NEET पेपर लीक 2026 मामले को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र की मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि बार-बार पेपर लीक की घटनाएं सामने आने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई सख्त कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है और लगातार असफल हो रहे शिक्षा मंत्री को पद से हटाया क्यों नहीं जाता।
राहुल गांधी ने क्या कहा?राहुल गांधी ने अपने बयान में कहा कि NEET 2024 में पेपर लीक हुआ था, लेकिन परीक्षा को रद्द नहीं किया गया और न ही तत्कालीन शिक्षा मंत्री ने इस्तीफा दिया। उन्होंने बताया कि उस समय CBI जांच शुरू की गई और एक कमेटी का गठन भी किया गया था। अब NEET 2026 में भी पेपर लीक का मामला सामने आया है, जिसके बाद परीक्षा को रद्द करना पड़ा है, लेकिन इस बार भी न तो मंत्री ने इस्तीफा दिया और न ही कोई ठोस जवाबदेही तय की गई है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि फिर से CBI जांच जारी है और एक और कमेटी बनाई जाएगी, जबकि समस्या की जड़ पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
उन्होंने यह भी कहा, “बार-बार पेपर लीक क्यों हो रहे हैं? इस गंभीर मुद्दे पर सरकार और शिक्षा मंत्री चुप क्यों हैं? लगातार विफल हो रहे मंत्री को बर्खास्त क्यों नहीं किया जा रहा?” राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री पर भी निशाना साधते हुए कहा कि देश जवाब चाहता है और सरकार को इस पर स्पष्ट स्थिति रखनी चाहिए।
NEET पेपर लीक केस क्या है?NEET UG 2026 परीक्षा को आधिकारिक रूप से रद्द कर दिया गया है। यह परीक्षा 3 मई को आयोजित की गई थी, लेकिन परीक्षा के दौरान पेपर लीक होने की जानकारी सामने आने के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने इसे निरस्त करने का निर्णय लिया। अब प्रभावित अभ्यर्थियों को पुनः परीक्षा देनी होगी।
नई परीक्षा तिथियों और एडमिट कार्ड जारी करने को लेकर आधिकारिक घोषणा जल्द की जाएगी। प्रशासन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि पहले किए गए रजिस्ट्रेशन, अभ्यर्थी डेटा और परीक्षा केंद्र चयन को दोबारा होने वाली परीक्षा में मान्य रखा जाएगा, जिससे छात्रों को दोबारा आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी।
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने सरकार पर तीखे सवाल उठाए हैं और परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर चिंता जताई है। उनका कहना है कि इतनी कड़ी निगरानी के बावजूद पेपर लीक होना व्यवस्था की बड़ी खामी को दर्शाता है।
वहीं सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच CBI को सौंप दी है। अब तक इस केस में दो प्रमुख आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनमें दोनों शिक्षण क्षेत्र से जुड़े लोग बताए जा रहे हैं। इसके अलावा अन्य संदिग्धों की तलाश और जांच जारी है, जिससे इस पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।