अगर आप अपने घर की बगिया, छत या गमले में टमाटर का पौधा लगाते हैं, तो अक्सर यह समस्या सामने आती है कि पौधे में फूल तो आते हैं लेकिन फल कम लगते हैं, या फिर फूल झड़ जाते हैं और टमाटर बनने में दिक्कत होती है। ऐसे में लोग महंगे बाजारू फर्टिलाइजर का सहारा लेते हैं, लेकिन जरूरी नहीं कि हर बार पैसे खर्च करने पड़ें। आपकी रसोई में मौजूद एक साधारण-सा चीज—केले का छिलका—टमाटर के पौधे के लिए एक प्राकृतिक और बेहद असरदार खाद की तरह काम कर सकता है।
केले का छिलका क्यों है टमाटर के लिए फायदेमंद?टमाटर के पौधे को बेहतर ग्रोथ और ज्यादा फल देने के लिए पोटेशियम, फॉस्फोरस और कैल्शियम जैसे पोषक तत्वों की जरूरत होती है। केले के छिलके में पोटेशियम की मात्रा काफी अधिक होती है, जो पौधे की ग्रोथ को तेज करता है और फूलों को गिरने से बचाता है। इससे फूल मजबूत होकर बड़े और रसदार टमाटरों में बदलने लगते हैं।
इसके अलावा इसमें मौजूद मैग्नीशियम और कैल्शियम पौधे की जड़ों को मजबूती प्रदान करते हैं, जिससे पौधा स्वस्थ रहता है और उसकी उपज क्षमता बढ़ जाती है।
इस्तेमाल करने के आसान तरीके
1. सीधे मिट्टी में डालने का तरीकाकेले के छिलकों को छोटे टुकड़ों में काट लें। फिर टमाटर के पौधे की जड़ों से थोड़ी दूरी पर मिट्टी में हल्का गड्ढा करके इन टुकड़ों को दबा दें और ऊपर से पानी डाल दें। धीरे-धीरे यह छिलके सड़कर प्राकृतिक खाद में बदल जाते हैं और पौधे को लगातार पोषण देते रहते हैं।
2. ‘बनाना पील लिक्विड फर्टिलाइजर’ तैयार करें3 से 4 केले के छिलकों को एक लीटर पानी में डालकर 2 से 3 दिन तक ढककर रख दें। इसके बाद इस मिश्रण को छान लें। तैयार लिक्विड में बराबर मात्रा में पानी मिलाकर हर 15 दिन में टमाटर के पौधे की जड़ों में डालें। यह उपाय पौधे पर तेजी से असर दिखाता है और ग्रोथ को बढ़ाता है।
3. केले के छिलके का पाउडरकेले के छिलकों को धूप में अच्छी तरह सुखा लें जब तक वे पूरी तरह कड़क न हो जाएं। इसके बाद उन्हें मिक्सी में पीसकर पाउडर बना लें। इस पाउडर को महीने में लगभग दो चम्मच की मात्रा में मिट्टी की गुड़ाई के बाद पौधे में डालें। इससे मिट्टी की गुणवत्ता सुधरती है और पौधे को लंबे समय तक पोषण मिलता रहता है।