महुवा, वेरावल और दीव क्षेत्र को प्रभावित करेगा। तटीय क्षेत्रों में मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है। साथ ही बंदरगाहों को खतरे के संकेत और सूचना जारी करने को कहा गया है।

स्‍कूलों और कॉलेजों में छुट्टी का ऐलान

गुजरात के मुख्‍यमंत्री विजय रूपाणी ने बताया कि कच्छ से लेकर दक्षिण गुजरात तक पूरे तटीय इलाकों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। प्रशासन ओडिशा सरकार के साथ संपर्क में है, जिससे तूफान से होने वाले नुकसान से बचने के तरीकों के बारे में जानकारी मिल सके, जिन्हें फैनी के वक्त ओडिशा सरकार ने अपनाया था।

वायु चक्रवात को देखते हुए गुजरात के मुख्‍यमंत्री विजय रूपाणी ने अधिकारियों के साथ बैठक की, जिसमें पूरे प्रशासन को अलर्ट पर रहने के लिए कहा गया है। वहीं पूरे राज्य में 13 से 15 जून तक 3 दिवसीय शाला प्रवेशोत्सव (स्कूल उत्सव का स्वागत) रद्द कर दिया गया है। चक्रवात को देखते हुए अहमदाबाद, गांधीनगर, राजकोट, भुज, सूरत, भावनगर, अमरेली, सोमनाथ, वेरावल, जामनगर, पोरबंदर और कच्छ जिलों के स्‍कूलों और कॉलेजों में 13 और 14 जून को छुट्टी का ऐलान किया गया है।