‘वंदे मातरम्’ को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कांग्रेस पर तीखा निशाना साधा है। नवी मुंबई में एक उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान उन्होंने दावा किया कि वर्ष 1937 में वोट की राजनीति के चलते मोहम्मद अली जिन्ना के दबाव में ‘वंदे मातरम्’ में बदलाव किया गया था। उन्होंने इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस की राजनीति पर सवाल उठाए।
गिरिराज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की विरासत और विकास को साथ लेकर चल रहे हैं। उनके मुताबिक, ‘वंदे मातरम्’ में केवल दो छंद नहीं बल्कि सभी छह छंद होने चाहिए। उन्होंने इसे भारत की पहचान और सनातन की अस्मिता से जोड़ते हुए अपनी बात रखी।
कांग्रेस पर वोट की राजनीति का आरोप
केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी को इस बात की चिंता है कि उसका वोट कहीं दूसरी तरफ न चला जाए। उन्होंने उत्तर प्रदेश में होने वाले चुनाव का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर मुस्लिम वोट को ध्यान में रखकर ‘वंदे मातरम्’ का विरोध करने का आरोप लगाया।
गिरिराज सिंह ने कहा कि इस मुद्दे को दूसरी दिशा में ले जाने की कोशिश कांग्रेस के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है। उन्होंने कांग्रेस को ‘वोट का सौदागर’ बताते हुए उसकी राजनीति पर सवाल उठाए।
राहुल गांधी पर भी साधा निशानागिरिराज सिंह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। पैलेट गन मामले में राहुल गांधी द्वारा एफआईआर दर्ज कराए जाने के संदर्भ में उन्होंने आरोप लगाया कि ‘वंदे मातरम्’ के मुद्दे से ध्यान हटाने के लिए यह कदम उठाया गया।
केंद्रीय मंत्री ने राहुल गांधी की कार्रवाई को लेकर ‘नाटक’ किए जाने का आरोप लगाया और कहा कि जिस समय यह मामला उठाया गया, उस समय वहां पहले से ही घटनाक्रम चल रहा था।
‘जो जिस राज्य में रहे, वहां की भाषा सीखे’नवी मुंबई में पत्रकारों से बातचीत के दौरान गिरिराज सिंह ने महाराष्ट्र में ऑटो-रिक्शा चालकों के लिए मराठी भाषा में बातचीत अनिवार्य किए जाने के मुद्दे पर भी अपनी राय रखी।
उन्होंने इस व्यवस्था का समर्थन करते हुए कहा कि जो व्यक्ति जिस राज्य में रहता है, उसे वहां की भाषा सीखनी चाहिए। हालांकि, उन्होंने सरकार से भाषा सीखने के लिए दी गई समयसीमा बढ़ाने की मांग भी की।
गिरिराज सिंह ने कहा कि लोगों को पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए ताकि उन्हें यह कहने का अवसर न मिले कि वे भाषा सीख नहीं पाए। उन्होंने महाराष्ट्र में गैर-मराठी भाषी समाज से जुड़े पहलू का भी उल्लेख किया।
केंद्रीय मंत्री नवी मुंबई में एक उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने ‘वंदे मातरम्’, कांग्रेस, राहुल गांधी और महाराष्ट्र में भाषा से जुड़े मुद्दों पर अपनी राय रखी।