दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लोरिश स्टे बी एंड बी होटल में लगी भीषण आग ने एक बार फिर अग्नि सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस हादसे में 21 लोगों की मौत की खबर सामने आने के बाद आम लोगों के बीच चिंता बढ़ गई है कि आखिर घरों में आग लगने की घटनाओं को कैसे रोका जाए। विशेषज्ञों का मानना है कि अधिकांश अग्निकांड अचानक नहीं होते, बल्कि छोटी-छोटी लापरवाहियां धीरे-धीरे बड़े हादसे का रूप ले लेती हैं। अक्सर लोग गैस सिलेंडर या खुली लौ को ही सबसे बड़ा खतरा मानते हैं, जबकि घर के भीतर मौजूद कई सामान्य चीजें भी आग लगने की वजह बन सकती हैं।
रसोई घर में बरती जाने वाली लापरवाही बन सकती है खतराघरेलू आग की घटनाओं में सबसे बड़ा योगदान किचन से जुड़ी गलतियों का होता है। कई लोग खाना बनाते समय गैस चालू छोड़कर दूसरे कामों में व्यस्त हो जाते हैं या फिर तेज आंच पर पक रहे भोजन पर ध्यान नहीं देते। इसके अलावा चूल्हे के आसपास तौलिए, कागज या अन्य ज्वलनशील वस्तुएं रखना भी जोखिम को बढ़ा देता है। रसोई में थोड़ी सी असावधानी कुछ ही मिनटों में गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। इसलिए खाना बनाते समय लगातार निगरानी रखना और किचन को व्यवस्थित रखना बेहद जरूरी माना जाता है।
बिजली की खराब व्यवस्था से बढ़ता है आग का जोखिमविशेषज्ञों के अनुसार घरों में लगने वाली आग के पीछे शॉर्ट सर्किट एक प्रमुख कारण होता है। पुराने तार, जर्जर स्विच बोर्ड और एक ही प्लग पॉइंट में कई उपकरण जोड़ना खतरनाक साबित हो सकता है। कई बार वायरिंग के भीतर उत्पन्न हुई चिंगारी धीरे-धीरे फैलती है और जब तक लोगों को इसका पता चलता है, तब तक आग बड़ा रूप ले चुकी होती है। ऐसे में समय-समय पर बिजली के सिस्टम की जांच करवाना और खराब उपकरणों को बदलना आवश्यक है।
मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स भी बन सकते हैं वजहआज के समय में लगभग हर घर में मोबाइल फोन, लैपटॉप, टैबलेट और पावर बैंक जैसे उपकरण मौजूद हैं। हालांकि इनका उपयोग सुविधाजनक है, लेकिन लापरवाही बरतने पर यही डिवाइस खतरा भी पैदा कर सकते हैं। नकली या खराब गुणवत्ता वाले चार्जर का इस्तेमाल, बैटरी का अधिक गर्म होना और लंबे समय तक लगातार चार्जिंग पर रखना आग लगने की संभावना बढ़ा सकता है। विशेष रूप से रातभर चार्जिंग पर छोड़े गए उपकरणों को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
मोमबत्ती, दीया और अगरबत्ती के इस्तेमाल में सावधानी जरूरीधार्मिक कार्यों, सजावट या अन्य कारणों से लोग अक्सर मोमबत्ती, दीया और अगरबत्ती का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन इन्हें पर्दों, फर्नीचर, किताबों या कागज जैसी ज्वलनशील वस्तुओं के पास रखना बेहद जोखिम भरा हो सकता है। कई बार छोटी सी लौ भी कुछ ही पलों में पूरे कमरे में आग फैला सकती है। इसलिए घर से बाहर निकलने या सोने से पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि सभी खुली लौ वाले स्रोत पूरी तरह बुझ चुके हों।
एयरोसोल उत्पादों को लेकर न बरतें लापरवाहीडिओडोरेंट, रूम फ्रेशनर, स्प्रे पेंट और ड्राई शैंपू जैसी एयरोसोल कैन देखने में सामान्य लगती हैं, लेकिन इनमें मौजूद गैस अत्यधिक ज्वलनशील हो सकती है। यदि इन्हें गैस स्टोव, हीटर या तेज धूप वाली जगह पर रखा जाए तो इनके फटने का खतरा बढ़ जाता है। कई अग्निकांडों में ऐसे उत्पादों की भूमिका सामने आ चुकी है। इसलिए इन्हें हमेशा ठंडी और सुरक्षित जगह पर रखना चाहिए।
घर में जमा अनावश्यक सामान भी बढ़ाता है खतराकई घरों में पुराने अखबार, बेकार कपड़े, कार्डबोर्ड बॉक्स और अन्य सामान वर्षों तक जमा रहता है। यह कबाड़ आग फैलने की गति को कई गुना बढ़ा सकता है। इतना ही नहीं, आपातकालीन स्थिति में अधिक सामान होने के कारण लोगों के लिए सुरक्षित बाहर निकलना भी मुश्किल हो जाता है। इसलिए समय-समय पर अनावश्यक वस्तुओं को हटाना और घर में पर्याप्त खुली जगह बनाए रखना सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है।
छोटी सावधानियां बचा सकती हैं बड़ी दुर्घटनाओं सेअग्नि सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि घर में आग लगने की अधिकांश घटनाओं को पहले से रोका जा सकता है। इसके लिए नियमित रूप से बिजली की वायरिंग की जांच, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की सही देखभाल, रसोई में सतर्कता और ज्वलनशील वस्तुओं के सुरक्षित उपयोग जैसी आदतें अपनाना जरूरी है। साथ ही घर में फायर एक्सटिंग्विशर रखना और परिवार के सदस्यों को आपातकालीन स्थिति से निपटने की जानकारी देना भी बेहद उपयोगी साबित हो सकता है। थोड़ी सी जागरूकता और जिम्मेदारी न केवल संपत्ति की सुरक्षा करती है, बल्कि कई बार अनमोल जिंदगियां भी बचा सकती है।