राजधानी एक्सप्रेस के AC कोच में भड़की भयावह आग, 60 से ज्यादा यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया; थर्ड AC डिब्बा पूरी तरह जला, दिल्ली-मुंबई रूट पर असर

त्रिवेंद्रम-हजरत निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस में रविवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब ट्रेन के एसी कोच में अचानक भीषण आग भड़क उठी। यह हादसा मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के पास लूणीरीछा और विक्रमगढ़ आलोट स्टेशन के बीच हुआ। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में थर्ड एसी कोच पूरी तरह जलकर खाक हो गया। घटना के बाद दिल्ली-मुंबई रेल रूट पर ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हो गई और कई ट्रेनों को बीच रास्ते रोकना पड़ा।

जानकारी के मुताबिक ट्रेन संख्या 12431 त्रिवेंद्रम-हजरत निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस रविवार सुबह करीब 5:30 बजे अपने निर्धारित मार्ग पर आगे बढ़ रही थी। इसी दौरान बी-1 कोच के पास अचानक धुआं उठता दिखाई दिया। शुरुआती तौर पर यात्रियों को कुछ समझ नहीं आया, लेकिन देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि थर्ड एसी कोच और उससे जुड़े हिस्से चंद मिनटों में आग की चपेट में आ गए। दूर-दूर तक उठता धुआं और आग की लपटें देखकर आसपास के इलाके में भी हड़कंप मच गया।

हादसे के समय प्रभावित कोच में 60 से अधिक यात्री मौजूद थे। जैसे ही आग लगने की जानकारी मिली, ट्रेन के गार्ड ने तुरंत लोको पायलट को सूचना दी। इसके बाद बिना देरी किए ट्रेन को रोका गया। ट्रेन रुकते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF), रेलवे स्टाफ और अन्य कर्मचारियों ने यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने का अभियान शुरू किया। हालात बेहद तनावपूर्ण थे, लेकिन तेजी से कार्रवाई करते हुए करीब 15 मिनट के भीतर पूरे कोच को खाली करा लिया गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग इतनी तेजी से फैली कि यात्रियों को अपना सामान तक छोड़कर नीचे उतरना पड़ा। कई लोग घबराए हुए हालत में ट्रेन से बाहर निकलते नजर आए। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस पूरे हादसे में किसी तरह की जनहानि या गंभीर चोट की सूचना सामने नहीं आई। सभी यात्रियों को समय रहते सुरक्षित निकाल लिया गया।

घटना की सूचना मिलते ही कोटा रेल मंडल पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया। कोटा से दुर्घटना राहत ट्रेन, एआरएमई टीम, तकनीकी स्टाफ और वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत मौके पर भेजा गया। डीआरएम अनिल कालरा सहित रेलवे के कई बड़े अधिकारी, पुलिस बल और दमकल विभाग की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दमकलकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने तुरंत ओएचई यानी ओवरहेड इलेक्ट्रिक सप्लाई बंद कर दी। इसके चलते दिल्ली-मुंबई रेल कॉरिडोर पर ट्रेनों का संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया गया। प्रभावित कोच को ट्रेन से अलग किया गया ताकि आग दूसरे डिब्बों तक न फैल सके। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और ट्रैक को जल्द सामान्य करने की कोशिश की जा रही है।

कोटा रेल मंडल के सीनियर डीसीएम सौरभ जैन ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि राजधानी एक्सप्रेस के दो कोच आग से प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है और किसी तरह की कैजुअल्टी नहीं हुई है। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है, लेकिन वास्तविक कारण विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।

रेलवे प्रशासन ने इस पूरे मामले में उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। साथ ही एसएलआर कोच में रखे सामान और अन्य नुकसान का भी आकलन किया जा रहा है। घटना के कारण कई ट्रेनों को विभिन्न स्टेशनों पर रोकना पड़ा। मुंबई सेंट्रल-जयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस को महिदपुर रोड स्टेशन पर रोका गया, जबकि अन्य ट्रेनों के संचालन पर भी असर पड़ा।

रेलवे ने प्रभावित यात्रियों के लिए विशेष व्यवस्था भी की। बी-1 कोच में सफर कर रहे यात्रियों को नाश्ता उपलब्ध कराया गया और आगे की यात्रा के लिए दूसरे कोचों में समायोजित किया गया। अधिकारियों के मुताबिक कोटा स्टेशन पर एक अतिरिक्त कोच जोड़ा जाएगा, जिसमें इन यात्रियों को शिफ्ट कर आगे की यात्रा पूरी कराई जाएगी।