पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इस मामले से जुड़े नए और हैरान करने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। पुलिस की जांच और परिवार के बयानों से संकेत मिल रहे हैं कि यह कोई सामान्य दुर्घटना नहीं थी, बल्कि पूरी योजना के साथ अंजाम दिया गया हत्या का मामला था। जांच एजेंसियों का दावा है कि केतन की मंगेतर सिया गोयल ने अपने कथित प्रेमी चेतन चौधरी के साथ मिलकर उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची थी और तीन प्रयासों के बाद आखिरकार वारदात को अंजाम दिया गया।
'केतन जिंदा है' सुनते ही बदल गया सिया का व्यवहारमृतक के पिता विशाल अग्रवाल ने बताया कि घटना वाले दिन, 18 जून को ही उन्हें सिया के व्यवहार पर संदेह होने लगा था। उनके अनुसार, सिया की मां पूजा गोयल का फोन आया था, जिसमें बताया गया कि केतन लोहगढ़ किले से गिर गया है। सूचना मिलते ही परिवार घटनास्थल पहुंचा।
विशाल अग्रवाल का कहना है कि मौके पर मौजूद एक महिला पुलिस अधिकारी ने बताया कि केतन की सांसें चल रही हैं और उसे तुरंत अस्पताल ले जाना चाहिए। यह बात सुनते ही सिया के चेहरे के भाव अचानक बदल गए और वह घबराई हुई दिखाई देने लगी। परिवार का दावा है कि उसी क्षण उन्हें महसूस हुआ कि मामला सामान्य नहीं है।
मुंह कपड़े से बंधा मिला, परिवार को रोना लगा बनावटीजब रेस्क्यू टीम ने केतन को खाई से बाहर निकाला तो उसका मुंह कपड़े से बंधा हुआ था, जबकि पहचान के लिए चेहरा खुला छोड़ा गया था। उस दौरान सिया लगातार रो रही थी, लेकिन परिवार का कहना है कि उसका पूरा व्यवहार और रोना उन्हें स्वाभाविक नहीं लगा। इसी वजह से उनके मन में संदेह और गहरा हो गया।
तीन घटनाओं ने परिवार के शक को यकीन में बदलापरिजनों के मुताबिक, तीन ऐसी बातें थीं जिन्होंने उन्हें यकीन दिला दिया कि घटना के पीछे कोई गहरी साजिश हो सकती है।
पहला सुराग: जब केतन की बहन ने सिया से पूछा कि दोनों किले के उस खतरनाक हिस्से तक कैसे पहुंचे और आखिर केतन कैसे गिरा, तो उसने किसी भी सवाल का स्पष्ट जवाब नहीं दिया और लगातार चुप्पी साधे रही।
दूसरा सुराग: अगले दिन जब सिया शोक व्यक्त करने के लिए केतन के घर पहुंची तो परिवार ने फिर उससे घटना के बारे में सवाल किए। जैसे ही उससे पूछा गया कि आखिर केतन का कौन-सा पैर फिसला था, तभी उसकी बुआ बीच में आ गईं और चलो, यहां से चलते हैं कहते हुए उसे तुरंत वहां से ले गईं। परिवार का कहना है कि इसी घटना के बाद उनका संदेह और मजबूत हो गया।
तीसरा सुराग: बाद में परिवार ने घर लौटने के दौरान के सीसीटीवी फुटेज देखे। उनका दावा है कि वीडियो में सिया के चेहरे पर न दुख दिखाई दे रहा था और न ही वह रोती हुई नजर आई। इसके बाद परिवार ने पुलिस से मामले की गहराई से जांच करने की मांग की।
पूछताछ में दिया हत्या की साजिश का चौंकाने वाला कारणपुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान सिया गोयल ने जो वजह बताई, उसने जांच अधिकारियों को भी हैरान कर दिया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सिया ने कहा कि उसे केतन का विग पहनना और उसकी आवाज का हल्का तुतलापन पसंद नहीं था, इसलिए उसने उसे अपने रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
हालांकि, केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने इस दावे को पूरी तरह खारिज किया है। उनका कहना है कि रिश्ता तय होने से पहले ही सिया और उसके परिवार को स्पष्ट रूप से बता दिया गया था कि केतन विग का इस्तेमाल करता है, इसलिए यह वजह पूरी तरह निराधार है।
