उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में कोरोना वायरस तेजी से बढ़ रहा है। रविवार की शाम यहां तीन दिन पहले मृत हुए 70 साल के दूध कोरोबारी की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। यह आगरा में कोरोना वायरस से 10वीं मौत है। वहीं, बीते 24 घंटे में 9 नए केस सामने आने के बाद संक्रमितों की संख्या 381 पहुंच गई है। वहीं, इस बीच आगरा से एक चौकाने वाली बात सामने आई है। यहां संक्रमण के डर से पीपीई किट पहनकर सरकारी कर्मचारी पानी की बोतल, बिस्किट लोगों को फेंक के दे रहे है। आगरा-मथुरा रोड पर स्थित हिंदुस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट (एचआइटीएम) को जिला प्रशासन द्वारा क्वारैंटाइन सेंटर बनाया गया है। वहां इस तरह की चीज देखने को मिली। यहां क्वारैंटाइन किए गए व्यक्ति चैनल गेट के भीतर से हाथ बाहर निकालकर खाने पीने की चीजों पर टूट पड़ रहे हैं। डीएम प्रभु नारायण सिंह ने इसका वीडियो सामने आने पर जांच के निर्देश दिए हैं।
आपको बता दे, इस क्वारैंटाइन सेंटर में दो सौ लोगों को क्वारैंटाइन किया गया है। लेकिन जिस तरीके से लोगों के रहने, खाने व पीने का इंतजाम होना चाहिए। वह नहीं है। सोमवार को इस सेंटर का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, इसमें पीपीई किट पहनकर सरकारी कर्मचारी क्वारैंटाइन किए गए लोगों को पानी की बोतल और चाय दे रहे थे, लेकिन यह सब दूर से दिया जा रहा था। दरवाजा बंद था और लोग सामान लेने के लिए एक दूसरे पर टूट पड़ रहे थे। ऐसे में एक मीटर की शारीरिक दूरी का पालन ठीक से नहीं किया जा रहा था।
शौचालय गंदे, खाने की गुणवत्ता भी ठीक नहींयहां भर्ती एक व्यक्ति ने बताया कि बेडशीट को दो दिन से नहीं बदला गया है। शौचालय गंदे पड़े हुए हैं और खाने की गुणवत्ता भी ठीक नहीं है। खाना दूर से दिया जा रहा है। परिसर में सफाई व्यवस्था ठीक नहीं है और हर दिन सेनिटाइजेशन भी नहीं हो रहा है।
जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने बताया कि, कोविड-19 के शीर्ष अधिकारियों को मामले की जांच सौंपी गई है। जिम्मेदार व्यकित पर कार्रवाई की जाएगी। क्वारैंटाइन सेंटर में व्यवस्थाएं बढ़ाने के साथ ही भोजन वितरण कराने का निर्देश दिया गया है।
अखिलेश यादव का योगी सरकार पर हमलाआगरा में कोरोना वायरस (Coronavirus in Agra) के बढ़ते संक्रमण को लेकर सपा अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने टि्वट कर लिखा- मुख्यमंत्री द्वारा बहुप्रचारित कोरोना से लड़ने का आगरा मॉडल मेयर के अनुसार फेल होकर आगरा को वुहान बना देगा। न जांच, न दवाई, न अन्य बीमारियों के लिए सरकारी या प्राइवेट अस्पताल, न जीवन रक्षक किट और उस पर क्वॉरैंटाइन सेंटर्स की बदहाली प्राणांतक साबित हो रही है। जागो सरकार जागो!