जापान में शनिवार को भूकंप का तेज झटका आया। जापान की समुद्री सीमा से सटे मियागी प्रांत में शनिवार को 7.2 तीव्रता (मैग्नीट्यूड) के भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। जापान के उत्तर पूर्वी तटीय इलाके में भूकंप के बाद सुनामी की चेतावनी जारी की गई है। पिछले ही माह जापान के पूर्वी समुद्री तट पर 7.1 तीव्रता का भूकंप आया था हालांकि तब सुनामी की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई थी।
भूकंप का केंद्र उत्तर पूर्वी तट के पास 60 किलोमीटर गहराई में बताया जा रहा है। जापान के मौसम विभाग ने एक मीटर ऊंची लहरे उठने की चेतावनी जारी की है। भूकंप से मियागी के कई इलाकों में नुकसान पहुंचा है। यहां जापान का एक न्यूक्लियर पावर प्लांट भी है, जो फिलहाल सुरक्षित बताया जार हा है।
नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के अनुसार, शनिवार दोपहर देश की राजधानी टोक्यो के करीब भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र टोक्यो से 362 किलोमीटर उत्तर-उत्तरपूर्व में था। जापान की मीटिरोलॉजिकल एजेंसी (JMA) ने भूकंप के झटके आने के बाद सुनामी की एडवाइजरी जारी कर दी है। JMA के अनुसार, 2011 में भूकंप और सुनामी से प्रभावित क्षेत्र मियागी में भूकंप के झटके आए। एजेंसी ने एक मीटर की ऊंचाई वाली लहरों की सुनामी आने की चेतावनी जारी की है।
अभी हाल में ही 11 मार्च को जापान में आए भयंकर भूकंप व सुनामी का एक दशक बीता है। उस वक्त भूकंप के कारण 6 से 10 मीटर ऊंची सुनामी की लहरों ने उत्पात मचाया था। जापान के तटीय इलाकों में बड़े पैमाने पर कहर ढाते हुए तट से 10 किलोमीटर अंदर तक तबाही हुई थी। इसमें 18 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी।
इससे पहले 5 मार्च को न्यूजीलैंड के उत्तरी-पूर्वी तट पर 8.1 तीव्रता का भूकंप आया। इसके बाद इस इलाके में सुनामी का अलर्ट जारी किया गया है। भूकंप उत्तरी आइसलैंड के पास केरमाडेक द्वीप पर आया। जारी चेतावनी में कहा गया था कि तटवर्ती इलाकों के पास रहने वाले लोगों को तुरंत ऊंचाई वाले मैदानों में चले जाना चाहिए।
सूनामी क्या है?समुद्र के भीतर जब तेज हलचल होती है तो इससे बहुत ऊंची लहरें उठने लगती हैं। ये लहरें जबर्दस्त आवेग के साथ आगे बढ़ती हैं। इन्हीं ऊंची लहरों को सूनामी कहते हैं। दरअसल सूनामी जापानी शब्द है जो सू और नामी से मिल कर बना है सू का अर्थ है समुद्र तट और नामी का अर्थ है लहरें।