वैश्विक तनाव में कमी के संकेत मिलते ही भारतीय शेयर बाजार में तेजी का सिलसिला लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। बुधवार को निवेशकों का भरोसा लौटता नजर आया और बाजार ने मजबूती के साथ कारोबार का समापन किया। ईरान और इजरायल के बीच टकराव के कम होते असर और अमेरिका की ओर से शांति प्रयासों की खबरों ने निवेशकों की धारणा को सकारात्मक बनाया, जिसका असर घरेलू बाजारों पर साफ दिखा।
25 मार्च 2026 को बीएसई सेंसेक्स में जोरदार उछाल देखने को मिला और यह 1.63% की बढ़त के साथ 75,273.45 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई का निफ्टी 50 भी पीछे नहीं रहा और 1.72% की तेजी के साथ 23,306.45 अंक पर पहुंच गया। बाजार में आई इस मजबूती ने संकेत दिया कि निवेशक फिर से जोखिम लेने के मूड में लौट रहे हैं।
अगर सेंसेक्स के प्रमुख बढ़त वाले शेयरों की बात करें, तो अल्ट्राटेक सीमेंट ने 4.39% की छलांग लगाई। इसके अलावा बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, टाइटन कंपनी और इंटरग्लोब एविएशन जैसे दिग्गज शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। इन कंपनियों के प्रदर्शन ने बाजार की तेजी को और मजबूती दी।
वहीं दूसरी ओर कुछ शेयर दबाव में भी नजर आए। टेक महिंद्रा में 1.66% की गिरावट दर्ज की गई, जबकि पावर ग्रिड, टीसीएस और भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स जैसे शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। हालांकि, कुल मिलाकर बाजार का रुख सकारात्मक ही बना रहा।
दिन की शुरुआत भी काफी उत्साहजनक रही थी। सुबह 9:20 बजे के आसपास सेंसेक्स करीब 854 अंकों की बढ़त के साथ 74,922 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। इसी दौरान निफ्टी 50 भी लगभग 275 अंकों की तेजी के साथ 23,185 के स्तर पर पहुंच गया था। हालांकि शुरुआती कारोबार में रुपये पर हल्का दबाव देखा गया और यह डॉलर के मुकाबले 20 पैसे कमजोर होकर 93.96 पर ट्रेड करता नजर आया।
प्री-ओपन सेशन में ही बाजार ने मजबूती के संकेत दे दिए थे। सेंसेक्स 1,300 अंकों से ज्यादा की बढ़त के साथ 74,000 के पार पहुंच गया था, जबकि निफ्टी में भी करीब 400 अंकों की तेजी दर्ज की गई थी। GIFT निफ्टी से मिले सकारात्मक संकेतों ने निवेशकों का मनोबल बढ़ाया। इससे पहले मंगलवार को भी बाजार ने जोरदार रिकवरी करते हुए अपने पिछले नुकसान की भरपाई कर ली थी।
मंगलवार के कारोबार में बीएसई सेंसेक्स करीब 1.9% यानी 1,370 अंक चढ़कर 74,000 के ऊपर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी 50 ने भी 1.8% की बढ़त के साथ 22,900 के स्तर को पार किया था। इस तेजी में HDFC बैंक, ICICI बैंक और लार्सन एंड टुब्रो जैसे बड़े शेयरों की अहम भूमिका रही थी।
वैश्विक बाजारों में भी सकारात्मक माहौल देखने को मिला। एशिया-प्रशांत क्षेत्र के प्रमुख शेयर बाजारों में अच्छी तेजी दर्ज की गई। जापान का निक्केई 225 करीब 3.05% चढ़कर 53,847.76 पर पहुंच गया, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी 3.23% उछलकर 5,733.23 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं ऑस्ट्रेलिया का ASX 200 भी 2.04% की मजबूती के साथ 8,550.20 पर कारोबार करता दिखा।
इस बीच कच्चे तेल की कीमतों में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जिसने बाजार की धारणा को और मजबूत किया। ब्रेंट क्रूड करीब 6% गिरकर 98.31 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि WTI क्रूड भी 5% की गिरावट के साथ 87.65 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड करता नजर आया। तेल कीमतों में आई इस गिरावट की प्रमुख वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत जारी है और शांति समझौते की दिशा में प्रगति हो रही है।
कुल मिलाकर, वैश्विक स्तर पर तनाव कम होने और सकारात्मक संकेत मिलने से भारतीय शेयर बाजार में तेजी का माहौल बना हुआ है। निवेशकों की वापसी और बेहतर ग्लोबल संकेतों के चलते आने वाले दिनों में भी बाजार की दिशा सकारात्मक रहने की उम्मीद जताई जा रही है।