आंध्र प्रदेश / केमिकल प्लांट में गैस लीक, अब तक 8 की मौत, 5000 से ज्यादा लोग बीमार

आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम के वेंकटपुरम गांव में एक फार्मा कंपनी में गैस लीकेज का मामला सामने आया है। इस हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई है। इनमें एक बच्ची भी शामिल है। यह घटना गुरुवार सुबह हुई। इसके बाद पूरे शहर में तनाव का माहौल है। अभी भी हालत नियंत्रण में नहीं है। स्थानीय प्रशासन और नेवी ने फैक्ट्री के पास के गांवों को खाली करा लिया है। बताया जा रहा है कि गैस आरआर वेंकटपुरम में स्थित विशाखा एलजी पॉलिमर कंपनी के प्लांट से लीक हुई। इस जहरीली गैस के कारण फैक्ट्री के तीन किलोमीटर के इलाके प्रभावित हैं। फिलहाल, पांच गांव खाली करा लिए गए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 5000 से ज्यादा लोग बीमार पड़े हैं जिन्हें अस्पताल ले जाया जा रहा है। कई लोग अभी भी सड़कों पर बेहोश पड़े हुए हैं और कई आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ बता रहे हैं।
8 लोगों की मौत, 20 की हालत गंभीर

जिला चिकित्सा और स्वास्थ्य अफसर ने 8 मौतों की पुष्टि की है, जबकि 20 लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। इसमें अधिकतर बुजुर्ग और बच्चे हैं। बताया जा रहा है कि सरकारी अस्पताल में 150-170 लोग भर्ती कराए गए हैं। इसके अलावा कई लोगों को गोपालपुरम के प्राइवेट अस्पताल में भी भर्ती कराया गया है। 1500-2000 बेड की व्यवस्था कर ली गई है।

50 लोग सड़क पर बेहोश मिले

एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम को घटनास्थल पर भेज दिया गया है। उधर, पुलिस और प्रशासन ने स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू का काम चालू कर दिया है। गोपालपट्टनम सर्किल के इंस्पेक्टर रामान्या ने मीडिया को बताया कि उन्हें करीब 50 लोग सड़क पर बेहोश मिले। घटनास्थल तक पहुंचने में काफी दिक्कत हुई। पीवीसी या स्टेरेने गैस का रिसाव

विशाखापट्टनम नगर निगम के कमिश्नर श्रीजना गुम्मल्ला ने कहा कि शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार पीवीसी या स्टेरेने गैस का रिसाव हुआ है। रिसाव की शुरुआत सुबह 2:30 बजे हुई। गैस रिसाव की चपेट में आस-पास के सैकड़ों लोग आ गए और कई लोग बेहोश हो गए, जबकि कुछ लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है।

हालांकि, गैस लीकेज के असली कारण का अभी पता नहीं चल पाया है। फिलहाल मौके पर विशाखापट्टनम के जिलाधिकारी वी विनय चंद पहुंच गए हैं और हालात पर नजर बनाए हुए हैं। उनका कहना है कि दो घंटे के अंदर हालत को नियंत्रण में कर लिया गया। कुछ लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है, उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट दिया जा रहा है।

हिंदुस्तान पॉलिमर कंपनी की स्थापना 1961 में हुई। 1997 में कंपनी को साउथ कोरिया के एलजी केमिकल ने टेकओवर कर लिया था और इसे एलजी पॉलिमर नाम दिया था। प्लांट में प्लास्टिक बनाने का काम होता है।