देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 11,909 हो गई है। बुधवार को महाराष्ट्र में 117 नए मरीज मिले, इनमें से 66 मुंबई और 44 पुणे के हैं। कोरोना वायरस अब तक देश के 27 राज्यों में पैर पसार चुका है। वहीं, देश के 7 केंद्र शासित प्रदेश (यूटी) में भी यह संक्रमण पहुंच चुका है। इनमें दिल्ली, चंडीगढ़, अंडमान-निकोबार, दादरा एवं नगर हवेली, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और पुडुचेरी शामिल हैं। देश में सबसे खराब स्थिति महाराष्ट्र की है। राज्य में कोविड-19 (Covid-19) की वजह से 178 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें 100 से अधिक मौतें मुंबई में हुई हैं। मुंबई में कई अस्पतालों के स्टाफ ही इस वायरस की चपेट में आ गए हैं, जिससे इलाज भी मुश्किल हो रहा है।
मुंबई के भाटिया हॉस्पिटल में मंगलवार को 10 और स्वास्थ्यकर्मी कोरोना वायरस की चपेट में आ गए। अब अस्पताल के स्टाफ में से ही 35 लोग इस वायरस से संक्रमित हो चुके हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक भाटिया हॉस्पिटल अब शहर का दूसरा ऐसे अस्पताल बन गया है, जहां का स्टाफ बड़ी संख्या में कोरोना पॉजिटिव है। पहले नंबर पर वॉकहार्ट हास्पिटल है, जिसके 52 स्टाफर इस वायरस से संक्रमित हो चुके हैं।
मुंबई में अब हेल्थकेयर से जुड़े कुल 137 लोग कोरोना पॉजिटिव हो चुके हैं। यानी, शहर के कुल कोरोना पॉजिटिव में से 8% स्वाथ्य सेवाओं से जुड़े लोग हैं। इस बीच बीएमसी ने वॉकहार्ट हॉस्पिटल को कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज की इजाजत दे दी है। वह मुंबई के उन छह चुनिंदा अस्पतालों में से एक है, जिन्हें कोरोना के गंभीर मरीजों के लिए चिह्नित किया गया है। इससे पहले वॉकहार्ट हॉस्पिटल पर 14 दिन के लिए इलाज रोक दिया गया था। मुंबई के ही जसलोक हॉस्पिटल की ओर से कहा गया है कि उसके यहां इलाज फिर से शुरू हो गया है। इस अस्पताल के 21 कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। इसके बाद यहां इलाज पर रोक लगा दी गई थी।एडिशनल म्यूनिसिपल कमिश्नर सुरेश ककानी ने बताया कि मुंबई के अस्पतालों को तीन कैटेगरी में बांटा गया है। ये हैं कोविड केयर सेंटर, कोविड हेल्थ सेंटर और डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल। पहले तरह के सेंटर में उन लोगों को भर्ती किया जाएगा, जो संदिग्ध मरीज होंगे। दूसरे तरह के सेंटर में सामान्य पॉजिटिव मरीज और तीसरे तरह के अस्पताल में गंभीर मरीज भर्ती किए जाएंगे।