प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर को देशभर में आयोजित किए जा रहे ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता आशुतोष रांका ने सवाल उठाया है। रांका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर करते हुए पूछा कि 17 सितंबर को देशभर के कॉलेजों में सुबह-सुबह ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाने के लिए क्यों कहा गया है और इस दिन किसका जन्मदिन है।
आशुतोष रांका ने अपनी पोस्ट में लिखा, “बताओ कल देशभर के कॉलेज को सुबह सुबह आशीर्वाद का दीया जलाने के लिए क्यों बोला गया है गाइज? बताओ कल किसका जन्मदिन है गाइज?” उनके इस पोस्ट का संदर्भ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम से है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन 17 सितंबर को है। इस अवसर पर भाजपा की ओर से ‘सेवा संकल्प अभियान’ की शुरुआत की जा रही है। अभियान के तहत 17 सितंबर को शाम 6 से 7 बजे के बीच ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाने की अपील की गई है। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी लोगों से अपने घरों में दीप जलाने और प्रधानमंत्री के अच्छे स्वास्थ्य व दीर्घायु की कामना करने की अपील की है।
सरकारी स्तर पर भी अलग-अलग राज्यों में इस कार्यक्रम को लेकर तैयारियां की गई हैं। हरियाणा सरकार की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 17 सितंबर को घर-घर ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाने की अपील की है। राज्य में इसे प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित ‘सेवा संकल्प अभियान’ से जोड़ा गया है।
कुछ स्थानों पर शिक्षण संस्थानों और सार्वजनिक संस्थानों को भी कार्यक्रम में शामिल किया गया है। उदाहरण के तौर पर, एक जिला प्रशासन की ओर से जारी निर्देश में ग्राम सचिवालयों, शिक्षण संस्थानों, चिकित्सा केंद्रों और सरकारी कार्यालयों में शाम 7 बजे ‘आशीर्वाद का दीया’ प्रज्वलित करने का उल्लेख किया गया है। हालांकि, आशुतोष रांका की पोस्ट में जिस तरह देशभर के कॉलेजों को सुबह-सुबह यह गतिविधि करने के लिए कहे जाने का दावा किया गया है, उसकी देशव्यापी पुष्टि उपलब्ध आधिकारिक स्रोतों से नहीं होती।
CJP नेता आशुतोष रांका इससे पहले भी शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर सक्रिय रहे हैं। CJP की ओर से सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत संगठन के नेताओं ने अलग-अलग राज्यों के सरकारी स्कूलों का दौरा कर वहां उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं और स्कूल भवनों की स्थिति से जुड़े मुद्दे उठाए हैं।
इसी क्रम में CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने 16 सितंबर को महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले से ‘आदिवासी स्कूल ठीक करो’ अभियान शुरू करने की घोषणा की थी। दीपके के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य आदिवासी विद्यार्थियों के सामने आने वाली समस्याओं और उनके साथ होने वाले भेदभाव की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित करना है। उन्होंने आरोप लगाया कि आदिवासी क्षेत्रों के स्कूलों की लंबे समय से उपेक्षा हुई है।
दीपके ने बताया कि अभियान के तहत CJP के प्रतिनिधि आदिवासी क्षेत्रों के स्कूलों का दौरा करेंगे और वहां की बुनियादी सुविधाओं तथा इंफ्रास्ट्रक्चर का जायजा लेंगे। यह अभियान CJP के पहले से चल रहे ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के बाद शुरू किया जा रहा है, जिसे ग्रामीण और शहरी सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने के उद्देश्य से शुरू किए जाने की बात संगठन ने कही है।
‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम को लेकर अलग-अलग राज्यों में जारी आधिकारिक और सार्वजनिक जानकारी में कार्यक्रम का समय और स्वरूप स्थान के अनुसार अलग हो सकता है। हरियाणा में मुख्यमंत्री कार्यालय की प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक लोगों से 17 सितंबर को शाम 6 से 7 बजे के बीच घरों में दीया जलाने की अपील की गई है, जबकि कुछ जिला स्तर की तैयारियों में सार्वजनिक स्थानों और शिक्षण संस्थानों को भी कार्यक्रम से जोड़ने की जानकारी दी गई है।
फिलहाल आशुतोष रांका की पोस्ट इस कार्यक्रम को लेकर CJP की ओर से सामने आई प्रतिक्रिया है। दूसरी ओर, ‘आशीर्वाद का दीया’ को लेकर भाजपा और विभिन्न राज्य सरकारों की ओर से 17 सितंबर को कार्यक्रम आयोजित करने और लोगों से इसमें शामिल होने की अपील की गई है।
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