मोबाइल चैट मिटाकर सबूत खत्म करने की कोशिशजांच में यह भी सामने आया है कि सिया और चेतन ने वारदात से पहले और बाद की मोबाइल चैट्स हटाने की कोशिश की थी। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों ने केवल चैट डिलीट ही नहीं की, बल्कि फोन के रीसायकल बिन को भी खाली कर दिया ताकि कोई डिजिटल सबूत न बच सके।
फिलहाल दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं। विशेषज्ञ डिलीट किए गए डेटा को रिकवर करने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे मामले से जुड़े और महत्वपूर्ण साक्ष्य मिलने की उम्मीद है।
इन तीन अहम सुरागों ने जांच की दिशा बदल दीहत्या की पूरी योजना बेहद सावधानी से बनाई गई थी, लेकिन कुछ अहम तथ्य आरोपियों के खिलाफ सबसे बड़े सबूत बन गए। पुलिस को जांच के दौरान तीन महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिन्होंने पूरे मामले का रुख बदल दिया।
सबसे पहले केतन की बहन ने इस बात पर सवाल उठाया कि केतन एक अनुभवी ट्रेकर था और उसे पहाड़ों पर चलने का अच्छा अनुभव था। ऐसे में उसका साधारण तरीके से फिसलकर खाई में गिर जाना परिवार को शुरू से ही संदिग्ध लगा। बहन की इसी आशंका के बाद पिता विशाल अग्रवाल ने पुलिस से प्रेम संबंधों के कोण यानी लव ट्रायंगल की दिशा में जांच करने की मांग की, जिसके बाद जांच तेजी से आगे बढ़ी और कई अहम खुलासे सामने आने लगे।
भीषण गर्मी में हुडी पहनकर पहुंचा युवक, सीसीटीवी ने खोला राजलोहगढ़ किले के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच के दौरान पुलिस को एक संदिग्ध युवक दिखाई दिया। जून की तेज गर्मी और कठिन चढ़ाई के बावजूद वह हुडी पहनकर घूम रहा था और बार-बार अपना चेहरा छिपाने की कोशिश कर रहा था। जांच में बाद में उसकी पहचान चेतन चौधरी के रूप में हुई।
पुलिस का दावा है कि चेतन लगातार केतन और सिया की गतिविधियों पर नजर रखे हुए था और पूरे समय उनका पीछा कर रहा था। यही फुटेज जांच के सबसे महत्वपूर्ण सबूतों में से एक बन गया।
कॉल रिकॉर्ड ने खोले रिश्ते के कई राजजांच के दौरान जब पुलिस ने सिया गोयल की कॉल डिटेल्स खंगालीं तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। रिकॉर्ड के अनुसार, जनवरी से लेकर 18 जून की सुबह 7 बजे तक सिया ने एक ही मोबाइल नंबर पर 2,004 बार कॉल की थी।
जांच में यह भी सामने आया कि दोनों के बीच करीब 338 घंटे तक बातचीत हुई थी। यानी औसतन हर दिन लगभग 11 कॉल और करीब दो घंटे तक बातचीत होती थी। पुलिस के अनुसार, यह नंबर पुणे के कारोबारी परिवार से जुड़े चेतन चौधरी का था। कॉल रिकॉर्ड को जांच में एक महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य माना जा रहा है।
कैसे आगे बढ़ी कथित साजिश, तारीखवार समझिए पूरा घटनाक्रम31 मई:
केतन को ट्रैकिंग का शौक था और वह सिया को लोहगढ़ किले की सैर कराने ले गया। जांच के अनुसार, किले की सबसे ऊंची और खतरनाक चोटी पर बैठे केतन को देखकर सिया के मन में पहली बार उसे खाई में धक्का देने का विचार आया।
5 जून:
बताया जा रहा है कि सिया ने दोबारा लोहगढ़ जाने की इच्छा जताई, लेकिन परिवार ने इसकी अनुमति नहीं दी। अगले दिन 6 जून को दोनों को बाली यात्रा पर जाना था। पुलिस के मुताबिक, सिया ने केतन का पासपोर्ट अपने पास छिपा लिया ताकि विदेश यात्रा टल जाए।
14 जून:
जांच में सामने आया कि सिया के कहने पर दोनों एक बार फिर लोहगढ़ पहुंचे। आरोप है कि इसी दौरान उसने पीछे से केतन को धक्का दिया, लेकिन वह सौभाग्य से एक पेड़ में फंस गया और उसकी जान बच गई। जब केतन ने धक्का देने का कारण पूछा तो सिया ने कथित तौर पर यह कहकर बात टाल दी कि वहां सांप था और वह उसे बचाने की कोशिश कर रही थी। घर लौटने के बाद केतन ने परिवार के सामने सिया की इस कथित बहादुरी की सराहना भी की थी।
