जून में सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट, गोल्ड ₹15 हजार तो चांदी ₹45 हजार तक फिसली

अगर आप सोने या चांदी में निवेश करने की योजना बना रहे हैं, तो जून 2026 आपके लिए अहम साबित हो सकता है। इस महीने दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने के दाम में करीब 15,000 रुपये प्रति 10 ग्राम की कमी आई है, जबकि चांदी लगभग 45,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक सस्ती हो गई है। जहां यह गिरावट नए निवेशकों के लिए अवसर लेकर आई है, वहीं पहले से निवेश कर चुके लोगों के लिए यह उतार-चढ़ाव चिंता का विषय बन सकता है।

1 जून 2026 को MCX पर सोने का भाव 1,54,908 रुपये प्रति 10 ग्राम था, जो 25 जून तक घटकर 1,39,843 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। यानी महज 25 दिनों में सोने की कीमत में 15,065 रुपये की गिरावट दर्ज हुई। इसी तरह चांदी 1 जून को 2,63,458 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार कर रही थी, जबकि 25 जून तक इसकी कीमत घटकर 2,18,680 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गई। इस दौरान चांदी में कुल 44,778 रुपये प्रति किलोग्राम की कमी आई।
जून में MCX पर सोने की कीमतों का उतार-चढ़ाव

तारीख - हाजिर कीमत (₹/10 ग्राम) - दैनिक बदलाव (₹) - 1 जून से कुल बदलाव (₹)


01-Jun-26 - 1,54,908 - - - 0
02-Jun-26 - 1,56,113 - +1,205 - +1,205
03-Jun-26 - 1,54,529 - -1,584 - -379
04-Jun-26 - 1,55,392 - +863 - +484
05-Jun-26 - 1,53,959 - -1,433 - -949
08-Jun-26 - 1,50,235 - -3,724 - -4,673
09-Jun-26 - 1,51,747 - +1,512 - -3,161
10-Jun-26 - 1,46,695 - -5,052 - -8,213
11-Jun-26 - 1,44,730 - -1,965 - -10,178
12-Jun-26 - 1,47,367 - +2,637 - -7,541
15-Jun-26 - 1,50,133 - +2,766 - -4,775
16-Jun-26 - 1,50,192 - +59 - -4,716
17-Jun-26 - 1,49,738 - -454 - -5,170
18-Jun-26 - 1,47,677 - -2,061 - -7,231
19-Jun-26 - 1,44,606 - -3,071 - -10,302
22-Jun-26 - 1,46,740 - +2,134 - -8,168
23-Jun-26 - 1,44,323 - -2,417 - -10,585
24-Jun-26 - 1,42,512 - -1,811 - -12,396
25-Jun-26 - 1,39,843 - -2,669 - -15,065

जून में MCX पर चांदी की कीमतों का उतार-चढ़ाव

तारीख - हाजिर कीमत (₹/किग्रा) - दैनिक बदलाव (₹) - 1 जून से कुल बदलाव (₹)


01-Jun-26 - 2,63,458 - - - 0
02-Jun-26 - 2,65,504 - +2,046 - +2,046
03-Jun-26 - 2,61,939 - -3,565 - -1,519
04-Jun-26 - 2,60,255 - -1,684 - -3,203
05-Jun-26 - 2,57,129 - -3,126 - -6,329
08-Jun-26 - 2,41,617 - -15,512 - -21,841
09-Jun-26 - 2,45,657 - +4,040 - -17,801
10-Jun-26 - 2,33,648 - -12,009 - -29,810
11-Jun-26 - 2,33,231 - -417 - -30,227
12-Jun-26 - 2,41,306 - +8,075 - -22,152
15-Jun-26 - 2,51,327 - +10,021 - -12,131
16-Jun-26 - 2,49,333 - -1,994 - -14,125
17-Jun-26 - 2,47,576 - -1,757 - -15,882
18-Jun-26 - 2,41,330 - -6,246 - -22,128
19-Jun-26 - 2,31,829 - -9,501 - -31,629
22-Jun-26 - 2,37,793 - +5,964 - -25,665
23-Jun-26 - 2,27,482 - -10,311 - -35,976
24-Jun-26 - 2,23,754 - -3,728 - -39,704
25-Jun-26 - 2,18,680 - -5,074 - -44,778

आखिर क्यों टूट रहे हैं सोने और चांदी के दाम?

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय आर्थिक परिस्थितियों का असर कीमती धातुओं की कीमतों पर साफ दिखाई दे रहा है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की सख्त मौद्रिक नीति और लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरें बनाए रखने के संकेतों ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया है। इसके चलते अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ है और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में भी तेजी आई है। जब डॉलर और बॉन्ड अधिक आकर्षक रिटर्न देने लगते हैं, तो निवेशक सोने और चांदी जैसी सुरक्षित परिसंपत्तियों से कुछ दूरी बना लेते हैं। यही वजह है कि जून के दौरान दोनों धातुओं में लगातार दबाव देखने को मिला और कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज हुई।

क्या यह खरीदारी का सही समय है?

जो निवेशक लंबी अवधि के नजरिए से सोने या चांदी में निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए मौजूदा स्तर आकर्षक माने जा सकते हैं। यदि बाजार में आगे भी कुछ और कमजोरी आती है, तो चरणबद्ध तरीके से खरीदारी करने वालों को भविष्य में बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना बन सकती है। हालांकि, वैश्विक आर्थिक संकेतकों और केंद्रीय बैंकों के फैसलों के चलते निकट अवधि में कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। इसलिए एकमुश्त निवेश करने के बजाय चरणबद्ध निवेश की रणनीति अधिक संतुलित मानी जा सकती है।

पहले से निवेश करने वालों के लिए क्या है सलाह?

जिन निवेशकों ने पहले ही सोने या चांदी में निवेश कर रखा है, उनके लिए विशेषज्ञ घबराकर निवेश बेचने की सलाह नहीं देते। मौजूदा गिरावट मुख्य रूप से वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, डॉलर की मजबूती और ब्याज दरों से जुड़ी है, न कि इन धातुओं की दीर्घकालिक उपयोगिता में किसी कमी के कारण। यदि निवेशक के पास अतिरिक्त पूंजी उपलब्ध है, तो वह धीरे-धीरे और निवेश करके अपनी औसत खरीद कीमत कम कर सकता है। इससे भविष्य में बाजार में सुधार होने पर बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना बढ़ सकती है। दीर्घकालिक निवेश के दृष्टिकोण से धैर्य बनाए रखना और सोच-समझकर निर्णय लेना अधिक उपयुक्त रणनीति मानी जाती है।