Budget 2026: पर्यटन सेक्टर को मिली नई रफ्तार, बजट में किन-किन योजनाओं का हुआ ऐलान? यहां पढ़ें पूरी डिटेल

केंद्रीय बजट 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पर्यटन उद्योग को मजबूती देने के लिए कई अहम और दूरगामी घोषणाएं की हैं। इस बार बजट में टूरिज्म को सिर्फ घूमने-फिरने तक सीमित न रखकर रोज़गार, स्किल डेवलपमेंट, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और क्षेत्रीय विकास से जोड़ा गया है। टूरिस्ट गाइड्स की प्रोफेशनल ट्रेनिंग, हॉस्पिटैलिटी एजुकेशन को नई पहचान, विदेश यात्रा को सस्ता बनाने जैसे फैसलों के साथ सरकार ने साफ संकेत दिया है कि पर्यटन को आर्थिक विकास का मजबूत स्तंभ बनाने की तैयारी है। आइए विस्तार से जानते हैं कि बजट 2026 में टूरिज्म सेक्टर के लिए क्या-क्या बड़े फैसले लिए गए हैं और इनका असर कैसे दिख सकता है।

Budget 2026 में टूरिज्म सेक्टर से जुड़े प्रमुख ऐलान


नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी की स्थापना

पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में प्रोफेशनल एजुकेशन को नई दिशा देने के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया है। यह संस्थान इंडस्ट्री की जरूरतों के मुताबिक स्किल्ड प्रोफेशनल तैयार करेगा और अकादमिक जगत, पर्यटन उद्योग व सरकार के बीच एक मजबूत कड़ी के रूप में काम करेगा। इससे होटल मैनेजमेंट और टूरिज्म लीडरशिप को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने की उम्मीद है।

10,000 टूरिस्ट गाइड्स को मिलेगी विशेष ट्रेनिंग

पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ाने के उद्देश्य से 10,000 टूरिस्ट गाइड्स को ट्रेनिंग देने का ऐलान किया गया है। यह 12 हफ्तों का पायलट ट्रेनिंग प्रोग्राम होगा, जिसे इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (IIM) के सहयोग से 20 प्रमुख पर्यटन स्थलों पर लागू किया जाएगा। इससे गाइड्स की प्रोफेशनल स्किल्स बढ़ेंगी और पर्यटन सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा।

डिजिटल नॉलेज ग्रिड से जुड़ेगा पर्यटन

देश की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और आध्यात्मिक धरोहरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने के लिए नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड बनाने की घोषणा की गई है। इसके तहत पर्यटन स्थलों की डिजिटल मैपिंग, डॉक्यूमेंटेशन और डेटा शेयरिंग की जाएगी, जिससे यात्रियों को बेहतर जानकारी मिलेगी और डेस्टिनेशन प्लानिंग आसान होगी।

विदेश यात्रा होगी सस्ती, TCS में बड़ी कटौती

बजट 2026 में विदेशी टूर पैकेज पर लगने वाले TCS को 20 प्रतिशत से घटाकर मात्र 2 प्रतिशत कर दिया गया है। इस फैसले से अंतरराष्ट्रीय यात्रा की लागत कम होगी और ट्रैवल इंडस्ट्री को सीधी राहत मिलेगी। खासकर मिडिल क्लास और ट्रैवल एजेंसियों के लिए यह कदम काफी अहम माना जा रहा है।

नॉर्थ-ईस्ट में बौद्ध सर्किट का विकास

सरकार ने अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मिज़ोरम, सिक्किम और त्रिपुरा में बौद्ध सर्किट विकसित करने की योजना पेश की है। इसके तहत मठों का संरक्षण, तीर्थयात्री सुविधाओं का विकास और बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जाएगी। इससे नॉर्थ-ईस्ट भारत को अंतरराष्ट्रीय बौद्ध पर्यटन मानचित्र पर प्रमुख स्थान मिल सकता है।

ऐतिहासिक शहर बनेंगे कल्चरल टूरिज्म हब

धोलावीरा, राखीगढ़ी और सारनाथ जैसे प्राचीन और ऐतिहासिक स्थलों को अनुभव-आधारित सांस्कृतिक डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाएगा। इसका मकसद हेरिटेज टूरिज्म को बढ़ावा देना और देश की प्राचीन सभ्यता को आधुनिक टूरिज्म मॉडल से जोड़ना है।

पहाड़ी राज्यों में माउंटेन ट्रेल्स की सौगात

हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और कश्मीर में ट्रेकिंग और हाइकिंग को बढ़ावा देने के लिए माउंटेन ट्रेल्स विकसित किए जाएंगे। इससे एडवेंचर टूरिज्म को नई पहचान मिलेगी और बेहतर कनेक्टिविटी के चलते पर्यटक आसानी से पहाड़ी इलाकों तक पहुंच सकेंगे।

मेडिकल टूरिज्म को मिलेगा नया प्लेटफॉर्म

बजट में 5 रीजनल मेडिकल टूरिज्म हब स्थापित करने की घोषणा भी की गई है। ये हब इंटीग्रेटेड हेल्थकेयर कॉम्प्लेक्स के रूप में काम करेंगे, जहां मेडिकल ट्रीटमेंट के साथ एजुकेशन और रिसर्च की सुविधाएं भी होंगी। इससे भारत को ग्लोबल मेडिकल टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में मजबूत करने में मदद मिलेगी।

कुल मिलाकर, बजट 2026 में पर्यटन सेक्टर को लेकर किए गए ये ऐलान न सिर्फ टूरिज्म को बढ़ावा देंगे, बल्कि रोजगार सृजन, क्षेत्रीय संतुलन और आर्थिक विकास में भी अहम भूमिका निभा सकते हैं।