दुनियाभर में कोरोना के नए और ज्यादा खतरनाक स्ट्रेन को लेकर चिंता जताई जा रही है। इस बीच फाइजर के साथ कोरोना वैक्सीन बनाने वाली कंपनी बायोएनटेक के सीईओ (BioNTech CEO) उगर साहिन ने एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कोरोना वायरस कम से कम 10 साल तक खत्म नहीं होगा।
कॉन्फ्रेंस में जब साहिन से पूछा गया कि कोरोना वायरस कब खत्म होगा और लोगों की जिंदगी कब तक वापस पटरी पर लौट सकेगी? इस पर उन्होंने कहा- हमें नॉर्मल की नई परिभाषा समझने की जरूरत है। यह वायरस अगले 10 साल तक हमारे साथ ही रहेगा।
साहिन ने कहा कि ब्रिटेन में मिले वायरस के नए स्ट्रेन के हिसाब से वैक्सीन में 6 हफ्ते में बदलाव किया जा सकता है। उन्होंने कहा- 'मैसेंजर तकनीक की खासियत यही है कि हम नए म्यूटेशन के हिसाब से वैक्सीन की वैसी ही इंजीनियरिंग कर सकते हैं। तकनीकी तौर पर हम 6 हफ्ते में नई वैक्सीन तैयार कर सकते हैं।'
फाइजर के साथ मिलकर बनाई गई बायोएनटेक की कोरोना वैक्सीन को अमेरिका और ब्रिटेन समेत 45 से ज्यादा देशों में इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी मिल चुकी है। उन्होंने भरोसा जताया कि UK में सामने आए कोरोना के नए स्ट्रेन से वैक्सीन के असरदार होने पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
ब्रिटेन में वायरस के एक के बाद एक दो नए स्ट्रेन सामने आने के बाद दुनियाभर में चिंता जताई जा रही है। ब्रिटेन में नए स्ट्रेन के बाद अप्रैल के बाद एक हफ्ते में सबसे ज्यादा मौतें दर्ज की गई हैं। PM बोरिस जॉनसन ने 19 दिसंबर को पहला स्ट्रेन मिलने की जानकारी दी थी। इसे कोरोना के मौजूदा वायरस से 70% ज्यादा तेजी से फैलने वाला बताया जा रहा है।
आपको बता दे, ब्रिटेन में मिले कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन से संक्रमित मरीज दूसरे देशों में भी सामने आने लगे हैं। जापान और फ्रांस के बाद स्पेन में भी शनिवार को इसके चार मरीज मिले। ये सभी मैड्रिड के रहने वाले हैं और हाल में ब्रिटेन से लौटे हैं। हालांकि, इनकी हालत बहुत गंभीर नहीं है।
अधिकारियों ने कहा कि नया स्ट्रेन मिलने का स्पेन में यह पहला मामला है। हम जानते हैं कि यह ज्यादा तेजी से फैलता है, लेकिन इससे बहुत गंभीर समस्या नहीं होती। इससे पहले जापान में पांच और फ्रांस में एक मामले की पुष्टि हुई थी।