ट्विशा शर्मा केस में बड़ा खुलासा, पोस्टमार्टम के दौरान पुलिस की भारी लापरवाही पर उठे सवाल

ट्विशा शर्मा मौत मामले में जांच के दौरान एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है, जिसने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस केस में अब सिर्फ मौत की गुत्थी ही नहीं, बल्कि जांच में लापरवाही और संभावित सबूतों से छेड़छाड़ को लेकर भी बहस तेज हो गई है। एम्स भोपाल की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया है कि जिस बेल्ट से ट्विशा शर्मा के फांसी लगाने का दावा किया जा रहा था, उसे पोस्टमार्टम के दौरान डॉक्टरों के सामने पेश ही नहीं किया गया। यही वजह रही कि डॉक्टर महिला के गले पर मिले निशानों का कथित फांसी के उपकरण से मिलान नहीं कर सके। इस चूक के सामने आने के बाद दिल्ली से भोपाल तक मामले में निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग तेज हो गई है।

ट्विशा शर्मा मूल रूप से नोएडा की रहने वाली थीं। उनकी मुलाकात समर्थ सिंह से साल 2024 में एक डेटिंग ऐप के जरिए हुई थी। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और दिसंबर 2025 में शादी हो गई। लेकिन शादी के कुछ महीनों बाद ही 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स इलाके स्थित ससुराल में ट्विशा संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटकी मिलीं। इस घटना के बाद परिवार ने पति समर्थ सिंह और ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए। परिवार का कहना है कि ट्विशा लंबे समय से मानसिक प्रताड़ना, शारीरिक उत्पीड़न और दहेज के दबाव का सामना कर रही थीं। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि मामले को कमजोर करने के लिए प्रभाव का इस्तेमाल किया गया।

पोस्टमार्टम में सबसे बड़ा सवाल उस बेल्ट को लेकर उठा, जिसे कथित तौर पर फांसी लगाने के लिए इस्तेमाल किया गया था। जांच में शामिल अधिकारियों ने माना है कि बेल्ट घटनास्थल से बरामद कर ली गई थी, लेकिन उसे पोस्टमार्टम के समय डॉक्टरों के सामने प्रस्तुत नहीं किया गया। सहायक पुलिस आयुक्त रजनीश कश्यप, जो इस मामले की जांच के लिए बनाई गई एसआईटी का नेतृत्व कर रहे हैं, ने इस चूक को स्वीकार किया है। उन्होंने बताया कि फांसी में इस्तेमाल की गई सामग्री घटना वाले दिन जब्त कर ली गई थी, लेकिन मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मी और जांच अधिकारी उसे मेडिकल जांच के दौरान जमा कराना भूल गए।

एसीपी कश्यप के मुताबिक फिलहाल इस लापरवाही की अलग से जांच की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि आखिर इतनी अहम सामग्री पोस्टमार्टम प्रक्रिया से कैसे बाहर रह गई। उन्होंने यह भी बताया कि बाद में उस सामग्री को फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की टीम को सौंप दिया गया था और फिलहाल वह एम्स भोपाल में सुरक्षित रखी गई है। अधिकारियों का कहना है कि फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में कई सवालों के जवाब मिल सकते हैं।
इस पूरे मामले में एक और गंभीर सवाल यह उठ रहा है कि पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले ट्विशा का शव फंदे से क्यों उतारा गया और अस्पताल क्यों ले जाया गया। आमतौर पर ऐसे मामलों में पुलिस जांच और पंचनामा पूरा होने से पहले शव को नहीं हटाया जाता। पुलिस अब इसी पहलू की भी जांच कर रही है। एसीपी कश्यप ने बताया कि घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज निकाली जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि घटना के बाद क्या-क्या हुआ और किस परिस्थिति में ट्विशा को अस्पताल ले जाया गया।

मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब समर्थ सिंह की मां गिरिबाला सिंह पर भी सवाल उठने लगे। गिरिबाला सिंह एक रिटायर्ड जज हैं और इस केस में सह-आरोपी के तौर पर उनका नाम सामने आया है। ट्विशा के परिवार का आरोप है कि उन्होंने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर मामले को प्रभावित करने की कोशिश की। दूसरी तरफ गिरिबाला सिंह ने दावा किया कि ट्विशा मानसिक रूप से अस्थिर थीं और दवाइयों की आदी थीं। उनका कहना था कि दवाएं न मिलने पर उनमें बेचैनी और असामान्य व्यवहार देखने को मिलता था।

हालांकि पुलिस ने अब तक ऐसे किसी दावे की पुष्टि करने वाला कोई ठोस सबूत मिलने से इनकार किया है। दहेज प्रताड़ना के आरोपों को खारिज करने के लिए गिरिबाला सिंह की ओर से 5 हजार से लेकर 50 हजार रुपये तक के ऑनलाइन ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड भी पेश किए गए। उनका दावा है कि परिवार नियमित रूप से ट्विशा की जरूरतों का ध्यान रखता था और आर्थिक रूप से उसकी मदद करता था।

इस बीच मामले में कानूनी कार्रवाई भी तेज हुई है। गिरिबाला सिंह को जिला अदालत से पहले ही अग्रिम जमानत मिल चुकी है, जबकि उनके बेटे समर्थ सिंह को राहत नहीं मिली। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था। बाद में समर्थ सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया और अब उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

ट्विशा शर्मा के परिवार का कहना है कि शादी से पहले वह बेहद खुशमिजाज और आत्मविश्वासी लड़की थीं, लेकिन विवाह के बाद उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई। परिवार के मुताबिक लगातार मानसिक तनाव और प्रताड़ना के कारण उनका करीब 15 किलो वजन कम हो गया था। सोमवार को ट्विशा की अपनी मां और एक करीबी दोस्त के साथ हुई चैट भी सामने आई, जिसने मामले को और संवेदनशील बना दिया। इन चैट्स में वह लगातार खुद को बचाने की गुहार लगाती दिखाई दे रही थीं।

परिवार का दावा है कि ट्विशा अपनी मां से बार-बार भोपाल से वापस ले जाने की बात कह रही थीं। वहीं अपनी दोस्त को वह शादी जैसे रिश्ते में न पड़ने की सलाह दे रही थीं। रिश्तेदारों के अनुसार घटना वाले दिन रात करीब 10 बजे तक ट्विशा अपने करीबियों के संपर्क में थीं और सामान्य बातचीत कर रही थीं। अब इन सभी तथ्यों और सबूतों के आधार पर पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जो इस केस की दिशा तय कर सकती है।