PoK खुद कहेगा- मैं भारत का हिस्सा हूं’, मोरक्को से राजनाथ सिंह का बड़ा बयान

भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मोरक्को की जमीन से पाकिस्तान पर सीधा निशाना साधा और साथ ही अंतरराष्ट्रीय व्यापार से जुड़े टैरिफ मुद्दे पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। रविवार (21 सितंबर) को वे दो दिवसीय यात्रा पर मोरक्को के कासाब्लांका पहुंचे और भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कई अहम बातें कहीं।

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर पर दो टूक


राजनाथ सिंह ने अपने भाषण में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) का जिक्र करते हुए कहा कि वहां के हालात अब खुद इस ओर इशारा कर रहे हैं कि लोग भारत के साथ जुड़ना चाहते हैं। उन्होंने याद दिलाया कि उन्होंने पांच साल पहले ही कहा था कि PoK बिना किसी युद्ध के भारत में शामिल होगा। उनकी बातों में दृढ़ विश्वास झलक रहा था – “वह हमारी ही भूमि है, और वहां के लोग एक दिन खुद कहेंगे कि वे भारतीय हैं।”

टैरिफ विवाद पर अमेरिका को संदेश

टैरिफ को लेकर रक्षा मंत्री ने अमेरिका और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम लिए बिना चुटकी भी ली। उन्होंने कहा कि जब ट्रंप प्रशासन ने भारत पर 50% टैरिफ लगाया था, जिसमें से 25% पेनल्टी के तौर पर था, तब भारत ने तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। उन्होंने स्पष्ट किया – “जो लोग उदार हृदय वाले होते हैं, वे हर बात का जवाब तुरंत नहीं देते। धैर्य ही उनकी ताकत होती है।” इस टिप्पणी के जरिए राजनाथ सिंह ने यह संदेश देने की कोशिश की कि भारत अपनी नीतियों और कूटनीति में परिपक्व रवैया अपनाता है।

भारत-अमेरिका रिश्तों में तनाव और बातचीत की कोशिश

गौरतलब है कि हाल के दिनों में भारत और अमेरिका के बीच व्यापार और टैरिफ को लेकर तनाव बढ़ा है। इसी पृष्ठभूमि में विदेश मंत्री एस. जयशंकर और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल अमेरिका दौरे पर गए हैं। वे अमेरिकी अधिकारियों से मुलाकात कर समाधान तलाशने की कोशिश कर रहे हैं। सोमवार (22 सितंबर) को जयशंकर और अमेरिकी सीनेटर मार्को रुबियो के बीच मीटिंग भी तय है, जिससे उम्मीद है कि ट्रेड डील और टैरिफ विवाद पर सकारात्मक दिशा निकल सकती है।

मोरक्को यात्रा का महत्व

इस दौरे को खास बनाने वाली बात यह रही कि राजनाथ सिंह भारत के पहले रक्षा मंत्री बने, जिन्होंने मोरक्को का आधिकारिक दौरा किया। उनकी यह यात्रा भारत-मोरक्को के बीच रक्षा सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम मानी जा रही है। प्रवास के दौरान वे द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाई पर ले जाने की कोशिश करेंगे।