उपराष्ट्रपति पद की दौड़ में बी. सुदर्शन रेड्डी, विपक्षी नेताओं संग दाखिल किया नामांकन

इंडिया गठबंधन ने उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए अपने प्रत्याशी बी. सुदर्शन रेड्डी के नामांकन के साथ औपचारिक रूप से मैदान में उतरने का ऐलान कर दिया। गुरुवार (21 अगस्त) को नामांकन दाखिल करने के मौके पर कांग्रेस की शीर्ष नेता सोनिया गांधी, सांसद राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव और शिवसेना (यूबीटी) के संजय राउत समेत विपक्ष के कई दिग्गज नेता मौजूद रहे। इस मुकाबले में एनडीए की ओर से मैदान में हैं सीपी राधाकृष्णन।

विपक्ष की ताकत का प्रदर्शन

सुदर्शन रेड्डी के नामांकन पत्र कुल चार सेट में दाखिल किए गए। इन पर कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे और द्रमुक के सांसद तिरुचि शिवा समेत लगभग 160 सांसदों ने बतौर प्रस्तावक और अनुमोदक हस्ताक्षर किए। यह विपक्षी एकजुटता का स्पष्ट संदेश था। गौरतलब है कि बी. सुदर्शन रेड्डी उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश रह चुके हैं और गोवा के लोकायुक्त का पद भी संभाल चुके हैं।

दक्षिण भारत से दोनों उम्मीदवार

इस बार उपराष्ट्रपति चुनाव की एक खासियत यह है कि मैदान में उतरे दोनों दावेदार दक्षिण भारत से आते हैं। एनडीए के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन तमिलनाडु से ताल्लुक रखते हैं। भाजपा में वे लंबे समय से सक्रिय रहे हैं और दक्षिण भारत में संगठन को मजबूत करने में उनकी अहम भूमिका रही है। उनका जन्म तिरुप्पुर जिले में हुआ था। दूसरी ओर, इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी आंध्र प्रदेश (वर्तमान तेलंगाना) के रंगारेड्डी जिले से आते हैं।

एनडीए का प्रत्याशी और विपक्ष की चुनौती

एनडीए ने सीपी राधाकृष्णन को 20 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में आधिकारिक रूप से नामांकित किया था। राधाकृष्णन तमिलनाडु की राजनीति में एक जाना-माना नाम रहे हैं। वहीं विपक्ष के पाले में आए सुदर्शन रेड्डी अपनी कानूनी पृष्ठभूमि और न्यायपालिका में लंबे अनुभव के चलते मजबूत उम्मीदवार माने जा रहे हैं। दोनों के बीच होने वाला मुकाबला दक्षिण भारत के राजनीतिक परिदृश्य में भी दिलचस्पी का केंद्र बन गया है।

कांग्रेस ने दी जानकारी

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर नामांकन को लेकर जानकारी साझा की। उन्होंने बी. सुदर्शन रेड्डी का बयान भी सार्वजनिक किया, जिसमें रेड्डी ने कहा कि वे लोकतंत्र की गरिमा और संविधान की मर्यादा को सर्वोपरि मानकर जिम्मेदारी निभाएंगे।