मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग अब अलग-अलग राजनीतिक और दबाव समूहों के आंदोलनों में प्रमुख मुद्दा बनती जा रही है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को ज्ञानेश कुमार के पद छोड़ने की मांग की। दूसरी ओर, कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रमुख अभिजीत दीपके भी उनके इस्तीफे की मांग पहले ही उठा चुके हैं। दोनों पक्षों की मांगों में समानता के बीच अब यह सवाल चर्चा में है कि क्या आने वाले समय में राहुल गांधी और अभिजीत दीपके इस मुद्दे पर किसी साझा मंच पर नजर आएंगे।
यह सवाल इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि जुलाई में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान दोनों पक्षों ने अलग-अलग मंचों से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और नीट पेपर लीक जैसे मुद्दे उठाए थे। हालांकि, उस समय राहुल गांधी ने सीजेपी के मंच से दूरी बनाए रखी थी।
जुलाई के आंदोलन में अलग-अलग दिखे थे कांग्रेस और सीजेपी20 जुलाई को सीजेपी के नेतृत्व में राजधानी में प्रदर्शन हुआ था। इस दौरान नीट पेपर लीक के खिलाफ नारेबाजी की गई थी। आंदोलन में विपक्षी दलों और अन्य समूहों की भी मौजूदगी रही। बाद में राहुल गांधी की अगुवाई में कांग्रेस ने भी पेपर लीक के मुद्दे पर अपना प्रदर्शन किया था। उस दौरान कांग्रेस के कई सांसद और नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के बाहर जुटे थे।
जुलाई में प्रकाशित इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस के भीतर यह चिंता थी कि ऐसी धारणा नहीं बननी चाहिए कि पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन की अगुवाई सीजेपी कर रही है। हालांकि, इस बारे में किसी कांग्रेस नेता की ओर से आधिकारिक तौर पर कोई बयान सामने नहीं आया था।
उस समय कांग्रेस भी पेपर लीक के मुद्दे को लेकर अलग-अलग राज्यों में प्रदर्शन कर रही थी। पार्टी राजस्थान और उत्तराखंड में भी इस मुद्दे पर अपनी मौजूदगी दर्ज करा चुकी थी।
अब ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे पर राहुल गांधी का रुखराहुल गांधी ने गुरुवार को कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन में ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त को तुरंत पद छोड़ देना चाहिए। इसके साथ ही राहुल गांधी ने उन्हें सरकारी गवाह बनने की बात भी कही और इसे 'राष्ट्रवाद का काम' बताया।
राहुल गांधी ने कहा, हम भारत में लोकतंत्र को नष्ट नहीं होने देंगे और चुप नहीं बैठेंगे। इसके लिए जिम्मेदार लोगों को सजा मिलेगी।
उन्होंने आगे आरोप लगाते हुए कहा कि जो लोग मताधिकार को निशाना बनाते हैं और भारत की लोकतांत्रिक संस्थाओं को बुनियादी रूप से नुकसान पहुंचाते हैं, वे देशद्रोहियों से कम नहीं हैं। यह राहुल गांधी का आरोप है, जिसे उन्होंने अपने बयान के दौरान रखा।
दो चुनाव आयुक्तों की भी राहुल ने की तारीफराहुल गांधी ने निर्वाचन आयोग के दो निर्वाचन आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी का भी उल्लेख किया। उन्होंने दोनों के रुख की तारीफ की।
हाल में प्रकाशित इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि दोनों निर्वाचन आयुक्तों ने कुछ मौकों पर एसआईआर को लेकर आपत्तियां दर्ज कराई थीं। राहुल गांधी ने उनके इस रुख को समझदारी भरा कदम बताया।
29 अक्टूबर को कांग्रेस कार्य समिति की बैठकइस बीच कांग्रेस की कार्य समिति यानी CWC की बैठक 29 अक्टूबर को होनी है। पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि बैठक में एसआईआर और चुनाव आयोग के काम करने के तरीके को लेकर पार्टी की रणनीति समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
इससे पहले कांग्रेस कार्य समिति की बैठक 19 अगस्त को हुई थी। आगामी बैठक में चुनाव आयोग और एसआईआर से जुड़े मुद्दे पार्टी की चर्चा के केंद्र में रहने की बात सामने आई है।
अभिजीत दीपके ने भी मांगा ज्ञानेश कुमार का इस्तीफादूसरी ओर, सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीपके ने भी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। उनकी ओर से 'इलेक्शन कमीशन ठीक करो' अभियान शुरू करने की बात कही गई है।
दीपके ने कहा है कि अगर ज्ञानेश कुमार 48 घंटे के भीतर इस्तीफा नहीं देते हैं तो देशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली में प्रदर्शन से पहले राष्ट्रव्यापी विरोध किया जाएगा और इसके बाद 'जंतर-मंतर 2.0' की बात भी कही।
सीजेपी की ओर से विपक्षी दलों से चुनाव नहीं लड़ने की अपील भी की गई है। दीपके ने हाल में हुए चुनावों को 'फिक्स्ड मैच' बताया था। यह उनकी ओर से किया गया राजनीतिक आरोप है।
सीजेपी की मांगों में SIR रोकना भी शामिलज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के अलावा सीजेपी ने एसआईआर के दौरान लिए गए फैसलों की जांच की मांग भी रखी है। संगठन की मांगों में एसआईआर को रोकना, पुरानी मतदाता सूची बहाल करना और एसआईआर से संबंधित जानकारी को जांच के लिए उपलब्ध कराने जैसी बातें शामिल हैं।
इसके अलावा चुनाव आयोग के आयुक्तों की नियुक्ति की प्रक्रिया में सुधार की मांग भी उठाई गई है। इस तरह सीजेपी का अभियान केवल मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे तक सीमित नहीं है, बल्कि चुनाव प्रक्रिया और निर्वाचन आयोग से जुड़े कई मुद्दों को भी इसमें शामिल किया गया है।
राहुल गांधी को लेकर पहले क्या कह चुके हैं दीपके?राहुल गांधी और अभिजीत दीपके के बीच पहले भी सार्वजनिक रूप से बयान सामने आ चुके हैं। जंतर-मंतर पर पुलिस कार्रवाई को लेकर राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की थी। उस समय दीपके ने एक चैनल से बातचीत में राहुल गांधी के रुख का समर्थन किया था।
न्यूज24 के एक कार्यक्रम में जब दीपके से पूछा गया कि क्या वह मानते हैं कि राहुल गांधी युवाओं की लड़ाई लड़ रहे हैं, तो उन्होंने जवाब दिया था, वह भी लड़ रहे हैं, सभी को लड़नी चाहिए।
ऐसे में ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और एसआईआर को लेकर दोनों पक्षों की मौजूदा मांगों में समान मुद्दे जरूर दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, जुलाई के प्रदर्शनों की तरह इस मुद्दे पर भी कांग्रेस और सीजेपी की गतिविधियां अलग-अलग रही हैं। आगे दोनों के बीच किसी साझा मंच या संयुक्त आंदोलन की स्थिति बनेगी या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है।