राजस्थान में कोरोना अपना कहर बरसाते हुए हर दिन मौतों का रिकॉर्ड बना रहा हैं। बीते दिन बुधवार की बात करें तो 164 लोगों ने कोरोना से अपनी जान गंवाई हैं और 16,384 नए केस सामने आए हैं। इन आंकड़ों के बाद राजस्थान में 8 लाख से ज्यादा कुल संक्रमित हो गए। छत्तीसगढ़ के बाद राजस्थान 10वां राज्य बन गया। बीते 6 दिन के अंदर राज्य में कोरोना के एक लाख नए मरीज सामने आए है। जिलेवार पॉजिटिविटी रेट देखें तो बुधवार को 18 जिले ऐसे रहे जहां संक्रमण की दर 20 फीसदी से ऊपर रही। सबसे ज्यादा संक्रमण दर अलवर में 34 फीसदी दर्ज हुई, जबकि सबसे कम जालौर में 2 फीसदी। जालौर में आज 1932 सैंपल जांचे गए, जिनमें से 38 ही पॉजिटिव निकले।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग से मिली रिपोर्ट को देखें तो बीते 24 घंटे में राज्य में 16,384 नए केस मिले हैं, जबकि 164 लोगों की मौत हो गई। वहीं कोरोना से 12,840 लोग रिकवर भी हुए है। हालांकि बुधवार को सैंपलिंग की संख्या मंगलवार की तुलना में कम रही। आज कुल 77032 लोगों के सैंपल की जांच की गई, जिसमें से 16,384 पॉजिटिव मिले है। इस कारण पॉजिटिविटी रेट 21.26% रही। सबसे ज्यादा पॉजिटिव केस 3214 जयपुर में मिले है। इसी तरह जोधपुर में 1260, अलवर में 1214, कोटा 950, उदयपुर 907 और चूरू में 715 केस आए है।जयपुर में एक्टिव केस 50 हजार के पार, रेमडेसिविर की कालाबाजारी रोकने के लिए निकाला नया रास्ता
राजधानी जयपुर में हालात सबसे ज्यादा खराब होते जा रहे हैं। यहां आज एक्टिव केसों की संख्या 50,026 पर पहुंच गई। जयपुर में आज कोरोना से 58 लोगों की जान भी चली गई। मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण अस्पतालों में बेड्स की किल्लत अभी भी बनी हुई है। इधर अस्पतालों में जीवन रक्षक दवाओं में शुमार रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी को रोकने के लिए प्रशासन ने नया रास्ता निकाला है। इसके तहत सरकारी अस्पतालों में रेमडेसिविर इंजेक्शन लगाने के बाद मरीज के परिजन के हस्ताक्षर रिकॉर्ड में दर्ज करवाने होंगे और खाली शीशी मेडिकल स्टोर में जमा करवानी होगी।