रेलवे ने बढ़ाई ट्रेनों की क्षमता, 22 की जगह अब 24 कोच से कम होगी वेटिंग की परेशानी

ट्रेन में कन्फर्म टिकट के लिए लंबी वेटिंग लिस्ट से जूझने वाले यात्रियों के लिए रेलवे की नई योजना राहत दे सकती है। रेलवे बोर्ड ने अधिक यात्री दबाव वाली मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में कोचों की संख्या बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। इसके तहत 22 कोच वाली कुछ ट्रेनों को 24 कोच का किया जाएगा। हालांकि, यह बदलाव सभी ट्रेनों में एक साथ लागू नहीं होगा।

करीब 160 अतिरिक्त यात्रियों को मिल सकती है जगह

दो अतिरिक्त कोच जोड़े जाने से संबंधित श्रेणी में लगभग 160 यात्रियों के लिए अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध हो सकती है। रेलवे का उद्देश्य उन ट्रेनों में सीटों की उपलब्धता बढ़ाना है, जिनमें सामान्य दिनों में भी यात्रियों की मांग काफी ज्यादा रहती है।

मौजूदा स्थिति में कई ट्रेनों में एसी थर्ड की वेटिंग 60 से 70 तक पहुंच जाती है, जबकि स्लीपर क्लास में यह आंकड़ा 100 से ऊपर चला जाता है। रेलवे की योजना के तहत यदि दो एसी थर्ड कोच जोड़े जाते हैं तो इस श्रेणी में वेटिंग काफी कम होने की संभावना है।

100-150 की वेटिंग घटकर 20-25 तक आने का अनुमान

रेलवे की इस पहल का संभावित असर वेटिंग लिस्ट पर भी पड़ सकता है। जिन प्रमुख ट्रेनों में व्यस्त समय के दौरान वेटिंग 100 से 150 तक पहुंच जाती है, उनमें अतिरिक्त कोच लगाए जाने के बाद यह संख्या करीब 20 से 25 तक आ सकती है। इससे यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी।

गोरखपुर-एलटीटी सुपरफास्ट में शुरू हुआ परीक्षण

रेलवे बोर्ड के निर्देश पर पूर्वोत्तर रेलवे में इस व्यवस्था को लागू करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। गोरखपुर से लोकमान्य तिलक टर्मिनस जाने वाली ट्रेन संख्या 20104 एलटीटी सुपरफास्ट में दो अतिरिक्त कोच लगाए गए हैं।

फिलहाल इसे परीक्षण के तौर पर किया गया है। रेलवे के यांत्रिक विभाग ने आगे की प्रक्रिया पर काम शुरू कर दिया है और बोर्ड के निर्देश के अनुसार इन अतिरिक्त कोचों को स्थायी रूप से शामिल किया जाना है।

ज्यादा भीड़ वाली ट्रेनों को मिलेगी प्राथमिकता

रेलवे ने साफ किया है कि 22 से 24 कोच करने की व्यवस्था सभी मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों पर एक साथ लागू नहीं होगी। पहले उन ट्रेनों को चुना जाएगा जिनमें यात्रियों का दबाव लगातार ज्यादा रहता है।

त्योहारों के दौरान बढ़ने वाली भीड़ के साथ-साथ पूरे साल अधिक यात्री संख्या वाली ट्रेनों को प्राथमिकता देने की योजना है। इस फैसले से रेलवे को ज्यादा यात्रियों को टिकट उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है और अतिरिक्त कोचों के कारण राजस्व में भी बढ़ोतरी हो सकती है।
17 जोन से जुटाई गई जानकारी

कोचों की संख्या बढ़ाने का निर्णय लेने से पहले रेलवे बोर्ड ने देश के सभी 17 जोन से मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में मौजूदा कोच व्यवस्था की जानकारी मांगी थी। 22 से बढ़ाकर 24 कोच करने के प्रस्ताव पर विचार के बाद अतिरिक्त कोच लगाने पर सहमति बनी।

हालांकि, इसे पूरी तरह लागू करने से पहले जरूरी बुनियादी व्यवस्थाएं पूरी करने की जरूरत बताई गई है।

सावन के अंतिम सोमवार के लिए भी रेलवे की तैयारी

सावन के अंतिम सोमवार पर हरिद्वार और ऋषिकेश जाने वाले श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए मुरादाबाद रेल मंडल ने भी अतिरिक्त इंतजाम किए हैं। प्रमुख ट्रेनों में अतिरिक्त जनरल कोच उपलब्ध कराए गए हैं।

इसके अलावा तीन जोड़ी कांवड़ मेला स्पेशल ट्रेनें शुरू की गई हैं। दिल्ली-हरिद्वार मेमू सेवा का भी अस्थायी विस्तार किया गया है।

यात्रियों की भीड़ को देखते हुए ट्रेन संख्या 54481, 54482, 54483, 54484, 54464, 54463, 54342 और 54341 में अतिरिक्त सामान्य श्रेणी के कोच लगाए गए हैं।