भारत ने चालू वित्त वर्ष के लिए 1 ट्रिलियन डॉलर के निर्यात का लक्ष्य तय किया है। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को कहा कि पिछले वित्त वर्ष में देश का कुल निर्यात 863 अरब डॉलर रहा था और अब इसे बढ़ाकर 1 ट्रिलियन डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य है। यह पिछले साल के मुकाबले करीब 16 प्रतिशत की वृद्धि होगी। गोयल ने यह बात राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित 31वें सीआईआई पार्टनरशिप समिट को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि भारत ने यह लक्ष्य ऐसे समय में तय किया है, जब वैश्विक व्यापार की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी रहने की उम्मीद है। उनके मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय व्यापार की वृद्धि दर करीब 2.5 से 3 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जबकि इसी अवधि में वैश्विक अर्थव्यवस्था की विकास दर 3 प्रतिशत से कम रहने की संभावना है।
'दुनिया टैरिफ की दीवार बना रही थी, भारत FTA से पुल'पीयूष गोयल ने भारत की व्यापार नीति का जिक्र करते हुए कहा, जब दुनिया दीवारें (टैरिफ) बना रही थी, तब भारत पुल (एफटीए) बना रहा था। उन्होंने जोर देकर कहा कि 1 ट्रिलियन डॉलर के निर्यात का लक्ष्य केवल सरकार का तय किया हुआ लक्ष्य नहीं है। उनके अनुसार, यह भारत के लोगों और कारोबारी क्षेत्र की साझा आकांक्षा है। इसमें देश के 6.3 करोड़ एमएसएमई, छोटे-बड़े उद्योग, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर और करीब 2,50,000 स्टार्टअप शामिल हैं। इस तरह सरकार ने निर्यात बढ़ाने के लक्ष्य को देश के व्यापक कारोबारी और उद्यमिता तंत्र से जोड़कर पेश किया है। गोयल के मुताबिक, भारत की अर्थव्यवस्था में अलग-अलग आकार और क्षेत्रों में काम कर रहे कारोबारी इस लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
आर्थिक विकास की रफ्तार पर भी गोयल का भरोसाकेंद्रीय मंत्री ने देश की आर्थिक वृद्धि की संभावनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने चालू वर्ष के लिए अपने विकास अनुमान बढ़ाए हैं। गोयल ने भरोसा जताया कि भारत 7 प्रतिशत से अधिक की दर से विकास करता रहेगा और दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था बना रहेगा। निर्यात के लक्ष्य और आर्थिक विकास की चर्चा ऐसे समय में हुई जब गोयल ने भारत के लिए वैश्विक व्यापार में अपनी स्थिति मजबूत करने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने भारत द्वारा मुक्त व्यापार समझौतों यानी एफटीए के जरिए व्यापारिक संबंधों को आगे बढ़ाने की नीति का उल्लेख किया।
पीएम मोदी के 25 साल के सार्वजनिक जीवन का जिक्रअपने संबोधन में पीयूष गोयल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार के प्रमुख के तौर पर 25 वर्ष पूरे करने का भी उल्लेख किया। उन्होंने इसे 25 साल की लगातार जनसेवा और बेदाग कामकाज का रिकॉर्ड बताया। गोयल के अनुसार, इस अवधि में लक्ष्य भारत को एक ताकतवर देश बनाना और 2047 तक देश को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में आगे बढ़ाना रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में किए गए सुधारों को भी इसी व्यापक लक्ष्य से जोड़कर पेश किया।
डिजिटल इंडिया से 5 लाख करोड़ रुपये की बचत का दावागोयल ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस के 10वें संस्करण का जिक्र करते हुए डिजिटल इंडिया अभियान से जुड़े एक आंकड़े का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने बताया है कि डिजिटल इंडिया मुहिम की वजह से पिछले 12 वर्षों में देश को 5 लाख करोड़ रुपये की बचत हुई है। केंद्रीय मंत्री ने सरकार की सुधार प्रक्रिया का उदाहरण देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने आसान रास्ते के बजाय सुधार का रास्ता चुना है। उन्होंने इसके लिए जीएसटी और बिजली क्षेत्र में राष्ट्रीय ग्रिड की स्थापना का उदाहरण दिया। गोयल के मुताबिक, जीएसटी के जरिए देश में अलग-अलग टैक्स व्यवस्थाओं को एक साझा ढांचे में लाने का काम किया गया। इसी तरह क्षेत्रीय पावर ग्रिड को आपस में जोड़कर राष्ट्रीय ग्रिड बनाने को भी उन्होंने बड़े सुधार के उदाहरण के तौर पर पेश किया। इन बिंदुओं के जरिए गोयल ने सरकार की आर्थिक और संरचनात्मक सुधार नीतियों को भारत की विकास यात्रा से जोड़ा और 1 ट्रिलियन डॉलर के निर्यात लक्ष्य को देश के कारोबारी क्षेत्र की व्यापक भागीदारी से हासिल करने की बात कही।