17 जून:
हत्या से एक दिन पहले सिया और चेतन पुणे के एक कैफे में मिले। पुलिस के अनुसार, यहीं अंतिम योजना तैयार की गई। इतना ही नहीं, कथित तौर पर एक बैकअप प्लान भी बनाया गया कि यदि केतन खाई से गिरने के बाद बच जाता है, तो 20 जून के बाद किसी सड़क दुर्घटना का रूप देकर उसकी हत्या कर दी जाएगी।
18 जून:
19 जून को सिया का जन्मदिन था, जिसके लिए केतन ने महाबलेश्वर के एक लग्जरी रिजॉर्ट में बुकिंग कर रखी थी। हालांकि, पुलिस का कहना है कि सिया ने प्री-वेडिंग फोटोशूट का बहाना बनाकर उसे फिर से लोहगढ़ किले ले गई। आरोप है कि वहीं पहले से पीछे चल रहे चेतन चौधरी के साथ मिलकर उसने मौका देखकर केतन को खाई में धक्का दे दिया।
दोनों परिवारों के बयान भी आए सामनेमामले को लेकर दोनों परिवारों ने भी अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दी है।
सिया की मां पूजा गोयल ने कहा कि उनकी बेटी इस शादी को लेकर बेहद उत्साहित थी और सगाई के बाद वह अधिकतर समय केतन से ही बात करती थी। उन्होंने कहा कि उन्हें चेतन चौधरी के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यदि जांच में उनकी बेटी दोषी साबित होती है तो उसे भी कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
वहीं, सिया के पिता प्रवीण गोयल का कहना है कि शादी का प्रस्ताव स्वयं सिया की इच्छा पर आगे बढ़ा था। उनके मुताबिक, दोनों एक-दूसरे से बेहद प्रेम करते थे। उन्होंने यह भी बताया कि एक बार केतन सुबह चार बजे उनके घर सिया से मिलने आया था। उनका दावा है कि 18 जून को भी केतन ही सिया को फोन कर अपने साथ लोहगढ़ लेकर गया था।
दूसरी ओर, केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने कहा कि उनके बेटे को सिया और चेतन के कथित संबंधों की कोई जानकारी नहीं थी। हालांकि, सिया का फोन अक्सर व्यस्त रहने के कारण केतन कुछ समय से परेशान जरूर था। विशाल अग्रवाल के अनुसार, केतन ने परिवार से यह भी पूछा था कि क्या सिया के बारे में पूरी जानकारी जुटा ली गई है। उस समय परिवार ने रिश्तेदारों से मिली जानकारी के आधार पर संतोष जताया था। उनका कहना है कि यदि उन्हें कथित अफेयर की भनक भी होती तो यह रिश्ता कभी तय नहीं किया जाता।
सोशल मीडिया पर प्यार, हकीकत में साजिश का आरोपजांच में यह पहलू भी सामने आया है कि सोशल मीडिया पर सिया और केतन की तस्वीरें एक खुशहाल रिश्ते की कहानी बयां करती थीं। सिया नियमित रूप से इंस्टाग्राम पर केतन के साथ रोमांटिक तस्वीरें, प्रपोजल वीडियो और डांस क्लिप साझा करती थी। नवंबर में प्रस्तावित शादी की तैयारियों से जुड़ी पोस्ट भी सोशल मीडिया पर डाली जा रही थीं।
सगाई के एक महीने पूरे होने पर उसने केक की तस्वीर साझा करते हुए लिखा था कि एक महीना हो गया जब मेरे दिल को अपना घर मिल गया। हालांकि, पुलिस का आरोप है कि सोशल मीडिया पर दिखाई देने वाली इस प्रेम कहानी के पीछे हत्या की कथित साजिश तैयार की जा रही थी।
फास्ट-ट्रैक कोर्ट में होगी मामले की सुनवाईइस बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें शीघ्र न्याय दिलाने का भरोसा दिया है। राज्य सरकार ने परिवार की मांग को स्वीकार करते हुए इस मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में कराने की मंजूरी दे दी है। फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस हिरासत में हैं और मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है।