दिल्‍ली / अपने पड़ोसियों पर निर्भर है कोरोना वॉरियर का ये परिवार, सरकार से नहीं मिली कोई मदद

दिल्ली में कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना के आज दोपहर तक आए नए मामलों ने अबतक के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। यहां 660 नए मामले दर्ज किए गए हैं, वहीं आज 14 लोगों की मौत हो चुकी है। इसी के साथ राज्य में कुल मामलों की संख्या 12 हजार के पार पहुंच गई है। वहीं दिल्ली से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसको लेकर लोगों के मन में सरकार के प्रति नाराजगी है। दरअसल, यहां कोरोना योद्धा (Corona Warriors) के परिवार की जिंदगी की डोर आजकल तीसरी मंजिल से लटकती एक रस्सी पर टिकी हुई है।

जी हां, पति के कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमित होने के बाद किराये के दो कमरे के मकान में दो बच्चों के साथ रह रहीं 32 वर्षीय रश्मि (बदला हुआ नाम) दूध, सब्जी और अन्य तमाम जरुरी चीजों के लिए पूरी तरह से अपने पड़ोसियों पर निर्भर है। हालांकि अच्छी बात यह है कि लोग बखूबी अपना पड़ोसी धर्म निभाते हुए रश्मि और उनके बच्चों की हरसंभव मदद कर रहे हैं।
इस कोरोना योद्धा के वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि होने के बाद 13 मई से ही रश्मि और उनके दोनों बच्चे (10 साल से कम उम्र के) क्‍वारंटाइटन में रह रहे हैं। जबकि रश्मि की इमारत में ही तीसरी मंजिल पर रहने वाले ओम प्रकाश अपनी बालकनी से रस्सी में थैला बांध कर उसकी मदद से भोजन और बाकी जरुरी चीजें दूसरी मंजिल में इस परिवार को पहुंचा रहे हैं।
पड़ोसियों ने कहा - प्रशासन से नहीं मिली मदद

गुलाबी बाग के दिल्ली सरकार के सरकारी आवास में रहने वाले रश्मि के तीन अन्य पड़ोसियों का दावा है कि प्रशासन से इस परिवार को कोई मदद नहीं मिली है। पड़ोस के लोग जरुरी चीजें और बच्चों के लिए चॉकलेट लाकर ओम प्रकाश को देते हैं ,और वह बालकनी से थैला लटका कर उसे रश्मि तक पहुंचाते हैं।

यही नहीं, पड़ोसियों का ये भी कहना है कि वे सभी इस कोरोना योद्धा के परिवार की मदद करना चाहते हैं और रस्सी की मदद से सुरक्षित दूरी बनाए रखते हुए वे ऐसा कर पा रहे हैं। ओम प्रकाश ने बताया कि रस्सी से सामान लटकाते वक्त वह दस्ताने पहनते हैं और अपने हाथों को सैनेटाइजर से अच्छे से संक्रमण मुक्त भी करते हैं।

गढ़वाली जन कल्याण समिति के अध्यक्ष ने कही ये बात

गुलाबी बाग की गढ़वाली जन कल्याण समिति के अध्यक्ष नरेद्र रावत ने दिल्ली सरकार से अनुरोध किया है कि वह क्‍वारंटाइन में रह रहे इस परिवार के लिए समुचित व्यवस्था करे।

रावत ने कहा कि गुलाबी बाग के सरकारी आवासों में रहले वाले करीब 250 लोग कोविड-19 ड्यूटी में लगे हुए हैं। जबकि यहां रहने वाले सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को भी सरकारी रसोइयों आदि में जरुरतमंदों को भोजन बांटने के काम पर लगाया गया है।

उन्होंने बताया कि हम सरकार से विनती करते हैं कि वह गुलाबी बाग सरकारी आवासों को संक्रमण मुक्त कराए क्योंकि यहां रहने वाले सैकड़ों लोग कोविड-19 ड्यूटी में लगे हुए हैं।केजरीवाल ने जताई सकरात्मक उम्मीद

एक तरफ जहां दिल्ली में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे है वहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सकरात्मक उम्मीद जताते हुए एक ट्वीट किया और कहा कि जल्द ही दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों से ज्यादा संख्या उन लोगों की होगी जो इलाज के बाद अस्पताल से ठीक होकर घर लौट गए होंगे।

केजरीवाल के मुताबिक, उन्हें अपने डॉक्टरों और नर्सों की टीम पर गर्व है, जिन्होंने कोविड मरीजों से सबसे बेहतर तरीके से इलाज किया है। दिल्ली में जल्द ही इलाज के बाद अस्पतालों से ठीक होकर घर लौटने वाले लोगों की संख्या संक्रमित मरीजों से ज्यादा होगी।