सोना-चांदी में भारी गिरावट! सिल्वर 14 हजार रूपये टूटी, गोल्ड भी हुआ सस्ता

गुरुवार, 2 अप्रैल को कीमती धातुओं के बाजार में जोरदार उतार-चढ़ाव देखने को मिला, जिसने निवेशकों को चौंका दिया। अगर आप लंबे समय से सोना-चांदी के दाम गिरने का इंतजार कर रहे थे, तो यह आपके लिए अहम मौका हो सकता है। घरेलू बाजार में सोना और चांदी दोनों की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई है, जिसमें चांदी लगभग 14,000 रुपये तक सस्ती हो गई, जबकि सोने के भाव भी 2,000 रुपये से अधिक टूट गए। सुबह करीब 11 बजे तक के आंकड़े इस गिरावट की पुष्टि कर रहे हैं।

मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, चांदी में इस समय शॉर्ट बिल्डअप देखा जा रहा है, जबकि सोने में लॉन्ग अनवाइंडिंग का ट्रेंड हावी है। इसका सीधा मतलब यह है कि बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ा हुआ है। हालांकि, इस गिरावट के बीच खरीदारी भी जारी है, जिससे यह संकेत मिलता है कि निवेशक अभी भी मौके की तलाश में हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि निवेश करने से पहले वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर रहेगा।

इस गिरावट के पीछे वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव को एक बड़ी वजह माना जा रहा है। खासतौर पर Donald Trump के हालिया बयान का असर बाजारों पर साफ दिखा। उनके संबोधन से निवेशकों को यह उम्मीद थी कि मध्य-पूर्व में जारी तनाव जल्द कम होगा, लेकिन ऐसा कोई ठोस संकेत नहीं मिला। इससे बाजार में अनिश्चितता और बढ़ गई।

घरेलू कमोडिटी बाजार यानी Multi Commodity Exchange (MCX) पर सोने और चांदी दोनों में भारी गिरावट दर्ज की गई। जून वायदा सोना करीब 2.31 प्रतिशत गिरकर 1,50,145 रुपये के इंट्राडे लो तक पहुंच गया, जबकि दिन में इसका उच्च स्तर 1,52,490 रुपये रहा। वहीं मई वायदा चांदी में 5.59 प्रतिशत की बड़ी गिरावट आई और यह 2,29,888 रुपये तक लुढ़क गई, जबकि इसका हाई 2,42,800 रुपये दर्ज किया गया।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी यही रुझान देखने को मिला। स्पॉट गोल्ड करीब 2.26 प्रतिशत गिरकर 4,650.30 डॉलर तक पहुंच गया, जबकि स्पॉट सिल्वर में लगभग 4.7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 71.50 डॉलर पर आ गया। COMEX पर भी गोल्ड और सिल्वर दोनों दबाव में नजर आए, जहां गोल्ड 4,813 डॉलर और सिल्वर करीब 6 प्रतिशत गिरकर 71 डॉलर के आसपास कारोबार करता दिखा।

Donald Trump के बयान का असर केवल धातुओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ऊर्जा बाजार पर भी पड़ा। उन्होंने संकेत दिया कि मौजूदा संघर्ष अपने अंतिम चरण में हो सकता है, लेकिन साथ ही यह भी चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका अगले दो से तीन हफ्तों में ईरान पर कड़ा हमला कर सकता है। इस बयान ने निवेशकों की उम्मीदों को झटका दिया और बाजार में अस्थिरता बढ़ा दी।

इसी बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिली। ब्रेंट क्रूड लगभग 5.24 प्रतिशत बढ़कर 106.47 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि अमेरिकी WTI क्रूड भी 4.5 प्रतिशत चढ़कर 104.64 डॉलर तक जा पहुंचा। यह तेजी दर्शाती है कि ऊर्जा बाजार पर भू-राजनीतिक तनाव का सीधा असर पड़ रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल सोना और चांदी दोनों के लिए बाजार का रुख कमजोर बना हुआ है। पहले जहां ऐसे तनाव के समय ये धातुएं ‘सेफ-हेवन’ के रूप में मजबूती दिखाती थीं, वहीं अब निवेशकों का रुझान कुछ हद तक बदलता नजर आ रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में कीमतों की दिशा काफी हद तक वैश्विक घटनाक्रम और निवेशकों के भरोसे पर निर्भर करेगी।