देशभर में कोरोना वायरस को लेकर सरकार आमजन को जागरुक कर रही है लेकिन अलवर जिले में एक डॉक्टर दंपती ने सरकार और चिकित्सा महकमे के निर्देशों की धज्जियां उड़ाते हुए विदेश से लौटने के बाद बिना होम आइसोलेशन लिए अस्पताल में आकर ड्यूटी कर संक्रमण के खतरे में डाल दिया है। उसके बाद चिकित्सा महकमा मामले को दबाते रहा और मामला मीडिया में आने के बाद डॉक्टर दंपती के संपर्क में आए स्टाफ और मरीजों को स्क्रीनिंग शुरू कर दी है। डॉक्टर दम्पती ने प्रोटोकाल तोड़कर अस्पताल में साथी डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और स्पोर्टिंग स्टाफ के साथ मरीजों का ऑपरेशन कर उनकी जान भी मुश्किल में डाल दी है। हालांकि आननफानन में डॉक्टर दंपती को होम आइसोलेशन दिया गया और साथ ही पीएमओ सुनील चौहान ने दोनों को नोटिस जारी किया। उधर, उच्च अधिकारियों को भी डॉक्टर दंपती की रिपोर्ट भेजी है। 2 मार्च से 12 मार्च तक अवकाश था लिया
अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर पीएमओ सुनील चौहान का कहना है कि डॉक्टर दंपती ने 4 फरवरी को निजी काम के चलते उपार्जित अवकाश के लिए आवेदन किया था। जिसमें उन्होंने 2 मार्च से 12 मार्च तक अवकाश लिया था। उसके बाद कोरोना वायरस के अलर्ट के चलते चिकित्सा विभाग ने सभी चिकित्सा कर्मियों की छुट्टी रद्द कर दी थी। इसके बाद अस्पताल प्रसासन ने 4 मार्च को अस्पताल के सहायक कर्मचारी को घर के पते पर भेजकर छुट्टी रद्द होने की सूचना भिजवाई लेकिन घर पर ताला लगा मिलने के बाद अगले दिन रजिस्टर्ड डाक से अवकाश रद्द होने की सूचना भिजवाई गई। अवकाश रद्द होने की सूचना के बाद स्त्री रोग विशेषज्ञ महिला डॉक्टर ने महिला अस्पताल में 12 मार्च को ज्वॉइन कर लिया और प्रसूताओं की डिलीवरी ओर ऑपरेशन किए। अगले दिन नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉक्टर ने अस्पताल में मोतियाबिंद के ऑपरेशन किया और मरीजों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ किया। इसके बाद 13 मार्च को अस्पताल के पीएमओ के पास सीएमएचओ के पास से विदेश से लौटे से कोरोना वायरस से संदिग्धों की सूची में डॉक्टर दंपती का नाम आने के बाद चिकित्सा विभाग में हड़कम्प मच गया।संदिग्धों में नाम शामिल होने के बाद दोनों डॉक्टरों को होम आइसोलेशन दिया गया और पीएमओ सुनील चौहान ने बिना सूचना के विदेश यात्रा करने और वापिस लौट कर ड्यूटी ज्वाइन करने और तथ्य छिपाने के लिए नोटिस जारी किया गया है।