कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने एक कार्यक्रम के दौरान देश के पसंदीदा प्रधानमंत्रियों और मुख्यमंत्रियों को लेकर अपनी राय साझा की। न्यूज24 के एक कार्यक्रम में हुए रैपिड फायर राउंड में दीपके ने जवाहरलाल नेहरू का नाम देश के सबसे अच्छे प्रधानमंत्री के तौर पर लिया। उनके साथ मौजूद CJP नेताओं आशुतोष रांका और सौरभ दास ने भी इस जवाब पर सहमति जताई।
मुख्यमंत्रियों के बारे में पूछे जाने पर दीपके ने एक से ज्यादा नेताओं का नाम लिया। उन्होंने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के काम का उल्लेख करते हुए उनकी आर्थिक उपलब्धियों की बात कही। इसके अलावा केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े मॉडल की भी तारीफ की।
केजरीवाल के काम का भी किया जिक्रअभिजीत दीपके ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का नाम भी अपनी पसंदीदा मुख्यमंत्रियों की सूची में शामिल किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में केजरीवाल के कार्यकाल के दौरान स्कूल और हेल्थकेयर के क्षेत्र में अच्छा काम हुआ।
दीपके ने अपने जवाब में यह भी कहा कि जहां किसी नेता ने अच्छा काम किया है, वहां वह उसे अच्छा ही बताएंगे। उन्होंने मुख्यमंत्रियों के तौर पर स्टालिन, पिनराई विजयन और केजरीवाल के काम का अलग-अलग संदर्भ में उल्लेख किया।
शिक्षा मंत्रियों पर क्या बोले?कार्यक्रम के दौरान देश के सबसे अच्छे शिक्षा मंत्री के बारे में सवाल पूछे जाने पर दीपके ने कहा कि उन्हें ऐसा कोई नाम नहीं लगता जिसे इस श्रेणी में रखा जा सके। उन्होंने प्राथमिक शिक्षा पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिए जाने की बात कही और इसे स्कूलों से जुड़ी मौजूदा स्थिति से जोड़ा।
CJP नेता आशुतोष रांका ने भी शिक्षा मंत्रालय की भूमिका को लेकर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि आम लोगों के बीच कई राज्यों के शिक्षा मंत्रियों की पहचान को लेकर जागरूकता कम है। उनके मुताबिक कुछ राज्यों में शिक्षा मंत्रालय को महत्वपूर्ण पद के बजाय ‘पुनिशमेंट पोस्टिंग’ की तरह देखा जाता है।
5 सितंबर को दिल्ली में मार्च निकालेगी CJPइस बीच CJP ने दिल्ली में 5 सितंबर को विरोध मार्च निकालने का ऐलान किया है। संगठन के मुताबिक यह मार्च इंडिया गेट से शुरू होकर दिल्ली पुलिस मुख्यालय की ओर जाएगा।
CJP का आरोप है कि परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ 36 दिन तक चले आंदोलन को समाप्त करने के दौरान केंद्र सरकार ने 25 जुलाई को जो वादे किए थे, उन्हें पूरा नहीं किया गया। इसी के विरोध में संगठन ने फिर मार्च का फैसला किया है।
पार्टी के अनुसार, मार्च में उन छात्रों के परिजन भी शामिल होंगे, जिन्होंने NEET परीक्षा रद्द होने और बाद में दोबारा परीक्षा कराए जाने के बाद आत्महत्या कर ली थी। जुलाई के आंदोलन के दौरान कथित पुलिस ज्यादती का सामना करने वाले छात्रों के परिजनों के भी मार्च में शामिल होने की बात कही गई है।