लॉकडाउन में बेबसी! कानपुर में भूख मिटाने के लिए युवक ने पीया सड़क पर फैला दूध, लोगों ने दिया खाना

देश में बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए एक बार फिर लॉकडाउन लगा हुआ है हालाकि, इस बार यह लॉकडाउन केंद्र सरकार ने न लगाकर राज्य सरकार द्वारा अपने प्रदेशों में लगाया गया है। लॉकडाउन के चलते कई लोग कितने बेबस हो गए हैं इस बात का अंदाजा कानपुर की इस घटना से लगाया जा सकता है। यहां भूख से बेहाल एक युवक सड़क पर गिरा दूध पी रहा है। यह घटना जिले के सुतरखाने की बताई जा रही है। लोगों के मुताबिक, यह वाकया रविवार दोपहर हुआ। सुतरखाने के लोगों ने बताया कि रविवार को एक दूध वाले की साइकिल पलट गई। इससे उसका पूरा दूध सड़क पर फैल गया। इसके बाद दूधवाला वहां से चला गया। तभी एक युवक उस जगह से गुजरा। उसे बहुत भूख लगी थी। उसने जमीन पर दूध गिरा देखा तो घुटने के बल बैठ गया और दूध पीने लगा। यह देख वहां मौजूद लोगों को उस पर दया आ गई। उन्होंने युवक को खाने का सामान दिया। इस खबर की पुष्टि lifeberrys हिंदी नहीं करता है।

दरअसल, उत्तर प्रदेश में लॉकडाउन के चलते मजदूरों के सामने खाने का संकट हो गया है। कई मजदूर बेरोजगार हो गए हैं। कानपुर को देश में औद्यौगिक नगरी के नाम से जाना जाता है। यहां की फैक्ट्रियों और छोटे-छोटे कारखानों में बड़ी संख्या में मजदूर काम करते हैं। लॉकडाउन के दौरान ज्यादातर यूनिट बंद हो चुकी हैं। इनमें काम करने वाले मजदूर परेशान हैं।
यह है प्रदेश का हाल

उत्तर प्रदेश में रविवार को 23,333 नए केस मिले। जबकि 296 ने दम तोड़ दिया। इस अवधि में 34,636 लोग ठीक भी हुए हैं। सरकारी आंकड़ों में संक्रमण की गति थमती दिख रही है। लेकिन लोग संतुष्ट नहीं हो रहे हैं। क्योंकि, अभी भी मरीजों को अस्पताल में बेड नहीं मिल पा रहे हैं। राजधानी लखनऊ में कोरोना मरीजों के आंकड़ों में काफी कमी आई है। 24 घंटे में यहां 1,436 नए संक्रमित मरीज मिले। जबकि 26 की मौत हुई है। 3,546 लोग ठीक हुए हैं। चिंताजनक बात ये है कि मेरठ के हालात अब लखनऊ जैसे हो रहे हैं। प्रदेश के टॉप-5 संक्रमित शहरों में मेरठ दूसरे नंबर पर है। यहां 1,425 लोग 24 घंटे में संक्रमित सामने आए। जबकि 9 लोगों ने दम तोड़ दिया। लखनऊ और मेरठ के आंकड़ों में मात्र 11 का अंतर है।