देश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए केंद्र सरकार ने लॉकडाउन को 31 मई तक बढ़ा दिया है। इसके साथ ही इस नए लॉकडाउन में सख्ती अब सिर्फ कंटेनमेंट जोन तक सीमित कर दी हैं। कंटेनमेंट जोन के बाहर यात्री वाहन चलाने की छूट दी गई है। राज्य आपसी सहमति से अंतरराज्यीय बसें भी चला सकेंगे। इधर, मध्य प्रदेश सरकार आज तय करेगी कि रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन काे कैसे बांटा जाए। हालांकि, भोपाल, इंदौर, उज्जैन और बुरहानपुर का रेड जोन में रहना तय लग रहा है। यहां कंटेनमेंट एरिया को बफर में बदलकर इसके बाहर कुछ ढील दी जा सकती है। मध्य प्रदेश में इसकी रूपरेखा कैसी होगी, अभी यह साफ नहीं हो पाया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज रात 8 बजे प्रदेश की जनता को संबोधित कर इसकी जानकारी देंगे। सूत्रों का कहना है कि प्रदेश में संक्रमण अभी काबू नहीं हुआ है। यहां 52 में से 45 जिलों में महामारी फैल चुकी है। जैसे-जैसे प्रवासी अपने गांवों तक पहुंचेगे, नए मामले सामने आएंगे।
इधर, यूपी-बिहार समेत अन्य राज्यों के मजदूरों की मदद के लिए अब प्रदेशवासी अपने घरों से बाहर निकल रहे है। सड़कों पर उनके लिए खाने-पीने, कपड़े, जूते-चप्पलों, दवाओं और बच्चों के लिए दूध का इंतजाम किया जा रहा है। भोपाल में कई जगहों पर महिलाएं सैनेटरी पैड्स भी बांट रही हैं।
पलायन कर रहे प्रवासियों मजदूरों की मदद के लिए मध्य प्रदेश में एक आंदोलन सा बन गया है। गुना से गुजरने वाले हाईवे के 90 किलोमीटर के हिस्से पर लगभग हर 8 किलोमीटर पर कोई न कोई मदद उपलब्ध है। जिले के फुटवियर कारोबारियों ने 2000 जोड़ी जूते-चप्पल, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और नेकी की दीवार संस्था ने दवा और ओआरएस के पैकेट रखवाए हैं। यहां 4 मिनरल वॉटर कंपनियां पानी की बॉटल और पाउच उपलब्ध करा रही हैं।
यहां इंदौर-भोपाल हाईवे से गुजरते लोगों को उंगली ग्रुप, सिख समाज, माता की रसोई, बड़ा बाजार के युवा और अन्य सामाजिक संगठन हर दिन भोजन सामग्री बांट रहे हैं। भाजपा जिला चिकित्सा प्रकोष्ठ की ओर से क्रीसेंट वाॅटर पार्क के पास मजदूरों की सेहत की जांच भी की जा रही है।
शिवराज सिंह चौहान ने सीएम ममता बनर्जी को लिखा पत्रइधर लॉकडाउन की वजह से राज्य में फंसे बंगाल के मजदूरों के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी को पत्र लिखा है। ममता बनर्जी को पत्र लिखकर शिवराज सिंह चौहान ने अनुरोध किया है कि इंदौर में पश्चिम बंगाल के श्रमिक लॉकडाउन के चलते फंसे वे श्रमिक अपने गृह स्थान वापस जाना चाहते है और ऐसे में अपने राज्य की ओर रेल मंत्रालय से बातचीत कर विशेष इंदौर-कोलकाता ट्रेन की मांग करें। ताकि जो प्रवासी कामगार पश्चिम बंगाल में अपने मूल स्थान पर लौटना चाहते हैं लौट सकें।आपको बता दे, कोरोना वायरस का संक्रमण मध्य प्रदेश के 52 में से 44 जिलों तक पहुंच गया है। यहां रविवार रात तक संक्रमण के 4,977 मामले सामने आ चुके है। वहीं इस 248 लोगों की मौत इस वायरस की वजह से हो गई है।