नई दिल्ली। SIR को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच दिल्ली में विपक्षी दलों की अहम बैठक हो रही है। INDIA ब्लॉक की इस बैठक में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, ममता बनर्जी, तेजस्वी यादव और उमर अब्दुल्लाह समेत कई विपक्षी नेता शामिल हुए हैं। बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR से जुड़े मुद्दों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित महाभियोग नोटिस पर चर्चा की बात सामने आई है।
इसी बीच केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्षी दलों की एकजुटता और राहुल गांधी की नेतृत्व भूमिका को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि INDIA ब्लॉक के कई सहयोगी दल राहुल गांधी को नेता के तौर पर स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं। शिवराज ने बैठक में कुछ प्रमुख विपक्षी नेताओं और दलों की गैरमौजूदगी का भी उल्लेख किया।
राहुल गांधी के नेतृत्व पर शिवराज का निशानाविपक्षी दलों की बैठक को लेकर शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि INDIA ब्लॉक राहुल गांधी को अपना नेता मानने के लिए तैयार नहीं है। उन्होंने कांग्रेस के भीतर भी राहुल गांधी के नेतृत्व को लेकर सवाल उठाया।
शिवराज ने कहा, इंडी गठबंधन राहुल गांधी को नेता मानने को तैयार नहीं है। कांग्रेस के नेता भी राहुल गांधी को नेता मानने को तैयार नहीं हैं। जिसे कांग्रेसी नेता नहीं मान रहे, उसे देश नेता कैसे मानेगा?
उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व को स्वीकार नहीं किए जाने की वजह से गठबंधन के सहयोगी दल बैठक में शामिल नहीं हो रहे हैं। शिवराज के मुताबिक, राहुल गांधी कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में खुद नेताओं से उन्हें नेता मानने और उन पर विश्वास करने की बात कह रहे हैं।
शिवराज ने INDIA ब्लॉक की एकजुटता पर टिप्पणी करते हुए कहा कि गठबंधन बैठक से पहले ही बिखरा हुआ है। उन्होंने दावा किया कि DMK बैठक में शामिल नहीं हो रही है, अखिलेश यादव अन्य व्यस्तताओं के कारण नहीं आ रहे हैं और AAP पहले ही बैठक में शामिल होने से इनकार कर चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि उद्धव ठाकरे बैठक में व्यक्तिगत रूप से शामिल होने के बजाय वर्चुअल माध्यम से जुड़ेंगे।
SIR को लेकर विपक्ष की बैठक में क्या मुद्दा हैविपक्षी दल SIR को लेकर कथित अनियमितताओं के आरोपों पर सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ अपना रुख मजबूत कर रहे हैं। इसी सिलसिले में दिल्ली में यह बैठक बुलाई गई है। बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की संभावित कार्रवाई पर भी चर्चा की बात कही गई है।
दिए गए विवरण के अनुसार, विपक्ष संसद के दोनों सदनों में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहा है। प्रस्ताव से संबंधित नोटिस का मसौदा तैयार होने और बैठक में उस पर चर्चा किए जाने की बात सामने आई है।
'शुद्ध वोटर लिस्ट लोकतंत्र की आत्मा'SIR के मुद्दे पर भी शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष के आरोपों पर सवाल उठाए। उन्होंने मतदाता सूची में सही नामों की मौजूदगी को लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए जरूरी बताया।
शिवराज ने कहा, शुद्ध वोटर लिस्ट लोकतंत्र की आत्मा है। वोटर लिस्ट में गलत नाम जुड़े तो लोकतंत्र ही मर जाएगा।
उन्होंने मतदाता सूची से मृत लोगों के नाम हटाने और गैर-नागरिकों के नाम शामिल होने के मुद्दे पर भी सवाल उठाया। शिवराज ने कहा कि जो व्यक्ति जीवित नहीं है, उसका नाम मतदाता सूची से हटाने पर आपत्ति क्यों होनी चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल किया कि जो देश का नागरिक नहीं है, उसका नाम मतदाता सूची में क्यों शामिल किया जाना चाहिए।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत रखने के लिए मतदाता सूची का शुद्ध और सही होना जरूरी है।
चुनावी नतीजों को लेकर भी विपक्ष पर हमलाशिवराज सिंह चौहान ने अपने बयान में विपक्ष के चुनावी प्रदर्शन और SIR से जुड़े आरोपों को भी जोड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष चुनावी मैदान में जीत हासिल नहीं कर पाने के बाद अपनी हार के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जिम्मेदार ठहराता है।
उत्तर प्रदेश के चुनावी नतीजों का जिक्र करते हुए शिवराज ने सवाल किया कि अखिलेश यादव को 37 सीटें कैसे मिलीं। उन्होंने कहा कि अलग-अलग राज्यों में चुनाव के अलग-अलग परिणाम सामने आते हैं और हार के बाद वोट चोरी का आरोप लगाया जाता है।
शिवराज ने कहा, मैदान में जीत नहीं पाते, इसलिए हार का ठीकरा प्रधानमंत्री मोदी पर फोड़ते हैं। उन्होंने आगे दावा किया कि वोट चोरी नहीं हुई है और देश अब इसे समझता है। इसी क्रम में उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जनता ने ऐसे लोगों और कांग्रेस को वोट देना बंद कर दिया है।
SIR विवाद के बीच विपक्षी दलों की बैठकSIR विवाद और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी दलों की बैठक ऐसे समय हो रही है जब मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक बहस जारी है। बैठक में विपक्षी दल आगे की रणनीति पर चर्चा कर रहे हैं।
वहीं, शिवराज सिंह चौहान के बयान से साफ है कि सत्तापक्ष SIR को लेकर विपक्ष के आरोपों को स्वीकार करने के बजाय मतदाता सूची की शुद्धता को अपने पक्ष का प्रमुख मुद्दा बना रहा है। विपक्ष की बैठक और उसमें प्रस्तावित महाभियोग नोटिस पर होने वाली चर्चा के बाद इस राजनीतिक विवाद की अगली दिशा स्पष्ट होगी।