गढ़चिरौली: महाराष्ट्र पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराए 26 नक्सली, 4 जवान घायल

महाराष्ट्र पुलिस ने गढ़चिरौली में 26 नक्सलियों को मर गिराया है। गढ़चिरौली के एसपी अंकित गोयल ने बताया कि जिले के ग्यारापट्टी के जंगलों में आज महाराष्ट्र पुलिस की C-60 दस्ते के साथ मुठभेड़ में 26 नक्सलियों का सफाया कर दिया गया है। इनसे भारी संख्या में हथियार, गोला-बारूद और नक्सली साहित्य जब्त किए गए हैं। गढ़चिरौली जिले में सुबह 6 बजे से ही ऑपरेशन जारी था। इस ऑपरेशन में 4 पुलिसकर्मी भी जख्मी हुए हैं। उन्हें इलाज के लिए हेलीकॉप्टर से नागपुर भेजा गया है। घायल पुलिसकर्मियों की पहचान रविंद्र नेताम (42), सर्वेश्वर अतराम (34), महरू कुदमेठे (34) और टीकाराम कटांगे (41) के रूप में हुई है। इन्हें नागपुर के ऑरेंज सिंटी अस्पताल में एडमिट करवाया गया है।
खबर के मुताबिक, इस एनकाउंटर में कुख्यात और खूंखार नक्सली मिलिंद तेलतुंबडे भी मारा गया है। वह भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में भी आरोपी था। वह एल्गार परिषद-कोरेगांव भीमा जाति दंगों के मामले में पुणे पुलिस द्वारा वॉन्टेड था। तेलतुंबडे भाकपा (माओवादी) की केंद्रीय समिति का सदस्य था। तेलतुंबडे पर 50 लाख रुपए का इनाम था।

पुलिस सरेंडर किए नक्सलियों से मारे गए लोगों की पहचान करवाएगी। पुलिस के मुताबिक, मिलिंद तेलतुम्बडे भीमा कोरेगांव मामले में दायर NIA की चार्जशीट में भी एक आरोपी था।

पुलिस का कहना है कि मिलिंद आनंद तेलतुंबड़े का भाई है। मिलिंद अपने संगठन के विस्तार के लिए आनंद की लिखे साहित्य का इस्तेमाल करता था। मिलिंद नक्सलियों को प्रशिक्षित करने और नए रंगरूटों को गोरिल्ला युद्ध प्रशिक्षण देने के लिए शिविर आयोजित करता था। मिलिंद, दीपा, प्रवीण, अरुण और सुधीरी के नाम से भी जाना जाता था। मिलिंद की पत्नी एंजेला सोंताके को 2011 में गिरफ्तार किया गया था। वह भी कई अपराधों में नामजद थी।

SP गोयल ने बताया कि यह मुठभेड़ गढ़चिरौली के इतिहास में दूसरी सबसे लंबी मुठभेड़ थी। यह सुबह लगभग 6 बजे शुरू हुई और शाम 4 बजे खत्म हुई।इस मुठभेड़ में पुलिस ने नक्सलियों के कई शिविर ध्वस्त कर दिए हैं। गढ़चिरौली जिले के कोरची तालुके के ग्यारहबत्ती, कोटगुल इलाके के जंगल में नक्सलियों द्वारा शिविर लगाए जाने की सुचना पुलिस को मिली थी। इसके बाद पुलिस की सी-60 नाम की टीम ने नक्सलियों के खिलाफ अभियान तेज करने का फैसला किया। इसके बाद यह टीम तलाशी अभियान के लिए निकल पड़ी।

पुलिस टीम जैसे ही ठिकानों के पास पहुंची तो नक्सलियों को इसकी भनक लग गई। नक्सलियों ने पुलिस की ओर गोलीबारी शुरू कर दी। जिसके बाद पुलिस ने भी जवाबी हमला करते हुए गोलीबारी शुरू की। कई घंटों तक चले इस बेहद अहम ऑपरेशन में 26 नक्सली मारे गए।

पुलिस अभी मारे गए नक्सलियों के शिनाख्त में लगी हुई है। 26 बॉडी रिकवर की गई है। इनकी संख्या बढ़ भी सकती है। हालांकि, घने जंगल और रात होने की वजह से सर्च ऑपरेशन अभी होल्ड कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि पहली बार बड़ी संख्या में मारे गए नक्सलियों की लाश मिली है।

आपको बता दे, इससे पहले 23 अप्रैल, 2018 को गढ़चिरौली पुलिस ने दो अलग-अलग झड़पों में 40 माओवादियों को मार गिराया था। एटापल्ली तहसील के बोरिया-कास्नासुर इलाके में जहां 34 मारे गए, वहीं एक ही समूह के 6 लोगों को अहेरी तहसील में कथित तौर पर फरार होने के दौरान मार गिराया गया।