महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे है। महाराष्ट्र देश में कोविड-19 (Covid-19) से बुरी तरह प्रभावित राज्यों में पहले नंबर पर है। आज मंगलवार को संक्रमण के 2 हजार 259 नए मामले सामने आए है। वहीं एक दिन में 120 लोगों की मौत इस वायरस की वजह से हो गई है। महाराष्ट्र में कुल संक्रमितों का आंकड़ा बढ़कर 90787 हो गया है वहीं कुल मौतें 3289 हो गई है। राज्य में अब तक 42 हजार से ज्यादा लोग ठीक होकर घर जा चुके हैं। महाराष्ट्र में सिर्फ मुंबई में ही 1760 मामले आए हैं जिसके बाद मुंबई में संक्रमितों की संख्या 51 हजार 100 पहुंच गई है।
महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस के 2 हजार 259 मामले सामने आए हैं जिसके बाद संक्रमितों की संख्या बढ़कर 90 हजार 787 हो गई है। वहीं एक दिन में 120 मौतों के बाद कोरोना वायरस से जान गंवाने वालों का आंकड़ा बढ़कर 3 हजार 289 हो गया है। राज्य में अब तक 42 हजार से ज्यादा लोग ठीक होकर घर जा चुके हैं। महाराष्ट्र में सिर्फ मुंबई में ही 1 हजार 760 मामले आए हैं जिसके बाद मुंबई में संक्रमितों की संख्या 51 हजार 100 पहुंच गई है।
बता दें महाराष्ट्र में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी भी कोरोना की चपेट में आते जा रहे हैं। मंगलवार को ही महाराष्ट्र के पालघर जिले में कोविड-19 से 40 वर्षीय एक पुलिसकर्मी की मौत हो गयी। सिर्फ पालघर में ही दो अधिकारियों समेत 33 पुलिसकर्मी अब तक कोविड-19 से संक्रमित हुए हैं। इतना ही नहीं बृहन्मुंबई महानगर पालिका के सीनियर अधिकारी की भी मंगलवार को कोरोना वायरस से मौत हो गई। यह अधिकारी बीएमसी में वॉटर सप्लाई डिपार्टमेंट के इंचार्ज थे। कुछ दिन पहले ही 54 वर्षीय ये अधिकारी कोविड-19 से संक्रमित पाए गए थे। वहीं आज ठाणे में एक नगर निगम पार्षद की कोरोना वायरस से मौत हो गई।
कोरोना वायरस (COVID-19) संक्रमण के लिए हॉटस्पॉट बनी मुंबई की सघन आबादी वाली दो बस्तियां धारावी (Dharavi) और वर्ली (Worli) में कोरोना के लगातार बढ़ते मामलों में गिरावट आई है। सोमवार को वर्ली में संक्रमण दर घटकर तकरीबन आधी हो गई है।
केंद्र की टीमें कर रहीं मददवहीं महाराष्ट्र के सात जिलों में केन्द्रीय दल तैनात किये गए हैं, जहां कोविड-19 संक्रमण के मामलों में तेज वृद्धि देखी गई है। ये दल कोरोना वायरस से निपटने के लिये स्थानीय प्रशासनों की मदद करेंगे। मंत्रालय ने कहा कि ये टीमें राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को जांच में आ रहीं दिक्कतों, प्रति दस लाख लोगों के अनुपात में कम जांच, अधिक मामले सामने आने, बिस्तरों की संभावित कमी, बढ़ती मृत्यु दर जैसी अनेक चुनौतियों का सामना करने में मदद कर रही हैं। मंत्रालय के बयान में कहा गया है, 'इसका उद्देश्य कोविड-19 रोकथाम और उससे निपटने के लिये राज्य सरकारों की सहायता करना है।' मंत्रालय ने कहा कि प्रत्येक तीन सदस्यीय दल में दो स्वास्थ्य विशेषज्ञ और वरिष्ठ संयुक्त सचिव स्तर का एक नोडल अधिकारी है।