गर्मियों के महीनों खासकर मई और जून में दोपहर के समय तापमान बेहद ज्यादा बढ़ जाता है, जिससे एयर कंडीशनर (AC) पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। कई बार लोगों को लगता है कि AC की गैस लीक हो गई है, क्योंकि कमरा पहले की तरह जल्दी ठंडा नहीं होता। हालांकि सच्चाई यह है कि अधिकतर मामलों में गैस लीक नहीं होती, बल्कि गलत सेटिंग्स और भारी हीट लोड की वजह से कूलिंग प्रभावित होती है। आज के आधुनिक AC 50 डिग्री तक के तापमान में भी बेहतर कूलिंग देने में सक्षम होते हैं, लेकिन सही मोड का इस्तेमाल न करने पर उनका प्रदर्शन कमजोर हो सकता है।
AC की सही सेटिंग से बढ़ाएं कूलिंगहर Split या Window AC के साथ मिलने वाला रिमोट कई जरूरी मोड्स के साथ आता है, जिनका सही उपयोग कूलिंग को काफी हद तक बेहतर बना सकता है। आमतौर पर लोग Auto Mode का इस्तेमाल करते हैं, जिसमें AC कमरे के तापमान के अनुसार खुद ही कूलिंग कम या ज्यादा करता रहता है। यही नहीं, तापमान कम होने पर यह कंप्रेसर को भी बंद कर देता है, जिससे कूलिंग धीमी लग सकती है।
अगर आपका AC गैस लीक के बिना भी दोपहर में ठीक से ठंडा नहीं कर पा रहा है, तो सबसे पहले Auto Mode को बदलकर Cool Mode चुनें। इसके साथ Fan Mode या Dry Mode का उपयोग करने से बचें क्योंकि ये कूलिंग को सीमित कर देते हैं। Cool Mode पर सेट करने से कंप्रेसर लगातार बेहतर क्षमता के साथ काम करता है और कमरे को तेजी से ठंडा करता है। कई मॉडल्स में मौजूद Turbo Mode को ऑन करने पर तेज़ और तुरंत कूलिंग मिलती है, जो भीषण गर्मी में बेहद उपयोगी साबित होता है।
बेहतर कूलिंग के लिए इन बातों का रखें ध्यानसिर्फ मोड बदलना ही पर्याप्त नहीं है, AC की परफॉर्मेंस बनाए रखने के लिए नियमित देखभाल भी जरूरी है। समय-समय पर AC के एयर फिल्टर की सफाई करते रहें, क्योंकि धूल और गंदगी जमा होने से एयरफ्लो बाधित होता है और कूलिंग कम हो जाती है।
इसके अलावा, जिस कमरे में AC चल रहा है उसे पूरी तरह से बंद और सील रखना चाहिए ताकि बाहर की गर्म हवा अंदर न आ सके। खिड़कियों और दरवाजों से आने वाली गर्मी AC पर अतिरिक्त लोड डालती है। बेहतर परिणाम के लिए समय-समय पर AC की सर्विसिंग और डीप क्लीनिंग करवाना भी जरूरी है, जिससे लंबे समय तक इसकी कूलिंग क्षमता बनी रहती है और किसी तरह की परेशानी नहीं आती।