बजट 2026-27 में MSME सेक्टर को क्या-क्या मिला? छोटे कारोबारियों के लिए बड़े ऐलान

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश कर दिया है। यह उनका लगातार नौवां बजट रहा, जिसमें उन्होंने अर्थव्यवस्था के अलग-अलग क्षेत्रों के लिए कई अहम घोषणाएं कीं। इस बजट में खासतौर पर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों यानी MSME सेक्टर पर सभी की निगाहें टिकी हुई थीं। सरकार ने इस क्षेत्र को देश की आर्थिक रीढ़ मानते हुए कई ठोस कदमों का ऐलान किया है। इन फैसलों से न केवल छोटे कारोबारियों को सीधा लाभ मिलेगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे और छोटे शहरों व कस्बों की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

MSME सेक्टर के लिए बजट में क्या खास रहा?


बजट 2026-27 में MSME सेक्टर को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे गए हैं। वित्त मंत्री ने महात्मा गांधी हैंडलूम योजना की शुरुआत करने की घोषणा की, जिससे हथकरघा और पारंपरिक उद्योगों को नया जीवन मिलेगा। इसके साथ ही MSME सेक्टर के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान भी किया गया है। सरकार का फोकस इस बार छोटे शहरों और उभरते व्यापारिक केंद्रों पर ज्यादा नजर आ रहा है। बजट में 5 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त निवेश का ऐलान किया गया है।

इसके अलावा छोटे कारोबारियों को सस्ते ऋण उपलब्ध कराने के लिए सरकार गारंटी सुविधा भी प्रदान करेगी। एक और अहम फैसला यह है कि सरकार अब छोटी कंपनियों से सीधे सामान की खरीद करेगी, जिससे MSME उद्यमों को बाजार तक सीधी पहुंच मिलेगी और उनकी आय बढ़ेगी।

‘शिक्षा से रोजगार और उद्यम’ पर सरकार का फोकस

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में सेवा क्षेत्र को मजबूत करने पर भी जोर दिया। उन्होंने ‘शिक्षा से रोजगार और उद्यम’ नामक एक स्थायी समिति गठित करने की घोषणा की, जो इस क्षेत्र के लिए ठोस उपाय सुझाएगी। इस पहल के तहत ‘कॉरपोरेट मित्रों’ की एक टीम बनाई जाएगी, जो MSME उद्यमों को कम लागत में कानूनी और अनुपालन से जुड़ी जरूरतें पूरी करने में मदद करेगी।

सरकार इस योजना को प्रभावी बनाने के लिए ICAI, ICSI और ICMAI जैसे पेशेवर संस्थानों के साथ मिलकर अल्पकालिक पाठ्यक्रम और व्यावहारिक टूल विकसित करेगी, ताकि छोटे कारोबारी नियमों की जटिलताओं से आसानी से निपट सकें।

कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग और टेक्सटाइल सेक्टर को भी बढ़ावा

बजट में वैश्विक प्रतिस्पर्धा को ध्यान में रखते हुए कंटेनर विनिर्माण योजना का भी प्रस्ताव रखा गया है, जिससे भारत एक मजबूत औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र विकसित कर सके। इसके साथ ही तकनीकी वस्त्रों के मूल्यवर्धन पर केंद्रित मेगा टेक्सटाइल पार्क की स्थापना और पांच उप-खंडों वाले एकीकृत वस्त्र कार्यक्रम की भी घोषणा की गई है।

वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि भारत में उच्च गुणवत्ता और किफायती खेल सामग्री के वैश्विक हब के रूप में उभरने की अपार संभावनाएं हैं। इसके अलावा खादी और हथकरघा उद्योग को सशक्त बनाने के लिए ‘महात्मा गांधी ग्राम स्वराज’ पहल शुरू करने और देशभर में 200 पुराने औद्योगिक क्लस्टरों को पुनर्जीवित करने की योजना का भी ऐलान किया गया है।