'कोई बचाने नहीं आता', ट्विशा और दीपिका डेथ केस पर कंगना रनौत का तीखा बयान, महिलाओं को दी अहम सलाह

भोपाल की ट्विशा शर्मा और ग्रेटर नोएडा की दीपिका नागर की मौत के मामलों ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। दोनों महिलाओं की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं और सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक व फिल्मी गलियारों तक इस पर बहस छिड़ गई है। अब अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत ने भी इन दोनों मामलों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। कंगना ने महिलाओं के वैवाहिक जीवन में होने वाले मानसिक और भावनात्मक उत्पीड़न को लेकर गहरी चिंता जताई और युवा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की सलाह दी।

कंगना रनौत ने सोशल मीडिया पर एक लंबा पोस्ट साझा करते हुए कहा कि आजकल शादीशुदा महिलाओं से जुड़ी दुखद खबरें लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने लिखा कि कई पढ़ी-लिखी लड़कियां भी शादी के बाद घुटन और मानसिक प्रताड़ना का सामना करती हैं, लेकिन समाज अक्सर उनसे समझौता करने की उम्मीद करता है। कंगना ने इस बात पर अफसोस जताया कि कई बार बेटियों की परेशानियों को गंभीरता से नहीं लिया जाता और उन्हें रिश्ते बचाने के लिए हर हाल में चुप रहने की सलाह दी जाती है।

भोपाल और नोएडा के मामलों का जिक्र करते हुए कंगना ने युवतियों से अपील की कि शादी से पहले आर्थिक रूप से मजबूत बनना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि करियर और आत्मनिर्भरता को प्राथमिकता देनी चाहिए, क्योंकि जिंदगी में सबसे बड़ा सहारा खुद इंसान का आत्मविश्वास और उसकी स्वतंत्र पहचान होती है। कंगना ने अपने पोस्ट में लिखा कि दुनिया की फैशन, डेटिंग या सोशल मीडिया इंडस्ट्री शायद यह बात खुलकर नहीं कहती, लेकिन किसी भी लड़की के लिए उसका करियर सबसे अहम होना चाहिए।
उन्होंने आगे लिखा कि महिलाओं को खुद अपनी जिंदगी की हीरो बनना होगा। कोई दूसरा व्यक्ति आकर हर मुश्किल से नहीं बचाएगा। कंगना के अनुसार, इंसान की पहचान इस बात से ज्यादा मायने रखती है कि वह कौन है और क्या करता है, बजाय इसके कि उसने किससे शादी की है। उन्होंने लड़कियों को अपने फैसले खुद लेने और अपनी शर्तों पर जिंदगी जीने की सलाह दी।

कंगना रनौत का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब ट्विशा शर्मा और दीपिका नागर के मामले लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। भोपाल में 31 वर्षीय गर्भवती महिला ट्विशा शर्मा अपने घर में फंदे से लटकी मिली थीं। परिवार का आरोप है कि शादी के बाद से वह मानसिक और भावनात्मक प्रताड़ना का सामना कर रही थीं। मामले में अब तक कई नए दावे और खुलासे सामने आए हैं। हालांकि पुलिस को घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला और जांच अभी जारी है।

वहीं ग्रेटर नोएडा की 24 वर्षीय दीपिका नागर की मौत ने भी लोगों को झकझोर दिया। आरोप है कि दहेज को लेकर लगातार प्रताड़ना और मारपीट से परेशान होकर दीपिका ने छत से कूदकर जान दे दी। परिवार का कहना है कि शादी के बाद से ही उसे मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया जा रहा था। दीपिका की शादी करीब डेढ़ साल पहले ऋतिक नामक युवक से हुई थी और परिजनों का दावा है कि विवाह में एक करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए गए थे।

इन दोनों घटनाओं ने एक बार फिर समाज में महिलाओं की स्थिति, वैवाहिक दबाव और मानसिक उत्पीड़न जैसे मुद्दों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। सोशल मीडिया पर भी लोग लगातार इस बात पर बहस कर रहे हैं कि शादी के बाद महिलाओं पर पड़ने वाले भावनात्मक दबाव को लेकर समाज को गंभीरता से सोचने की जरूरत है।