UPI पर MDR लागू होने से इंडस्ट्री को मिलेगा राजस्व, PhonePe CEO समीर निगम ने बताया क्यों जरूरी है यह कदम

नई दिल्ली। UPI पर Merchant Discount Rate यानी MDR लागू होने के बाद PhonePe के फाउंडर और CEO समीर निगम ने इसे डिजिटल पेमेंट इंडस्ट्री के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया है। उन्होंने कहा कि 2,000 रुपये से अधिक के मर्चेंट UPI लेनदेन पर लगने वाला 0.4 प्रतिशत MDR पेमेंट इंडस्ट्री के लिए राजस्व का एक स्रोत बनाएगा, जिससे इस क्षेत्र में आगे निवेश किया जा सकेगा।

NPCI ने 15 सितंबर को नए MDR फ्रेमवर्क की घोषणा की है। इसके तहत 15 अक्टूबर 2026 से 2,000 रुपये से अधिक के Person-to-Merchant यानी P2M UPI लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत MDR लागू होगा। 75,000 रुपये या उससे अधिक के लेनदेन पर यह शुल्क अधिकतम 300 रुपये प्रति ट्रांजैक्शन तक सीमित रहेगा। Person-to-Person यानी P2P UPI भुगतान इस व्यवस्था के दायरे में नहीं हैं।

समीर निगम ने ANI के साथ बातचीत में कहा कि भारत में रोजाना करीब 70 से 80 करोड़ UPI लेनदेन होते हैं। उनके मुताबिक, 2,000 रुपये से कम के अधिकांश लेनदेन होने के कारण करीब 96 प्रतिशत ट्रांजैक्शन मुफ्त बने रहेंगे। उन्होंने कहा कि MDR से मिलने वाला अतिरिक्त राजस्व इंडस्ट्री को अपनी परिचालन लागत निकालने और UPI के विस्तार में निवेश करने में मदद कर सकता है।

निगम के अनुसार, पिछले छह वर्षों से UPI लेनदेन MDR से मुक्त रहे हैं और इस दौरान पेमेंट इंडस्ट्री को सिस्टम से जुड़ी लागत वहन करनी पड़ी है। उन्होंने कहा कि सीमित MDR लागू होने से उद्योग के पास UPI में आगे निवेश करने के लिए एक राजस्व मॉडल उपलब्ध होगा। यह बयान PhonePe की उस लंबे समय से चली आ रही स्थिति के अनुरूप है, जिसमें कंपनी UPI के लिए MDR आधारित राजस्व मॉडल की जरूरत की बात करती रही है।

हालांकि, इस बदलाव का मतलब आम UPI यूजर्स से सीधे चार्ज लिया जाना नहीं है। नए फ्रेमवर्क में शुल्क मर्चेंट साइड पर लागू है और सरकार ने स्पष्ट किया है कि इसे ग्राहकों पर डालने से बचने के लिए बैंकों को निर्देश दिए गए हैं। 2,000 रुपये तक के UPI भुगतान और Person-to-Person ट्रांजैक्शन भी शुल्क से बाहर रखे गए हैं।
नए नियमों के तहत छोटे कारोबारियों के लिए भी अलग प्रावधान किए गए हैं। 15 अक्टूबर से लागू होने वाले ढांचे में कम मूल्य वाले लेनदेन और छोटे मर्चेंट वर्ग को MDR से बचाने का प्रावधान है। इसका उद्देश्य बड़े मर्चेंट लेनदेन से राजस्व जुटाते हुए छोटे कारोबारियों और रोजमर्रा के कम मूल्य वाले डिजिटल भुगतान पर शुल्क का असर सीमित रखना है।

इस तरह PhonePe CEO का बयान ऐसे समय आया है जब UPI के लिए छह साल से चले आ रहे शून्य-MDR मॉडल में बदलाव हो रहा है। नए ढांचे के तहत मिलने वाला राजस्व पेमेंट इकोसिस्टम के अलग-अलग हिस्सों में साझा होगा और इसका इस्तेमाल डिजिटल भुगतान से जुड़े कारोबार तथा इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश के लिए किया जा सकेगा।