‘वंदे मातरम’ के गायन को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच चल रही राजनीतिक तकरार अब कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के विदेशी मूल को लेकर भी विवाद में बदल गई है। केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने इस मुद्दे पर सोनिया गांधी की आलोचना करते हुए उनके इतालवी मूल का जिक्र किया। उनके बयान पर कांग्रेस ने कड़ा पलटवार किया और इसे हताशा से भरा बयान बताया।
यह विवाद 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कांग्रेस कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान ‘वंदे मातरम’ के पूरे संस्करण के गायन को लेकर बीजेपी की ओर से लगाए गए आरोपों के बाद बढ़ा है। बीजेपी ने दावा किया था कि सोनिया गांधी ने कार्यक्रम में राष्ट्रगीत के पूरे संस्करण के गायन पर आपत्ति जताई थी। कांग्रेस ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि ऐसा कोई प्रयास नहीं किया गया था।
कुमारस्वामी ने सोनिया गांधी पर साधा निशानाकेंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने सोमवार को ‘वंदे मातरम’ को लेकर कांग्रेस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए सोनिया गांधी की आलोचना की। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को राष्ट्रीय गीत का सम्मान करना चाहिए। इसी दौरान उन्होंने सोनिया गांधी के विदेशी मूल को मुद्दा बनाया।
कुमारस्वामी ने कहा, “सोनिया गांधी से और क्या उम्मीद की जा सकती है? क्या सोनिया गांधी हमारे देश की हैं? वह शादी के बाद हमारे देश आईं। उनकी रगों में जो खून बह रहा है, वह इटैलियन खून है, है ना?”
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस को शायद ‘वंदे मातरम’ पसंद नहीं है और पार्टी नेताओं को इस मामले में “संकीर्ण सोच” नहीं दिखानी चाहिए।
कांग्रेस नेता ने किया पलटवारकर्नाटक सरकार में मंत्री और कांग्रेस नेता रिज़वान अरशद ने कुमारस्वामी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को “हताश व्यक्ति” बताते हुए सोनिया गांधी के भारतीय होने पर सवाल उठाने की आलोचना की।
अरशद ने कहा, “कुमारस्वामी एक हताश व्यक्ति हैं। अगर वह सोनिया गांधी जी के बारे में इस तरह की बातें करते हैं, तो उन्हें पता होना चाहिए कि वह कई भारतीयों से कहीं ज़्यादा भारतीय हैं। उनके पति राजीव गांधी ने इस देश के लिए अपनी जान दी। वह एक एकजुट भारत, एक न्यायपूर्ण भारत के लिए लड़ रही हैं।”
कुमारस्वामी ने दूसरे दिन फिर उठाया सवालकेंद्रीय मंत्री ने मंगलवार को भी सोनिया गांधी पर अपनी टिप्पणी जारी रखी। उन्होंने सवाल किया कि सोनिया गांधी ने देश के लिए क्या त्याग किया है। कुमारस्वामी ने कहा कि राजीव गांधी ने त्याग किया, लेकिन सोनिया गांधी के त्याग को लेकर सवाल उठाया।
उन्होंने कहा, “हां, उनके पति ने त्याग किया है, लेकिन उन्होंने क्या त्याग किया है? उन्होंने इसका (वंदे मातरम का) अनादर किया है। वह ज़ाहिर तौर पर भारतीय नहीं हैं, वह इटैलियन हैं। उन्होंने एक भारतीय नागरिक से शादी की। वह इटली से आई हैं।”
कुमारस्वामी ने आगे कहा कि इसी वजह से सोनिया गांधी भारतीय भावनाओं का विरोध कर रही हैं।
‘वंदे मातरम’ के इतिहास का भी किया जिक्रकुमारस्वामी ने अपने बयान के दौरान कांग्रेस के एक पुराने अधिवेशन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि एक कांग्रेस अधिवेशन में ‘वंदे मातरम’ गाया गया था, जिसमें महात्मा गांधी मौजूद थे और नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर ने भी इस गीत का गायन किया था।
उनकी टिप्पणी ऐसे समय आई है जब स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान कांग्रेस कार्यालय में ‘वंदे मातरम’ के गायन को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप चल रहे हैं।
सोनिया गांधी पर बीजेपी के आरोप को कांग्रेस ने नकाराबीजेपी ने शनिवार को आरोप लगाया था कि कांग्रेस के स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम’ का पूरा संस्करण गाए जाने पर सोनिया गांधी ने आपत्ति जताई थी। इस आरोप को कांग्रेस ने स्पष्ट रूप से खारिज किया।
कांग्रेस के अनुसार, सोनिया गांधी की ओर से राष्ट्रगीत के पूर्ण संस्करण के गायन को रोकने की कोई कोशिश नहीं की गई थी। पार्टी ने बताया कि सोनिया गांधी उस समय कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के लिए कुर्सी मांग रही थीं, क्योंकि खरगे काफी देर से खड़े थे।
इस तरह ‘वंदे मातरम’ के गायन से शुरू हुआ विवाद अब कांग्रेस और बीजेपी के बीच राजनीतिक बयानबाजी का नया केंद्र बन गया है। एक ओर बीजेपी नेता कांग्रेस पर राष्ट्रगीत के सम्मान को लेकर सवाल उठा रहे हैं, वहीं कांग्रेस इन आरोपों को खारिज करते हुए बीजेपी पर राजनीतिक मुद्दे को तूल देने का आरोप लगा रही है।