बीजेपी सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत एक बार फिर अपने सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर चर्चा में हैं। इस बार उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके की अंग्रेजी बोलने की शैली पर टिप्पणी की है। कंगना ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक रील शेयर की, जिसमें उनकी पुरानी अंग्रेजी स्पीच और अभिजीत दीपके के एक बयान को साथ रखकर दोनों की तुलना की गई है।
कंगना की ओर से साझा की गई रील में दोनों के अंग्रेजी बोलने के अंदाज को लेकर टिप्पणी की गई थी। पोस्ट में कंगना को “12वीं पास” और अभिजीत दीपके को “बोस्टन यूनिवर्सिटी” से पढ़ा हुआ बताते हुए उनकी अंग्रेजी की तुलना की गई। रील के संदेश में एक की अंग्रेजी को बेहतर और दूसरे के बोलने के अंदाज को सुधार की जरूरत वाला बताया गया।
अभिजीत दीपके ने कैमरे के सामने झिझकने की बात कही थीयह मामला अभिजीत दीपके की एक इंस्टाग्राम स्टोरी से जुड़ा है। रविवार को एक यूजर ने उनसे सवाल किया था कि अंग्रेजी बोलते समय वह झिझकते क्यों हैं। इसके जवाब में CJP नेता ने कहा था कि कैमरे के सामने उन्हें संकोच महसूस होता है।
इसके अगले दिन दीपके ने सभी राज्यों के शिक्षा मंत्रियों को पत्र लिखकर सरकारी स्कूलों से जुड़े कुछ आंकड़े मांगे। इनमें स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षकों की रिक्तियों और फंडिंग से संबंधित जानकारी शामिल थी।
कंगना पहले भी अंग्रेजी को लेकर कर चुकी हैं बातकंगना रनौत का अंग्रेजी भाषा को लेकर चर्चा में आना नया नहीं है। संदर्भ सामग्री के मुताबिक, अभिनेत्री पहले भी फिल्म इंडस्ट्री में अंग्रेजी को लेकर अपने अनुभव साझा कर चुकी हैं। ‘कॉफी विद करण’ के एक एपिसोड में सोनम कपूर ने उनकी अंग्रेजी का मजाक उड़ाया था।
इसके बाद कंगना ने कहा था कि फिल्म इंडस्ट्री में अपने संघर्ष के दौरान उन्होंने यह समझा कि किसी आउटसाइडर का केवल इसलिए मजाक नहीं उड़ाया जाना चाहिए क्योंकि वह अंग्रेजी नहीं बोल पाता।
CJP नेताओं से पहले भी हुई है कंगना की तकरारकंगना और CJP से जुड़े लोगों के बीच यह पहला सार्वजनिक विवाद नहीं बताया गया है। पिछले महीने CJP प्रवक्ता सौरव दास की एक टिप्पणी पर भी कंगना ने प्रतिक्रिया दी थी। सौरव दास ने कंगना के सांसद के तौर पर काम को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा था कि उनकी आलोचना के बाद उनकी पार्टी या युवा पीढ़ी में उन्हें गंभीरता से नहीं लिया जाता।
इसके जवाब में कंगना ने अपनी उपलब्धियों का हवाला देते हुए कहा था कि जब वह सौरव दास की उम्र की थीं, तब तक वह दो नेशनल अवॉर्ड जीत चुकी थीं।