गणेश चतुर्थी पर घर पर बनाएं सत्तू के मोदक, बिना गैस और झंझट के तैयार होगी बप्पा की पसंदीदा मिठाई

गणेश चतुर्थी के मौके पर भगवान गणेश को मोदक का भोग लगाने की परंपरा है। इस बार अगर आप घर पर कुछ आसान और स्वादिष्ट बनाना चाहते हैं, तो चना सत्तू से तैयार होने वाले मोदक एक अच्छा विकल्प हो सकते हैं। इन्हें बनाने के लिए बहुत ज्यादा तैयारी की जरूरत नहीं पड़ती और सत्तू से मोदक दो अलग-अलग तरीकों से बनाए जा सकते हैं।

पहले तरीके में मोदक बनाने के लिए चने को पीसकर सत्तू तैयार किया जाता है। इस विधि की खास बात यह है कि इसमें गैस जलाने या किसी सामग्री को पकाने की जरूरत नहीं होती। वहीं दूसरे तरीके में सत्तू को घी के साथ हल्का भूनकर मोदक तैयार किए जाते हैं। इस विधि से बने मोदक लंबे समय तक चल सकते हैं।

सत्तू से मोदक बनाने का पहला तरीका


सबसे पहले भुने हुए चने लें और उनका छिलका निकाल दें। अब इन चनों को मिक्सी में डालकर बारीक पीस लें। तैयार चने के पाउडर यानी सत्तू को एक बड़े बाउल में निकाल लें।

इसके बाद मिक्सी में स्वादानुसार चीनी, थोड़ा नारियल पाउडर और 2-3 हरी इलायची के बीज डालकर अच्छी तरह पीस लें। तैयार पाउडर को सत्तू में डालकर सभी चीजों को अच्छी तरह मिला लें।

अब इस मिश्रण में थोड़ा-थोड़ा करके गाढ़ा दूध डालें और इसे आटे जैसी स्थिरता में गूंथ लें। ध्यान रखें कि मिश्रण बहुत पतला न हो। इसके बाद अपनी पसंद के ड्राई फ्रूट्स लेकर उन्हें बारीक काट लें। इस रेसिपी में काजू, बादाम और किशमिश का इस्तेमाल किया जा सकता है।
अब मोदक का सांचा लें। इसमें तैयार सत्तू के मिश्रण की थोड़ी मात्रा भरें और अंगूठे की मदद से बीच में जगह बनाएं। इस हिस्से में कटे हुए काजू, बादाम और किशमिश डालें। इसके ऊपर फिर से थोड़ा सत्तू का मिश्रण रखें और दबाकर अच्छी तरह सेट कर दें।

अब सांचे को सावधानी से खोलें और मोदक बाहर निकाल लें। इसी तरह सभी मोदक तैयार कर लें। इस तरीके से बने मोदक बिना गैस जलाए और बिना पकाए तैयार हो जाते हैं। इन्हें भगवान गणेश को भोग में चढ़ाया जा सकता है और परिवार के सदस्यों को प्रसाद के रूप में खिलाया जा सकता है।

सत्तू मोदक बनाने का दूसरा तरीका


अगर आप ऐसे मोदक बनाना चाहते हैं जो लंबे समय तक रखे जा सकें, तो सत्तू से मोदक बनाने की दूसरी विधि आजमा सकते हैं। इसके लिए चना सत्तू लें और कड़ाही में थोड़ा घी डालकर इसे धीमी आंच पर भूनें।

सत्तू पहले से भुना हुआ होता है, इसलिए इसे बेसन की तरह लंबे समय तक पकाने की जरूरत नहीं होती। करीब 15-20 मिनट तक धीमी आंच पर सत्तू को भूनने के बाद इसमें बूरा और अपनी पसंद के ड्राई फ्रूट्स मिला दें।

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इसके बाद इस मिश्रण से मोदक का आकार तैयार करें। अगर आप घी की मात्रा कम रखना चाहते हैं और मिश्रण आसानी से तैयार नहीं हो रहा है, तो इसमें चीनी की चाशनी मिलाई जा सकती है। इससे मोदक का डो आसानी से तैयार हो जाता है और उसे आकार देना भी सरल रहता है।

लंबे समय तक चल सकते हैं ये मोदक

दूसरे तरीके से तैयार किए गए सत्तू मोदक काफी लंबे समय तक रखे जा सकते हैं। इनमें इस्तेमाल किए गए ड्राई फ्रूट्स इनके स्वाद को और खास बनाते हैं। गणेश चतुर्थी के दौरान इन्हें भगवान गणेश के भोग में रोजाना भी चढ़ाया जा सकता है।