‘अगर आपके पास तथ्य हैं तो बहस के लिए आइए…’, निर्मला सीतारमण का राहुल गांधी को खुला चैलेंज

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार (1 फरवरी 2026) को संसद में बजट पेश किया, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत एनडीए के तमाम नेताओं ने विकासोन्मुखी और दूरदर्शी बताया। बजट भाषण के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में वित्त मंत्री ने अर्थव्यवस्था, रोजगार और औद्योगिक विकास से जुड़े कई मुद्दों पर सरकार का पक्ष स्पष्ट किया। इसी दौरान उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के उन आरोपों का भी जवाब दिया, जिनमें उन्होंने बेरोजगारी और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में गिरावट का दावा किया था।

भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत रफ्तार में: सीतारमण

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “मुझे समझ नहीं आता कि वह किस तरह के कोर्स करेक्शन की बात कर रहे हैं। भारत की अर्थव्यवस्था तेज़ी से आगे बढ़ रही है।” उन्होंने कहा कि बजट 2026 में उन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है, जिन पर वैश्विक स्तर पर दबाव बना हुआ है। इसके तहत स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज, टेक्सटाइल और लेदर उद्योग, ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिक, किसान, वैल्यू एडिशन से जुड़े सेक्टर और महिला उद्यमियों के लिए कई नई और प्रभावी योजनाएं शुरू की गई हैं।

राहुल गांधी का सरकार पर सीधा हमला

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बजट को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह बजट देश के सामने खड़े वास्तविक आर्थिक संकटों को नजरअंदाज करता है। राहुल गांधी के अनुसार, “निवेशक देश से पूंजी निकाल रहे हैं, घरेलू बचत लगातार घट रही है और किसान गंभीर संकट से गुजर रहे हैं।” उन्होंने यह भी दावा किया कि वैश्विक आर्थिक झटकों के असर को बजट में ठीक से स्वीकार नहीं किया गया और यह दस्तावेज समस्याओं के समाधान के बजाय उनसे आंख मूंद लेने जैसा है।

‘राजनीति करनी है तो करें, लेकिन फैक्ट्स लेकर आएं’

राहुल गांधी के आरोपों पर पलटवार करते हुए वित्त मंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा, “अगर आप राजनीतिक तौर पर आलोचना करना चाहते हैं तो जरूर करें, आपका स्वागत है। लेकिन अगर आपके पास अपने दावों के समर्थन में तथ्य हैं, तो उन्हें सामने रखें। मैं उन्हें सुनने और जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हूं।” सीतारमण ने आगे कहा कि सरकार की प्राथमिकता आम नागरिक, छोटे कारोबारियों और किसानों तक सीधे पहुंच बनाने की है, ताकि वैश्विक अस्थिरता का बोझ उनकी रोजमर्रा की जिंदगी पर न पड़े।

ग्रोथ बनाए रखने पर सरकार का फोकस

वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार आर्थिक विकास की रफ्तार बनाए रखने के लिए ठोस रणनीति पर काम कर रही है। “हम निरंतर ग्रोथ सुनिश्चित करने के लिए रास्ता तैयार कर रहे हैं। हमारा जोर ऐसे इकोसिस्टम के निर्माण पर है, जहां संरचनात्मक सुधार लंबे समय तक असर दिखाएं।” उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले भी कई सुधार लागू किए हैं और आने वाले समय में भी सुधारों की यह प्रक्रिया जारी रहेगी, ताकि उत्पादकता बढ़े और रोजगार के नए अवसर पैदा हों।

टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर सेक्टर पर बड़ा दांव

निर्मला सीतारमण ने टेक्नोलॉजी को 21वीं सदी की रीढ़ बताते हुए कहा कि इसका लाभ आम आदमी तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि हर शहर को सालाना 1,000 करोड़ रुपये की सहायता दी जा रही है और टियर-2 व टियर-3 शहरों के विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है। सेमीकंडक्टर मिशन के तहत दो बड़े ऐलान किए गए हैं, जिससे इंडिया स्टैक और बौद्धिक संपदा (IP) से जुड़े ढांचे को मजबूती मिलेगी। इसके अलावा, 40,000 करोड़ रुपये की इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम से इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।

रेयर अर्थ मटेरियल में आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम

वित्त मंत्री ने रेयर अर्थ मिनरल्स को लेकर भी अहम जानकारी साझा की। उन्होंने कहा, “हमने रेयर अर्थ कॉरिडोर स्थापित करने की घोषणा की है, ताकि भारत अपनी जरूरतों के लिए बाहरी देशों पर निर्भर न रहे।” सीतारमण के अनुसार, जैसे ही इन खनिजों की पहचान, खनन और प्रोसेसिंग देश के भीतर शुरू होगी, भारत की विदेशी निर्भरता काफी हद तक कम हो जाएगी। उन्होंने बताया कि ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में रेयर अर्थ कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे, जिससे मैग्नेट और अन्य अहम उद्योगों को भी मजबूती मिलेगी।