केदारनाथ धाम में दान का नया रिकॉर्ड, मंदिर की आय 71 करोड़ के पार, एक साल में 34% बढ़ोतरी

देहरादून: बाबा केदार के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का असर अब मंदिर की आय में भी साफ दिखाई दे रहा है। केदारनाथ धाम की आमदनी में वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया है। चढ़ावे, दान, विशेष पूजा और अन्य सेवाओं से मंदिर को इस साल कुल 71.06 करोड़ रुपये की आय प्राप्त हुई, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में करीब 34 प्रतिशत अधिक बताई जा रही है। आंकड़ों के मुताबिक, एक साल के भीतर मंदिर की आय में लगभग 18 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है।

यह जानकारी उत्तर प्रदेश के नोएडा निवासी और आरटीआई कार्यकर्ता अमित गुप्ता द्वारा मांगी गई सूचना के जवाब में सामने आई है। मंदिर समिति की ओर से साझा किए गए वित्तीय आंकड़ों ने यह दिखाया है कि देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं का विश्वास लगातार बढ़ रहा है और इसका सीधा असर मंदिर की आर्थिक स्थिति पर भी दिखाई दे रहा है।

पिछले वित्त वर्ष 2023-24 में केदारनाथ मंदिर की कुल आय 52.90 करोड़ रुपये दर्ज की गई थी, जबकि 2024-25 में यह बढ़कर 71.06 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। मंदिर समिति के अनुसार, यदि शुरुआती शेष राशि 3.77 करोड़ रुपये को भी जोड़ दिया जाए, तो रुद्रप्रयाग जिले में मंदिर के लिए उपलब्ध कुल फंड 74.84 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।

मंदिर प्रशासन द्वारा जारी विवरण के अनुसार, इस आय का बड़ा हिस्सा विशेष पूजा और धार्मिक अनुष्ठानों से आया। केवल विशेष पूजाओं के माध्यम से ही करीब 14.18 करोड़ रुपये की आमदनी दर्ज की गई। इसके अलावा श्रद्धालुओं द्वारा दी गई थाली भेंट और दान से 9.59 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। वहीं हेलीकॉप्टर सेवाओं से भी मंदिर को उल्लेखनीय आय हुई और इस मद में लगभग 3.19 करोड़ रुपये जुटाए गए।

मंदिर समिति ने बताया कि विशेष दान और हुंडी यानी दान पेटियों से करीब 4.46 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हुई। इसके अलावा ‘यात्री भोग’ सेवा से 1.56 करोड़ रुपये की कमाई दर्ज की गई। निवेश और बैंक ब्याज के रूप में भी मंदिर को लगभग 2.75 करोड़ रुपये की आय हुई। इन सभी स्रोतों ने मिलकर केदारनाथ धाम की कुल आय को रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

हालांकि आय बढ़ने के साथ-साथ मंदिर और उससे जुड़ी व्यवस्थाओं पर होने वाला खर्च भी काफी बड़ा है। 31 मार्च 2025 को समाप्त हुए वित्त वर्ष में कुल 66.39 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इससे पहले 2023-24 में जहां आय 52.90 करोड़ रुपये थी, वहीं खर्च 54.16 करोड़ रुपये तक पहुंच गया था। यानी मंदिर प्रशासन को श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के साथ सुविधाओं और व्यवस्थाओं पर भी लगातार अधिक खर्च करना पड़ रहा है।
बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि समिति केवल केदारनाथ मंदिर ही नहीं, बल्कि बद्रीनाथ समेत कुल 47 मंदिरों का संचालन और प्रबंधन करती है। इसके अलावा समिति के अधीन कई धर्मशालाएं, अतिथि गृह और शैक्षणिक संस्थान भी संचालित होते हैं।

उन्होंने जानकारी दी कि समिति के पास स्थायी, अस्थायी और सीजनल कर्मचारियों सहित करीब 600 से 700 कर्मचारी कार्यरत हैं। केवल कर्मचारियों के वेतन पर ही हर साल लगभग 20 से 25 करोड़ रुपये खर्च हो जाते हैं। इसके अलावा मंदिर परिसरों के रखरखाव, तीर्थयात्रियों की सुविधाओं, यात्रा सीजन के दौरान व्यवस्थाओं और मंदिरों के कपाट खुलने-बंद होने के समय होने वाले कार्यों पर भी बड़ी राशि खर्च की जाती है।

समिति के अनुसार, श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए आने वाले समय में सुविधाओं को और बेहतर बनाने की योजना तैयार की जा रही है। खासतौर पर तीर्थयात्रियों के ठहरने, सुरक्षा, सफाई और परिवहन सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। लगातार बढ़ती आय को मंदिर प्रबंधन भविष्य की व्यवस्थाओं और धार्मिक पर्यटन को बेहतर बनाने में उपयोग करने की तैयारी कर रहा है।