केतन की हत्या की पूरी प्लानिंग का खुलासा, गूगल सर्च, रिहर्सल और सीन रिक्रिएशन तक पहुंची जांच

पुणे के कारोबारी केतन अग्रवाल हत्याकांड में हर दिन जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए और चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस की ताजा जानकारी ने आरोपी सिया के कथित सुनियोजित इरादों की परतें और साफ कर दी हैं। जांच में यह सामने आया है कि हत्या को अंजाम देने से पहले सिया और उसके कथित साथी चेतन ने पूरी वारदात की “रिहर्सल” तक की थी। इतना ही नहीं, सिया ने इंटरनेट पर यह भी खोजा था कि इस तरह की घटना को कैसे अंजाम दिया जा सकता है। इसी सिलसिले में पुणे पुलिस की टीम दोनों आरोपियों को लेकर लोहगढ़ किले पहुंची, जहां घटनास्थल पर पूरी वारदात का सीन दोबारा तैयार किया जा रहा है।

हत्या से पहले की गई थी पूरी तैयारी और अभ्यास

पुलिस जांच में यह बड़ा खुलासा हुआ है कि केतन अग्रवाल की हत्या किसी अचानक हुई घटना का परिणाम नहीं थी, बल्कि इसके पीछे पहले से तैयार की गई योजना थी। अधिकारियों के अनुसार, सिया और चेतन ने न केवल वारदात का अभ्यास किया था, बल्कि उन्होंने पहले भी 14 जून को केतन को निशाना बनाने की कोशिश की थी, जो कथित तौर पर सफल नहीं हो सकी।

गूगल पर सर्च कर सीखी गई ‘हत्या की योजना’

जांच टीम के मुताबिक, सिया इस पूरी साजिश को लेकर मानसिक रूप से पहले से ही तैयार थी और उसने इंटरनेट का सहारा भी लिया। बताया जा रहा है कि उसने गूगल पर यह जानने की कोशिश की कि इस तरह की वारदात को किस तरीके से अंजाम दिया जा सकता है। पुलिस का यह भी दावा है कि आरोपियों ने घटना के बाद पूछताछ के दौरान दिए जाने वाले जवाबों की भी पहले से तैयारी कर रखी थी, ताकि जांच को गुमराह किया जा सके।

शक से बचने के लिए वेश बदलने तक की योजना

जांच में यह भी सामने आया है कि सिया और चेतन ने केवल हत्या की योजना ही नहीं बनाई थी, बल्कि बाद में खुद को बचाने के लिए भी रणनीति तैयार की थी। दोनों ने पहचान छिपाने और शक से बचने के लिए हुलिया बदलने तक की योजना बनाई थी। इसके अलावा पुलिस को डिजिटल सबूत मिले हैं, जिनसे संकेत मिलता है कि वारदात के बाद चैट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डेटा को हटाने की कोशिश भी की गई थी। फिलहाल पुणे ग्रामीण पुलिस पूरे मामले की जांच तकनीकी और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर कर रही है।
“जब मैं बैठ जाऊंगी तो धक्का देना…” — कथित संकेत का खुलासा

लोहगढ़ किले पर पुलिस द्वारा किए जा रहे सीन रिक्रिएशन में कई अहम पहलुओं को दोबारा समझने की कोशिश की जा रही है। जांच के अनुसार, यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि सिया ने चेतन को किस तरह संकेत दिया था कि कब केतन को धक्का देना है। बताया जा रहा है कि सीन रिक्रिएशन के दौरान यह भी समझा जा रहा है कि चेतन किस तरह टिकट के बिना या अलग पहचान के साथ किले तक पहुंचा और लगातार केतन व सिया की गतिविधियों पर नजर रखे हुए था।

क्राइम सीन रिक्रिएशन की वीडियो रिकॉर्डिंग

पुलिस ने पूरे सीन रिक्रिएशन की वीडियो रिकॉर्डिंग भी शुरू कर दी है ताकि हर छोटे-बड़े विवरण को रिकॉर्ड में रखा जा सके। जांच के तहत लोणावला पुलिस की टीम सुबह-सवेरे दोनों आरोपियों को लेकर लोहगढ़ किले पहुंची और घटनाक्रम को उसी क्रम में दोहराया गया, जैसा वारदात के दिन हुआ था। इससे यह समझने में मदद मिलेगी कि किस समय कौन घटनास्थल पर मौजूद था और किसकी क्या भूमिका थी।

पुलिस समझ रही है घटनाक्रम का पूरा क्रम

रिक्रिएशन के दौरान पुलिस यह समझने की कोशिश कर रही है कि केतन किले पर कब पहुंचे, चेतन वहां पहले से कैसे मौजूद था और दोनों आरोपियों की गतिविधियां किस क्रम में आगे बढ़ीं। पूरे घटनाक्रम को दोबारा दोहराकर पुलिस यह भी मिलान कर रही है कि आरोपियों के बयान वास्तविक साक्ष्यों से कितने मेल खाते हैं।

एसपी का बयान: हर मूवमेंट का रिकॉर्ड तैयार


सुरक्षा कारणों से सीन रिक्रिएशन के दौरान लोहगढ़ किले को आम लोगों के लिए अस्थायी रूप से बंद रखा गया। पुणे ग्रामीण पुलिस के एसपी संदीप सिंह गिल ने बताया कि पूरे घटनाक्रम को बेहद विस्तार से रिकॉर्ड किया गया है। उनके अनुसार, आरोपियों ने बताया कि वे किस रास्ते से घटनास्थल तक पहुंचे और किस तरह पूरी वारदात को अंजाम दिया गया। सभी बिंदुओं को दस्तावेजित कर पंचनामा तैयार किया जा रहा है।

फॉरेंसिक जांच से खुलेंगे और राज


फिलहाल पुलिस और फॉरेंसिक टीमें घटनास्थल पर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने में लगी हुई हैं। जिस स्थान से केतन को खाई में धकेले जाने का संदेह है, वहां विशेष जांच की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि फॉरेंसिक विश्लेषण और सीन रिक्रिएशन से इस मामले की कई और परतें सामने आ सकती हैं, जिससे पूरी सच्चाई और स्पष्ट हो सकेगी।