जिस हुडी से पहचान छिपाने की कोशिश की, वही बनी गिरफ्तारी की वजह; सिया के प्रेमी तक ऐसे पहुंची पुलिस

पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में पुलिस को ऐसे कई सुराग मिले हैं, जिन्होंने इस मामले की पूरी तस्वीर बदलकर रख दी। शुरुआती दौर में जिस घटना को एक दुखद हादसा समझा जा रहा था, वह जांच आगे बढ़ने के साथ एक सुनियोजित हत्या की साजिश के रूप में सामने आई। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, लोहागढ़ किले पर हुई इस घटना के पीछे केतन की मंगेतर सिया और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी की भूमिका सामने आई है। हैरानी की बात यह है कि आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए जिस हुडी का इस्तेमाल किया था, वही बाद में उसके खिलाफ सबसे अहम सबूत साबित हुई।

33 डिग्री की गर्मी में हुडी पहनकर घूमना बना शक की वजह


पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, केतन अग्रवाल की संदिग्ध मौत के बाद पुणे पुलिस ने घटनास्थल और उसके आसपास लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। इसी दौरान पुलिस की नजर एक ऐसे युवक पर पड़ी, जिसने पूरे समय हुडी पहन रखी थी और वह लगातार केतन तथा सिया के पीछे-पीछे चलता दिखाई दे रहा था।

जांच अधिकारियों को यह बात असामान्य लगी क्योंकि घटना वाले दिन क्षेत्र का तापमान लगभग 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। इतनी गर्मी में किसी व्यक्ति का पूरी तरह हुडी पहनकर घूमना स्वाभाविक नहीं माना गया। फुटेज में दिखाई दे रहे युवक की गतिविधियां भी सामान्य नहीं लग रही थीं। वह बार-बार दूरी बनाकर दोनों का पीछा कर रहा था और खुद को कैमरों से बचाने की कोशिश करता दिखाई दे रहा था। यही संदेह आगे चलकर पुलिस जांच की दिशा बदलने वाला साबित हुआ।

चेहरा छिपाने की कोशिश ने बढ़ाया पुलिस का शक

पुणे पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान कई ऐसे तथ्य सामने आए जिन्होंने इस पूरे मामले को महज दुर्घटना मानने की संभावना को कमजोर कर दिया। इसके बाद पुलिस ने किले के प्रवेश द्वार और टिकट काउंटर के आसपास लगे कैमरों की फुटेज को बारीकी से देखना शुरू किया।

फुटेज में केतन और सिया एक साथ किले की ओर जाते दिखाई दिए। लेकिन कुछ देर बाद कैमरे में एक अन्य व्यक्ति भी नजर आया, जो दोनों से कुछ मीटर पीछे चल रहा था। उसने अपने सिर पर हुडी इतनी नीचे तक कर रखी थी कि उसका चेहरा लगभग पूरी तरह ढका हुआ था। इसके साथ ही उसने हेडफोन या हेडसेट भी पहन रखा था, जिससे उसकी पहचान करना और मुश्किल हो गया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि एक अन्य वीडियो में सिया अचानक पीछे मुड़कर देखती है और उसी समय हुडी पहने वह युवक झटके से नीचे बैठ जाता है, मानो वह खुद को नजरों से बचाना चाहता हो। यह व्यवहार जांच टीम को बेहद संदिग्ध लगा और यहीं से पुलिस का ध्यान उस व्यक्ति पर केंद्रित हो गया।
मौसम की एक जानकारी ने खोला हत्या का राज

जांच के दौरान पुलिस ने मौसम विभाग से भी जानकारी जुटाई। पता चला कि 18 जून को इलाके का तापमान लगभग 33 डिग्री सेल्सियस था। ऐसे में अधिकारियों के मन में सवाल उठा कि आखिर इतनी गर्मी में कोई व्यक्ति अपने पूरे शरीर को ढककर क्यों घूमेगा।

यही सवाल पुलिस को सिया तक ले गया। जब उससे पूछताछ शुरू की गई और तकनीकी साक्ष्यों को उसके बयानों से मिलाया गया तो कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आने लगीं। जांच में खुलासा हुआ कि हुडी पहनकर घूम रहा युवक कोई और नहीं बल्कि सिया का प्रेमी चेतन चौधरी था।

पुलिस के अनुसार, दोनों ने मिलकर केतन अग्रवाल को लोहागढ़ किले की लगभग 400 फीट गहरी खाई में धक्का दिया था। घटना को दुर्घटना दिखाने के लिए पूरी योजना बनाई गई थी ताकि किसी को हत्या का शक न हो। वारदात के तुरंत बाद चेतन वहां से निकल गया और खुद को मामले से दूर रखने की कोशिश करता रहा।

फोन रिकॉर्ड्स ने जोड़ दिए साजिश के तार

पुलिस ने मामले की तह तक पहुंचने के लिए तकनीकी जांच को और विस्तार दिया। अधिकारियों ने सिया के मोबाइल फोन के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) की जांच की, जिसमें कई अहम तथ्य सामने आए।

जांच में पता चला कि सिया लगातार एक ही व्यक्ति के संपर्क में थी। बाद में उस नंबर की पहचान चेतन चौधरी के रूप में हुई। दोनों के बीच लगातार बातचीत और संपर्क के प्रमाण मिलने के बाद पुलिस का संदेह और मजबूत हो गया।

अधिकारियों ने बताया कि तकनीकी साक्ष्यों के अलावा स्थानीय खुफिया इनपुट और लोनावला ग्रामीण पुलिस थाने तथा स्थानीय अपराध शाखा से मिली जानकारी भी जांच में महत्वपूर्ण साबित हुई। इन सुरागों के आधार पर पुलिस टीम चेतन तक पहुंचने में सफल रही और उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई।

पूछताछ के दौरान सामने आए तथ्यों और उपलब्ध सबूतों के आधार पर पूरी साजिश की परतें खुलती चली गईं। पुलिस का दावा है कि सिया और चेतन दोनों ने केतन अग्रवाल की हत्या में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली है। इसके बाद दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। फिलहाल पुलिस मामले के सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस पूरी साजिश की योजना कब और कैसे तैयार की गई थी।