लोकतंत्र के चीरहरण को कपड़ों से कैसे ढकेंगे?, सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाने पर बोली RJD

नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर आमरण अनशन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस द्वारा धरनास्थल से हटाकर अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का सिलसिला लगातार जारी है। अब राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने भी इस कार्रवाई पर केंद्र सरकार को घेरते हुए तीखा हमला बोला है। पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका भारती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा कर सरकार की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए।

प्रियंका भारती ने एक्स पर जताई कड़ी आपत्ति

आरजेडी प्रवक्ता प्रियंका भारती ने अपने पोस्ट में लिखा, सोनम जी को जबरन जंतर-मंतर से उठा लिया गया। उन्हें कपड़ों से ढककर ले जाया गया, लेकिन सरकार शायद यह भूल गई कि लोकतंत्र के चीरहरण को कपड़ों से नहीं ढका जा सकता। याद रखिए, जिन छात्रों ने आत्महत्या की है, उनके खून के धब्बे आपकी जिम्मेदारी हैं। एक समय ऐसा भी आएगा जब लोग यह बताने में शर्म महसूस करेंगे कि वे भाजपा से जुड़े थे। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में बहस और तेज हो गई है।

संजय सिंह ने भी केंद्र सरकार पर साधा निशाना


इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भी सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने एक्स पर लिखा, ये कैसी गुंडागर्दी है? मोदी जी, सत्ता का अहंकार ज्यादा दिन नहीं टिकता। जिन युवाओं पर आज लाठियां चलाई जा रही हैं, वही कल सत्ता बदलने की ताकत बनेंगे। सोनम वांगचुक पिछले 21 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हैं, लेकिन उनकी मांगें सुनने के बजाय उन्हें जबरन उठाकर अस्पताल भेज दिया गया। संजय सिंह के इस बयान के बाद विपक्षी दलों की ओर से सरकार पर लगातार हमले किए जा रहे हैं।
डिंपल यादव ने कार्रवाई को बताया लोकतंत्र पर हमला

समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने भी इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, सोनम वांगचुक को जबरन हटाना सिर्फ एक प्रशासनिक कार्रवाई नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संविधान की भावना को कुचलने जैसा है। भाजपा सरकार अब शांतिपूर्ण विरोध की आवाज भी बर्दाश्त नहीं कर पा रही। यह लोकतांत्रिक व्यवस्था नहीं, बल्कि तानाशाही का संकेत है। उनके इस बयान के बाद विपक्षी दलों की ओर से सरकार के खिलाफ राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई।

21वें दिन अस्पताल ले गई दिल्ली पुलिस

गौरतलब है कि जंतर-मंतर पर पिछले कई दिनों से भूख हड़ताल कर रहे सोनम वांगचुक को शनिवार को उनके अनशन के 21वें दिन दिल्ली पुलिस ने धरनास्थल से हटाकर अस्पताल में भर्ती कराया। इसके साथ ही पुलिस ने प्रदर्शन स्थल पर मौजूद अन्य प्रदर्शनकारियों से भी शांतिपूर्वक स्थान खाली करने की अपील की। पूरे इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल और सुरक्षा एजेंसियों की तैनाती की गई ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।

हाई कोर्ट के निर्देशों और मेडिकल सलाह का दिया हवाला

दिल्ली पुलिस ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि यह कार्रवाई दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों और विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह के अनुरूप की गई है। पुलिस के मुताबिक, लगातार बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए सोनम वांगचुक को तत्काल चिकित्सकीय निगरानी में अस्पताल ले जाना जरूरी हो गया था। अधिकारियों ने यह भी कहा कि कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए और जंतर-मंतर पर मौजूद लोगों से शांतिपूर्वक धरनास्थल खाली करने का अनुरोध किया गया।

मेडिकल रिपोर्ट ने बढ़ाई थी चिंता

पिछले कई दिनों से जारी मेडिकल बुलेटिन में सोनम वांगचुक की सेहत लगातार गिरने की जानकारी सामने आ रही थी। दो दिन पहले जारी रिपोर्ट के अनुसार, लंबे समय तक भूख हड़ताल जारी रहने के कारण उनका वजन 8 किलोग्राम से अधिक कम हो चुका था और उनकी शारीरिक स्थिति तेजी से कमजोर होती जा रही थी। डॉक्टरों ने आशंका जताई थी कि यदि समय रहते आवश्यक चिकित्सा सहायता नहीं मिली तो उनके शरीर के महत्वपूर्ण अंग प्रभावित हो सकते हैं। इसी को देखते हुए उन्हें अस्पताल में भर्ती कराकर चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया।