राहुल गांधी के बाद प्रियंका गांधी का भाजपा पर हमला, बोलीं- चुनावों में धांधली से बढ़ा पार्टी का ओवरकॉन्फिडेंस

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने चुनाव आयोग की मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर चल रहे विवाद के बीच भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। वायनाड में पत्रकारों से बातचीत के दौरान प्रियंका गांधी ने भाजपा के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें कहा गया था कि कांग्रेस चुनाव नहीं जीत पाने पर चुनाव की वैधता पर सवाल उठाती है। प्रियंका ने इस तर्क को खारिज करते हुए भाजपा से ऐसे घटिया बहाने बंद करने को कहा।

प्रियंका गांधी ने कहा कि चुनावों में गड़बड़ी के मुद्दे पर कांग्रेस के पास तथ्य और सबूत हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके भाई और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी कई प्रेस कॉन्फ्रेंस में इन सबूतों को सार्वजनिक कर चुके हैं। प्रियंका ने कहा कि अब यह बात पूरे देश के सामने है कि 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं।

प्रियंका बोलीं- तथ्य और सबूत देश के सामने हैं

कांग्रेस सांसद ने कहा कि चुनावों में धांधली को लेकर उठाए जा रहे सवालों को महज बहाना बताना सही नहीं है। उनके मुताबिक, राहुल गांधी इस मुद्दे पर पहले भी कई बार प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुके हैं और अपने दावों के समर्थन में सबूत सामने रख चुके हैं।

प्रियंका गांधी ने कहा, यह एक लचर बहाना है और भाजपा को ऐसे बहाने बनाने बंद करने चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अगर चुनावों में गड़बड़ी हो रही है और भाजपा का नेतृत्व चुनाव आयोग से ऐसा काम करा रहा है, तो यह देशद्रोह का काम है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों पर इसकी जिम्मेदारी है, उन्हें इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए।

भाजपा के 'ओवरकॉन्फिडेंट' होने का लगाया आरोप

प्रियंका गांधी ने भाजपा पर चुनावों में धांधली करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इसी वजह से पार्टी जरूरत से ज्यादा आत्मविश्वास में है। उन्होंने सवाल किया कि अगर भाजपा ऐसा कर रही है तो वह इसे स्वीकार क्यों नहीं करती और उसे किस बात का डर है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि अगर चुनावों में इस तरह की गड़बड़ी की जा रही है तो भाजपा लंबे समय से ऐसा कर रही है। उन्होंने इसी संदर्भ में पार्टी के ओवरकॉन्फिडेंट रहने की बात कही।

प्रियंका का यह बयान ऐसे समय आया है जब चुनाव आयोग में SIR को लेकर मतभेद की मीडिया रिपोर्ट के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। हालांकि, दिए गए संदर्भ में इन मीडिया रिपोर्टों के विस्तृत तथ्य या चुनाव आयोग की ओर से कोई प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है।
राहुल गांधी ने एक दिन पहले ज्ञानेश कुमार पर साधा था निशाना

प्रियंका गांधी के बयान से एक दिन पहले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर निशाना साधा था। राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार से इस्तीफा देने और कथित वोट चोरी के मामले में सरकारी गवाह बनने की मांग की थी।

राहुल गांधी ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा के खिलाफ एंटी-इनकंबेंसी नहीं होने को लेकर भी सवाल उठाया था। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की।

राहुल गांधी ने कहा था, आपने जो किया है वह देशद्रोह के बराबर है। यह संविधान और देश के कानूनी ढांचे पर हमला है। हम भारत में लोकतंत्र को नष्ट नहीं होने देंगे और चुप नहीं बैठेंगे। जो लोग इसके लिए जिम्मेदार हैं, उन्हें कभी न कभी सजा जरूर मिलेगी।

इस तरह प्रियंका गांधी का ताजा बयान राहुल गांधी के एक दिन पहले दिए गए बयान के बाद सामने आया है। दोनों नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर भाजपा तथा चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दिए गए संदर्भ में इन आरोपों के संबंध में भाजपा या चुनाव आयोग की ओर से कोई जवाब शामिल नहीं है।