वॉशिंग मशीन बनाती है आपका काम आसान, इससे जुड़े टिप्स बड़े काम के

वॉशिंग मशीन महिलाओं के लिए आज के समय की लाइफलाइन कही जाए तो इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं होनी चाहिए। क्योंकि महिलाओं के सबसे ज्यादा मेहनत का काम होता हैं कपड़ों की धुलाई जो इसकी मदद से आसान हो जाती हैं। लेकिन इसे काम में लेते समय सावधानी बरतने की जरूरत होती हैं अन्यथा यह आपका साथ बहुत जल्दी छोड़ सकती हैं। इसलिए आज हम आपके लिए वॉशिंग मशीन के इस्तेमाल से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारीलेकर आए हैं जो आपके लिए बहुत फायदेमंद साबित होगी। तो आइये जानते हैं वाशिंग मशीन के इस्तेमाल से जुड़े टिप्स के बारे में।

कपड़ों को अलग-अलग धोने की करें कोशिश
कपड़ों को धोने से पहले उन्हें अलग-अलग करें जैसे ज्यादा गंदे कपड़ों को अलग धोएं तो कम गंदे कपड़ों को अलग। इसी तरह ऊनी और सूती कपड़ों को भी अलग कर लें। कमीजों, पैंटों, नए सूती कुरतों आदि को अलग धोएं तो चादरों, तौलियों और नाइट सूटों को अलग से धोएं। सभी कपड़ों को एकसाथ मशीन में भर देना उचित नहीं है।

वॉशिंग मशीन में कपड़े डालने से पहले रखें ये ध्यान
मशीन में कपड़ों को डालने का भी एक तरीका होता है जैसे कि बड़े कपड़े सबसे पहले फिर उन से छोटे और फिर उन से छोटे। कपड़ों की तह को खोल कर डालें। अगर कपड़ों को यों ही मशीन में भर देंगी तो वे आपस में उलझ जाएंगे और फिर जिस समय मशीन स्पंज करती है, तो उन के फटने और मशीन में एरर आ कर रुक जाने की स्थिति भी उत्पन्न हो जाती है।

रंग निकलने वाले कपड़ों को रखें अलग
कोई भी नया कपड़ा डालने से पहले चैक कर लें कि उस का रंग तो नहीं निकल रहा, क्योंकि अगर रंग निकलने वाला कपड़ा हुआ तो मशीन में डाले गए सारे कपड़े खराब हो जाएंगे।

मशीन के इस्तेमाल से पहले पढ़ें बुकलेट
कई मशीनों की बुकलेट में लिखा होता है कि नौर्मल डिटर्जैंट के साथ आधा ढक्कन मशीन का डिटर्जैंट भी डालें, जो अलग से खरीदना होता है। लेकिन कई बार महिलाएं सोचती हैं कि इसे खरीदने की क्या जरूरत है। मगर यह सोच ठीक नहीं है, क्योंकि उस डिटर्जैंट की वजह से ही तो कपड़े ज्यादा साफ होते हैं।

वॉशिंग मशीन के लिए चुनें सही डिटरजेंट
डिटर्जैंट चुनते वक्त पहले यह तय कर लें कि पाउडर का इस्तेमाल करना है या लिक्विड डिटर्जैंट का। लिक्विड डिटर्जैंट अपेक्षाकृत ज्यादा महंगा होता है पर इस बात को भी ध्यान में रखें कि अगर आप कपड़े धोने के लिए ठंडे पानी का इस्तेमाल करती हैं तो पाउडर पानी में आसानी से नहीं घुलेगा। बेहद मुलायम कपड़ों को धोने के लिए लिक्विड डिटर्जैंट का इस्तेमाल करें।

फैब्रिक का रखें ध्यान
डिटर्जैंट का इस्तेमाल करते समय फैब्रिक का भी ध्यान रखें। सिल्क या ऊनी कपड़ों की धुलाई के लिए मुलायम डिटर्जैंट का इस्तेमाल करें। बच्चों के कपड़ों की धुलाई के लिए बेहद मुलायम डिटर्जैंट का इस्तेमाल करें, क्योंकि बच्चों की त्वचा बेहद संवेदनशील होती है। सफेद कपड़ों की धुलाई के लिए ब्लीच फौर्मूला वाले डिटर्जैंट का इस्तेमाल करें तो रंगीन कपड़ों की धुलाई के लिए ऐसे डिटर्जैंट का इस्तेमाल करें जिस से कि कपड़ों में चमक आ जाए। वाशिंग मशीन में कपड़े धोते वक्त सब से पहले डिटर्जैंट डालें और फिर कपड़े, क्योंकि कपड़ों के ऊपर डिटर्जैंट डालने से न सिर्फ कपड़ों में डिटर्जैंट के चिपके रहने की आशंका रहती है, बल्कि कपड़ों का रंग भी उड़ जाता है।

दाग-धब्बों वाले कपड़ों का रखें ध्यान
कपड़ों को वाशिंग मशीन में डालने से पहले उन पर लगे दागधब्बों को हाथ से छुड़ा लें। दरअसल, वाशिंग मशीन में दाग लगे कपड़ों को सीधा डालने से निशान और गहरे हो जाते हैं।

कपड़े धोने के बाद भी करें मशीन की सफाई
कपड़े धोने के बाद वाशिंग मशीन का डिटर्जैंट बौक्स भी साफ करना जरूरी है। उसमें बचा वाशिंग पाउडर जरूर निकाल लें और अच्छी तरह साफ करें। यदि संभव हो, तो पूरे बौक्स को बाहर निकाल लें और किसी पुराने टूथब्रश से साफ कर लें। वाशिंग मशीन के अंदर का ड्रम भी साफ करती रहें ताकि मशीन साफ रहे। उस में कई सारे छोटेछोटे छिद्र होते हैं, जिन में कीटाणु जमा हो जाते हैं। बेहतर है हर महीने खाली मशीन चला दें। इस के लिए डिशवाशर टैबलेट और गरम पानी का इस्तेमाल करें।